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Kanpur News: पोर्टल पर 60 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति हैंग
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कानपुर। समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति पोर्टल की तकनीकी खामियां 60 हजार छात्र-छात्राओं की परेशानी का कारण बन गई हैं। छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र फाॅर्म ही नहीं भर पा रहे हैं। कहीं बैंक की शाखा और आईएफएससी कोड का विकल्प नहीं खुल रहा है तो कहीं पुराने छात्रों का छात्रवृत्ति रजिस्ट्रेशन नंबर गलत बता रहा है। छात्र समस्या लेकर कॉलेज, विश्वविद्यालय और समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं पर समस्याओं का समाधान नहीं निकल पा रहा है।
शहर में हर साल पूर्वदशम छात्रवृत्ति के करीब छह हजार और दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लगभग 73 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलता है। इस साल भी आवेदन प्रक्रिया चल रही है। संस्थानों से मिली जानकारी के अनुसार अभी करीब 75 फीसदी छात्र ऐसे हैं जिनके आवेदन विभिन्न स्तरों पर अटके हैं। नए आवेदकों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है जबकि पुराने आवेदकों को 15 अक्तूबर तक आवेदन करना है। ऐसे में तकनीकी समस्या दूर नहीं हुई तो अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ छात्रों की परेशानी और बढ़ सकती है।
बैंक की शाखा चुनने का विकल्प ही नहीं
ऑनलाइन आवेदन में छात्रों को बैंक से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होती है। पोर्टल पर बैंक का नाम चुनने का विकल्प तो दिखाई दे रहा है लेकिन कई मामलों में बैंक की शाखा और आईएफएससी कोड का विकल्प नहीं खुल रहा। खासकर नगर की बैंक शाखाओं से संबंधित छात्रों को यह समस्या अधिक झेलनी पड़ रही है। बैंक का नाम चयनित करने के बाद आगे की जानकारी दर्ज नहीं हो पा रही जिससे फाॅर्म अधूरा रह जा रहा है।
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पुराने छात्रों का रजिस्ट्रेशन नंबर भी गलत
दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों को भी पोर्टल की तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बैंक शाखा से जुड़ी दिक्कत के साथ उनके पुराने छात्रवृत्ति रजिस्ट्रेशन नंबर को भी पोर्टल कई बार गलत बता रहा है। इससे वह आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।जिन छात्रों को अपना छात्रवृत्ति रजिस्ट्रेशन पासवर्ड याद नहीं है, वे रोल नंबर डालते थे तो पासवर्ड फिर से मिल जाता था पर अब सही रोल नंबर डालने के बावजूद पोर्टल उसे गलत बता रहा है।
आधार से डिटेल आ रही पर फोटो गायब
आवेदन प्रक्रिया में आधार नंबर के माध्यम से छात्रों की जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित हो रही है। कई मामलों में छात्र की अन्य जानकारी तो सामने आ रही है लेकिन फोटो नहीं दिख रही। इससे छात्र असमंजस में हैं कि आवेदन को आगे बढ़ाया जाए या तकनीकी समस्या दूर होने का इंतजार किया जाए।
एक फाॅर्म खोलने में लग रहे कई मिनट
तकनीकी खामियों के साथ पोर्टल की धीमी रफ्तार भी छात्रों और संस्थानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ संस्थानों में टीम बनाई गई हैं। टीम के सदस्यों के अनुसार पोर्टल पर एक फाॅर्म खोलने में ही कई मिनट लग रहे हैं। फाॅर्म खुलने के बाद बैंक शाखा, आईएफएससी कोड या रजिस्ट्रेशन नंबर की समस्या सामने आ जाती है। इससे पूरी प्रक्रिया फिर वहीं अटक जाती है।
अंतिम तिथि के दबाव में छात्र
एक तरफ पोर्टल पर आवेदन नहीं हो पा रहे हैं, दूसरी तरफ संस्थानों की ओर से छात्रों को लगातार संदेश भेजकर फाॅर्म भरने के लिए कहा जा रहा है। छात्र जब पोर्टल की समस्या बताते हैं तो कई बार कॉलेज स्तर पर भी इसका समाधान नहीं मिल पा रहा है। छात्रों का कहना है कि तकनीकी समस्या उनकी ओर से नहीं है, फिर भी अंतिम तिथि निकलने का दबाव उन्हीं पर है। उन्होंने मांग की है कि पोर्टल की खामियों को जल्द दूर किया जाए और तकनीकी कारणों से आवेदन न कर पाने वाले छात्रों को अतिरिक्त समय दिया जाए।
