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Exclusive: मुफ्त के राशन की लाइन में लखपति किसान भी... अपात्र अन्नदाता उठा रहे योजना का लाभ; अब होगा ये काम

Sat, 10 Aug 2024 12:02 PM IST
शाहरुख खान रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर
रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 10 Aug 2024 12:02 PM IST
सार

सरकार की मुफ्त राशन योजना जमकर गड़बड़झाला हो रहा है। मुफ्त के राशन की लाइन में लखपति किसान भी लगे हैं। सरकारी केंद्रों में अनाज बेचने वाले किसानों का एनआईसी के पोर्टल से मिलान हुआ तो खेल खुल गया। पूरे मंडल में 13970 तो कानपुर जिले में सबसे अधिक 5427 अपात्र किसान योजना का लाभ उठा रहे थे।

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scam in government free ration scheme in Kanpur Lakhpati farmers are also in queue for free ration
scam in ration scheme - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार की मुफ्त राशन योजना का अपात्र भी जमकर लाभ उठा रहे हैं। नेशनल इन्फर्मेशन सेंटर (एनआईसी) के पोर्टल से मिलान हुआ तो मंडल के छह जिलों के 13970 ऐसे लखपति किसान चिह्नित हुए जो मुफ्त का राशन ले रहे थे। वहीं, कानपुर जिले में सर्वाधिक ऐसे 5427 किसान पाए गए हैं। 
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खास बात यह है कि इनके पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित जमीन है और हर साल ढाई से तीन लाख रुपये का अनाज समर्थन मूल्य पर सरकारी केंद्रों में बेचते हैं। शासन से ऐसे किसानों की सूची आने के बाद जिला पूर्ति विभाग ने इनके राशन कार्ड निरस्त करने शुरू कर दिए हैं।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत राशन कार्डधारकों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में संचालित 1385 कोटे की दुकानों से 818904 कार्ड के सापेक्ष 30 लाख यूनिटों को राशन दिया जाता है। एक यूनिट पर तीन किलो चावल और दो किलो गेंहू दिए जाने का नियम है।
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पिछले दिनों शासन के निर्देश पर मुफ्त राशन लेने वाले कार्ड धारकों और सरकारी क्रय केंद्रों पर अनाज बेचने वाले किसानों की सूची का मिलान कराया गया, तो यह गड़बड़झाला सामने आया। इन किसानों ने अपनी कृषि योग्य भूमि दो हेक्टेयर से अधिक घोषित कर रखी है। इस कृषि योग्य भूमि में होने वाली उपज को सरकारी केंद्रों पर बेचकर खातों में सरकारी समर्थन मूल्य भी लिया है। इसके बाद भी ये लोग मुफ्त का राशन उठा रहे थे।

ऐसे हुआ खुलासा
एनआईसी पोर्टल से राशन कार्ड धारकों और सरकारी केंद्रों पर अनाज की बिक्री करने वालों की सूची का मिलान किया गया। इसमें बैंक खाता, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड के साथ खतौनी भी लगी होती है। आपूर्ति विभाग को आधार के माध्यम से जिले के ऐसे 5427 बड़े किसानों की जानकारी मिली, जिन्होंने दो लाख से अधिक का धान व गेहूं सरकारी केंद्रों पर बेचा है।
 

क्या कहता है नियम
खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में राशन कार्ड धारकों और निष्कासन के नियम तय हैं। ग्रामीण क्षेत्र में निष्कासन के तहत ऐसे परिवार जिनके पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित जमीन है या सभी सदस्यों की आय दो लाख सालाना से अधिक है, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सकता।

 

एनआईसी से बड़े किसानों की सूची जारी की गई थी। उससे पता चला है कि अपात्र किसान भी योजना का लाभ उठा रहे थे। मंडल के करीब 14 हजार और जिले के करीब पांच हजार किसानों का नाम सूची से हटाया जा रहा है।- राकेश कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
 

किस जिले में कितने अपात्र
कानपुर नगर 5427
कानपुर देहात 4776
औरैया  1312
कन्नौज 1292
इटावा 935
फर्रुखाबाद  228


 
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