यूपी: जिले में 10 जघन्य वारदात को अंजाम देने वालों पर कसेगा शिकंजा, आईजी ने जारी किए निर्देश
रेंज के जिलों कानपुर आउटर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज और फर्रुखाबाद के कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वह दस जघन्य मामलों को चिह्नित करें।
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मकसद है कि इन केसों की मजबूत साक्ष्य जुटाकर ठीक से पैरवी करना। जिससे आरोपियों को सख्त से सख्त सजा हो सके। रेंज के जिलों कानपुर आउटर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज और फर्रुखाबाद के कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वह दस जघन्य मामलों को चिह्नित करें।
इन केसों का एसपी खुद पर्यवेक्षण करें। टीम गठित करवाकर इनकी विवेचनाएं पूरी कराएंगे। इसमें विशेष ध्यान रखना होगा कि आरोपों के सापेक्ष साक्ष्य जुटाए जाएं। खासकर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य। जिससे आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता मिल सके। जैसे जैसे विवेचनाएं पूरी होती रहेगी वैसे-वैसे नए केस उसमें शामिल होते रहेंगे।
दुष्कर्म, हत्या जैसे मामलों में एसपी को निर्देशित किया गया है कि डीएनए जांच जरूर कराएं। कई दुष्कर्म व हत्या के मामलों में डीएनए जांच रिपोर्ट सजा दिलाने में सबसे ठोस सुबूत साबित हुई है। इसलिए अब जघन्य अपराधों में डीएनए जांच कराने के निर्देशित किया गया है। रेंज के जिलों के कप्तानों को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसकी निगरानी आईजी रेंज करेंगे।
रिकॉर्ड समय में लगाए चार्जशीट
छेड़खानी, पॉक्सो व दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर डीजीपी ने बेहद सख्त निर्देश दिए हैं। मासूम बच्चों के साथ होने वाली ऐसी वारदातों में अफसरों को निर्देशित किया है कि रिकार्ड समय में चार्जशीट लगाएं। जैसे ही शिकायत मिलें एफआईआर दर्ज करें। तत्काल विवेचना शुरू कर साक्ष्य जुटाएं और आरोप पत्र दाखिल करें। देरी होने से आरोपी को लाभ मिलता है।
रेंज के जिलेवार शीर्ष दस बड़े केसों की सूची तैयार की जा रही है। एक-एक केस की निगरानी की जाएगी। विवेचना से लेकर कोर्ट की सुनवाई तक। एक सप्ताह के भीतर सूची सभी एसपी से मांगी गई है। उसके बाद समीक्षा की जाएगी।
मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर