{"_id":"5eebb388f916cf569a0f3722","slug":"scholarship-scam-fir-on-four-including-minority-welfare-officer-college-manager","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रवृत्ति घोटाला: अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, कॉलेज प्रबंधक समेत चार पर एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रवृत्ति घोटाला: अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, कॉलेज प्रबंधक समेत चार पर एफआईआर
Fri, 19 Jun 2020 12:05 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 19 Jun 2020 12:05 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) ने तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व राधारानी महाविद्यालय के प्रबंधक समेत चार के खिलाफ गुरुवार को एफआईआर दर्ज की। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी भी होगी।
एसपी ईओडब्ल्यू बाबूराम ने बताया कि वर्ष 2009-10 व 2010-11 में जुलाहपुर सिकंदरा स्थित श्री राधारानी महाविद्यालय को छात्रवृत्ति के लिए 52 लाख 404 रुपये जारी किए गए थे। ये रकम प्रबंधन ने अफसरों के साथ मिलकर हड़प ली थी।
ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवकुमार की जांच में पता चला है कि हाथरस के तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह के साथ मिलीभगत कर कॉलेज प्रबंधक शिवकुमार, प्राचार्य यशपाल गुप्ता और पटल सहायक कुंवरपाल सिंह ने छात्रवृत्ति की रकम पार कर दी।
विज्ञापन
जांच के दौरान ये भी पता चला कि जिन खातों की जानकारी आरोपियों ने ईओडब्ल्यू को दी, वह गलत थी। रकम अन्य खातों में ट्रांसफर हुई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। एसपी ने बताया कि आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, फर्जी दस्तावेज बनाना, धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
एसपी ईओडब्ल्यू बाबूराम ने बताया कि वर्ष 2009-10 व 2010-11 में जुलाहपुर सिकंदरा स्थित श्री राधारानी महाविद्यालय को छात्रवृत्ति के लिए 52 लाख 404 रुपये जारी किए गए थे। ये रकम प्रबंधन ने अफसरों के साथ मिलकर हड़प ली थी।
विज्ञापन
ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवकुमार की जांच में पता चला है कि हाथरस के तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह के साथ मिलीभगत कर कॉलेज प्रबंधक शिवकुमार, प्राचार्य यशपाल गुप्ता और पटल सहायक कुंवरपाल सिंह ने छात्रवृत्ति की रकम पार कर दी।
विज्ञापन
जांच के दौरान ये भी पता चला कि जिन खातों की जानकारी आरोपियों ने ईओडब्ल्यू को दी, वह गलत थी। रकम अन्य खातों में ट्रांसफर हुई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। एसपी ने बताया कि आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, फर्जी दस्तावेज बनाना, धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।