अभिवादन से अभिनंदन तक: एसबीआई ने ग्राहकों का घर-घर जाकर किया सम्मान, डीजीएम बोले- ग्राहक संतुष्टि और विश्वास सर्वोपरि
ग्राहक सर्वोपरि और ग्राहक देवो भव के मूल मंत्र को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक ने अभिवादन से अभिनंदन तक कार्यक्रम आयोजित किया। कानपुर समेत अलग-अलग जिलों की तमाम शाखाओं में एक हजार वरिष्ठ व बुजुर्ग ग्राहकों का सम्मान किया गया।
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देश के अग्रणी और सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ग्राहक सर्वोपरि और ग्राहक देवो भव के मूल मंत्र को अपनी कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण घटक मानता है।भारतीय स्टेट बैंक के कानपुर अंचल ने इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण पहल 'अभिवादन से अभिनंदन तक' के अंतर्गत 10 जिलों की अपनी सभी शाखाओं के लगभग 1000 वरिष्ठ व बुजुर्गों का उनके घर जाकर सम्मान किया।
इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए उप महाप्रबंधक नीलेश द्विवेदी ने बताया कि बैंक की शाखा में आने वाले अपने सभी सम्मानित ग्राहकों का स्नेहपूर्ण अभिवादन करते हुए और संतुष्टिजनक सेवा प्रदान कर उन्हें अभिनंदन का भाव महसूस कराना ही इस पहल का लक्ष्य है। इस पहल के माध्यम से बैंक कर्मियों व ग्राहकों के बीच सम्मान, स्नेह और तत्पर सेवा से पारस्परिक विश्वास और प्रगाढ़ होगा।
उन्होंने कहा कि अपने सभी मौजूदा और संभावित ग्राहकों को हम यह दृढ़ विश्वास दिलाना चाहते हैं कि 250 वर्षों की यात्रा में जिस तरह भारतीय स्टेट बैंक पीढ़ी-दर-पीढ़ी व्यक्तियों की बैंकिंग जरूरतों को समझ कर उनकी परम संतुष्टि के स्तर तक पूरा करने के लिए समर्पित रहा है। उसी प्रकार हम आगे भी वरिष्ठ नागरिकों सहित अपने समस्त ग्राहकों को निर्बाध व विश्वसनीय सेवा प्रदान करने के द्वारा देश के आर्थिक विकास में समग्र योगदान देना जारी रखेंगे।