काफी समय से फार्म भरने का प्रयास कर रहा हूं। कभी साइट स्लो चलती है। साइट खुलती है तो कई सारे विकल्प नहीं आते। कई-कई दिन हो गए, संस्थान की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता।-- -- सत्यप्रिया शुक्ला
बैंक की ब्रांच और आईएफसी कोड का विकल्प नहीं आ रहा है। कॉलेज के लोग बार बार प्रयास करने के लिए बोलते हैं। लेकिन अभी तक फार्म भरा नहीं है। उज्ज्वल यादव
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शहर में हर साल पूर्वदशम छात्रवृत्ति के करीब छह हजार और दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लगभग 73 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलता है। इस साल भी आवेदन प्रक्रिया चल रही है। संस्थानों से मिली जानकारी के अनुसार अभी करीब 75 फीसदी छात्र ऐसे हैं जिनके आवेदन विभिन्न स्तरों पर अटके हैं। नए आवेदकों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है जबकि पुराने आवेदकों को 15 अक्तूबर तक आवेदन करना है। ऐसे में तकनीकी समस्या दूर नहीं हुई तो अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ छात्रों की परेशानी और बढ़ सकती है।
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बैंक की शाखा चुनने का विकल्प ही नहीं
ऑनलाइन आवेदन में छात्रों को बैंक से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होती है। पोर्टल पर बैंक का नाम चुनने का विकल्प तो दिखाई दे रहा है लेकिन कई मामलों में बैंक की शाखा और आईएफएससी कोड का विकल्प नहीं खुल रहा। खासकर नगर की बैंक शाखाओं से संबंधित छात्रों को यह समस्या अधिक झेलनी पड़ रही है। बैंक का नाम चयनित करने के बाद आगे की जानकारी दर्ज नहीं हो पा रही जिससे फाॅर्म अधूरा रह जा रहा है।
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पुराने छात्रों का रजिस्ट्रेशन नंबर भी गलत
दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों को भी पोर्टल की तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बैंक शाखा से जुड़ी दिक्कत के साथ उनके पुराने छात्रवृत्ति रजिस्ट्रेशन नंबर को भी पोर्टल कई बार गलत बता रहा है। इससे वह आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।जिन छात्रों को अपना छात्रवृत्ति रजिस्ट्रेशन पासवर्ड याद नहीं है, वे रोल नंबर डालते थे तो पासवर्ड फिर से मिल जाता था पर अब सही रोल नंबर डालने के बावजूद पोर्टल उसे गलत बता रहा है।
आधार से डिटेल आ रही पर फोटो गायब
आवेदन प्रक्रिया में आधार नंबर के माध्यम से छात्रों की जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित हो रही है। कई मामलों में छात्र की अन्य जानकारी तो सामने आ रही है लेकिन फोटो नहीं दिख रही। इससे छात्र असमंजस में हैं कि आवेदन को आगे बढ़ाया जाए या तकनीकी समस्या दूर होने का इंतजार किया जाए।
एक फाॅर्म खोलने में लग रहे कई मिनट
तकनीकी खामियों के साथ पोर्टल की धीमी रफ्तार भी छात्रों और संस्थानों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। छात्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ संस्थानों में टीम बनाई गई हैं। टीम के सदस्यों के अनुसार पोर्टल पर एक फाॅर्म खोलने में ही कई मिनट लग रहे हैं। फाॅर्म खुलने के बाद बैंक शाखा, आईएफएससी कोड या रजिस्ट्रेशन नंबर की समस्या सामने आ जाती है। इससे पूरी प्रक्रिया फिर वहीं अटक जाती है।
अंतिम तिथि के दबाव में छात्र
एक तरफ पोर्टल पर आवेदन नहीं हो पा रहे हैं, दूसरी तरफ संस्थानों की ओर से छात्रों को लगातार संदेश भेजकर फाॅर्म भरने के लिए कहा जा रहा है। छात्र जब पोर्टल की समस्या बताते हैं तो कई बार कॉलेज स्तर पर भी इसका समाधान नहीं मिल पा रहा है। छात्रों का कहना है कि तकनीकी समस्या उनकी ओर से नहीं है, फिर भी अंतिम तिथि निकलने का दबाव उन्हीं पर है। उन्होंने मांग की है कि पोर्टल की खामियों को जल्द दूर किया जाए और तकनीकी कारणों से आवेदन न कर पाने वाले छात्रों को अतिरिक्त समय दिया जाए।
काफी समय से फार्म भरने का प्रयास कर रहा हूं। कभी साइट स्लो चलती है। साइट खुलती है तो कई सारे विकल्प नहीं आते। कई-कई दिन हो गए, संस्थान की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता।
बैंक की ब्रांच और आईएफसी कोड का विकल्प नहीं आ रहा है। कॉलेज के लोग बार बार प्रयास करने के लिए बोलते हैं। लेकिन अभी तक फार्म भरा नहीं है। उज्ज्वल यादव