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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   School vehicles are running without any fear, ignoring the rules.

Kanpur News: नियम ताक पर रख, बेखौफ दौड़ रहे स्कूली वाहन

Sun, 09 Nov 2025 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 09 Nov 2025 12:28 AM IST
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School vehicles are running without any fear, ignoring the rules.
कानपुर देहात। जिले में अवैध स्कूल वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं। ये आए दिन हादसों का कारण भी बन रहे हैं। इसके बाद भी परिवहन विभाग इन पर कार्रवाई करने के लिए गंभीर नहीं हैं। यह स्थिति तब है जब जनपद में यातायात माह मनाते हुए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
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जिले के परिवहन विभाग में 610 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 426 स्कूली बस व 184 मैक्सी कैब संचालित हैं, लेकिन सड़कों पर इससे दो गुने स्कूली वाहन फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। शासन की तरफ से स्कूली वाहनों के लिए मानक तय कर रखे हैं। जिसका पालन करवाने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को दी है। इसके बाद भी अनदेखी हो रही है।
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जिम्मेदारों की नींद भी तब टूटती है, जब कोई बड़ा हादसा होता है। एक दो दिन अभियान चलाकर खानापूर्ति कर दी जाती है और इसके बाद सब ठंडे बस्ते में चला जाता है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने अकबरपुर में शनिवार को पड़ताल की तो कई स्कूली बच्चे ई-रिक्शा व ऑटो से स्कूल जाते व वापसी करते नजर आए। जबकि कई निजी वाहन चालक स्कूली बच्चों को बैठाकर चौराहे से गुजरते रहे और यातायात पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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अकबरपुर अंडरपास, समय- दोपहर 1:30 बजे
प्रतिबंध के बाद भी ई-रिक्शा से ढोए जा रहे बच्चे

अकबरपुर अंडरपास पहुंचने पर कई स्कूली बच्चे ई-रिक्शा में बैठे नजर आए। इनमें बच्चों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नजर नहीं आए। ऐसे में दुर्घटना होने पर बड़ी अनहोनी हो सकती है। ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को लेकर जाने व वापसी लाने पर प्रतिबंध है, लेकिन इसका असर जनपद में नहीं दिखाई दे रहा है।
......................माती रोड, समय- दोपहर 1:45 बजे
क्षमता से अधिक बच्चे बैठा चल रहे निजी वाहन
निजी वाहनों से स्कूली बच्चों को बैठाकर चलना मना है। इसके बावजूद कई संचालक निजी वाहनों से बच्चों को लेकर जाते व आते हैं। माती रोड पर ऐसी छह वैन व मैक्सी कैब नजर आई, जिसमें न तो बच्चों की सुरक्षा के लिए जाली लगी थी और न ही पीले रंग से पेंट थी। वहीं बच्चे भी क्षमता से अधिक बैठे दिखे।
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रूरा में बजरंग चौराहा, समय दोपहर दो बजे
निजी वाहनों में सुरक्षा के इंतजाम नहीं
यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने वाले चौराहों पर तैनात रहते हैं, लेकिन इन्हें नियमों को ताक पर रख स्कूली बच्चों को निजी वाहनों से लेकर जाते चालक नजर नहीं आते हैं। बजरंग चौराहे पर पहुंचने पर एक निजी वाहन से स्कूली बच्चे उतरते नजर आए। वाहन में न तो सुरक्षा के इंतजाम नजर आए और न ही उसमें पीले रंग का पेंट था।

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वर्जन....
ई-रिक्शा व निजी वाहन का स्कूली वाहन के तौर पर प्रयोग करना सख्त मना हैं। ऐसे चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अक्तूबर माह में इनके खिलाफ अभियान चलाते हुए करीब 38 वाहनों का चालान किया गया है। एक बार फिर से अभियान चलाया जाएगा। - सोमलता यादव, एआरटीओ (प्रवर्तन)
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स्कूल वाहनों के लिए जरूरी हैं ये सुरक्षा मानक
- वाहन का रजिस्ट्रेशन
- प्रदूषण और इंश्योरेंस प्रमाण पत्र
- फिटनेस प्रमाण पत्र
- वाहन में अग्निशमन यंत्र
- वाहन में जीपीएस एवं स्पीड गवर्नर
- सीसीटीवी कैमरा
- स्पीड कंट्रोल डिवाइस
- तय सीटिंग क्षमता के हिसाब से बच्चों को बैठाना
- चालक को कम से कम पांच वर्ष का अनुभव
- वाहन पर पुलिस हेल्पलाइन का नंबर
- वाहन पीले रंग से पेंट होना
- खिड़कियों पर जाली लगी होना
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