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सर्वोदय नगर, स्वरूपनगर में बेसमेंट पार्किंग
अमर उजाला ब्यूरो /कानपुर
Updated Sat, 13 Aug 2016 01:37 AM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : amarujala
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सर्वोदय नगर स्थित यूपिका भवन की 5162 वर्गमीटर जमीन पर केडीए दो बेसमेंट पार्किंग और इसके ऊपर कामर्शियल काम्प्लेक्स बनाएगा। कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन ने शुक्रवार को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। साथ ही इसके निर्माण के लिए 60 करोड़ रुपये खर्च करने पर भी सहमति जताई।
कमिश्नर ने स्वरूपनगर क्षेत्र में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए मधुराज अस्पताल के पीछे नगर निगम की खाली पड़ी छह हजार वर्गमीटर जमीन पर भी बेसमेंट पार्किंग बनाने के निर्देश दिए। पार्किंग में कम से कम 200 चार पहिया वाहनों को खड़े करने की जगह और बेसमेंट के ऊपर टैरेस गार्डेन बनाने के निर्देश दिए। विकास नगर स्थित रोडवेज डिपो की जमीन पर किए गए सफल प्रयोग के बाद केडीए ने यूपिका की खाली पड़ी जमीन लेने का प्रस्ताव बनाया था।
कमिश्नर ने बैठक में केडीए अफसरों को निर्देश दिए कि पार्किंग के ऊपर 15 और 18 वर्गमीटर के ऑॅफिस व दुकानें बनाई जाएं। प्रोजेक्ट में यूपिका और केडीए की 50-50 की हिस्सेदारी होगी। जमीन के बदले केडीए 850 वर्गमीटर जमीन पर यूपिका के नए ऑफिस का भी निर्माण कराएगा। अमर उजाला ने यूपिका की जमीन पर कामर्शियल प्रोजेक्ट की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। बैठक में केडीए सचिव केपी सिंह, चीफ इंजीनियर वीके गोयल, सीएटीपी आशीष शिवपुरी, परिवहन निगम के आरएम आदि रहे।
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सिग्नेचर सिटी में सीएनजी पंप को मंजूरी
विकास नगर में निर्माणाधीन सिग्नेचर सिटी में सीएनजी स्टेशन बनाने के भी प्रस्ताव को भी कमिश्नर ने मंजूर कर लिया। साथ ही उन्होंने केडीए अधिकारियों को आरएम रोडवेज के कार्यालय का भी जल्द निर्माण कराने के निर्देश दिए। सिग्नेचर सिटी के सामने 10 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित 400 फ्लैटों का निर्माण जल्द शुरू कराने के भी निर्देश दिए।
मॉडल चौराहों के लिए फंड मंजूर
कानपुर (ब्यूरो)। मॉडल के रूप में विकसित किए जाने वाले शहर के छह चौराहों-तिराहों के लिए शुक्रवार को कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने फंड को मंजूरी दे दी। प्रजेंटेशन भी कमिश्नर ने देखा। दूसरी ओर इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के अंतर्गत शुक्रवार को एडीएम सिटी के नेतृत्व में गठित अफसरों की टीम ने जाजमऊ चौराहा, रॉकेट तिराहा और मरे कंपनी पुल पर ट्रैफिक का निरीक्षण किया।
16 और 17 अगस्त को बाकी चौराहों-तिराहों का निरीक्षण होगा। आईटीएमएस के अंतर्गत चौराहों-तिराहों की नए सिरे से डिजाइनिंग और सुधार कार्य कराया जाना है। इसके लिए कमिश्नर के निर्देश पर एडीएम सिटी के नेतृत्व में पीडब्ल्यूडी, केडीए, ट्रैफिक, एनएचएआई के अफसरों की टीम बनाई गई है।
एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि निरीक्षण के पहले दिन जाजमऊ चौराहा, रॉकेट तिराहा और मरे कंपनी पुल के लिए योजना बनाई गई है। कमिश्नर ने मॉडल चौराहों-तिराहों के लिए फंड को मंजूर करते हुए जल्द से जल्द योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
यह चौराहे बनेंगे मॉडलः बड़ा चौराहा, रावतपुर चौराहा, टाटमिल, चुंगी चौराहा जाजमऊ, रॉकेट तिराहा और विजयनगर चौराहा
सील पड़ी इमारतें खुलेंगी
सालों से सील पड़ी शहर की सैकड़ों इमारतों के मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। केडीए ने ऐसी इमारतों की सील खुलवाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अंतर्गत सील इमारतों का सर्वे कराया गया है। सर्वे में केडीए के सभी चार जोनों में कुल 576 इमारतें सील पाई गई हैं। अब ऐसी इमारतों की सूची तैयार की जा रही है, जिन्हें कंपाउंडिंग शुल्क लेकर नियमित किया जा सकता है। इसके लिए इमारतों में किए गए अवैध निर्माण की सूची अलग बनाई जा रही है।
बीते छह-सात साल में केडीए ने शहर भर में 600 से अधिक इमारतें सील कीं। इनमें से कई अवैध निर्माणकर्ताओं ने कंपाउंडिंग करा ली। इसके बावजूद 576 इमारतें सील पड़ी हैं। संशोधित बिल्डिंग बाइलॉज के अंतर्गत या सीमित मात्रा में हुए अवैध निर्माण को नियमित करने का प्रावधान है।
इससे जहां सील पड़ीं इमारतों के मालिकों को राहत मिलेगी, वहीं कंपाउंडिंग की मद में केडीए को ठीकठाक शमन शुल्क मिलेगा। केडीए अधिकारियों के मुताबिक, सील इमारतों की सूची तैयार है। इन इमारतों को कंपाउंडिंग शुल्क लेकर नियमित करने की कोशिश है।
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कमिश्नर ने स्वरूपनगर क्षेत्र में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए मधुराज अस्पताल के पीछे नगर निगम की खाली पड़ी छह हजार वर्गमीटर जमीन पर भी बेसमेंट पार्किंग बनाने के निर्देश दिए। पार्किंग में कम से कम 200 चार पहिया वाहनों को खड़े करने की जगह और बेसमेंट के ऊपर टैरेस गार्डेन बनाने के निर्देश दिए। विकास नगर स्थित रोडवेज डिपो की जमीन पर किए गए सफल प्रयोग के बाद केडीए ने यूपिका की खाली पड़ी जमीन लेने का प्रस्ताव बनाया था।
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कमिश्नर ने बैठक में केडीए अफसरों को निर्देश दिए कि पार्किंग के ऊपर 15 और 18 वर्गमीटर के ऑॅफिस व दुकानें बनाई जाएं। प्रोजेक्ट में यूपिका और केडीए की 50-50 की हिस्सेदारी होगी। जमीन के बदले केडीए 850 वर्गमीटर जमीन पर यूपिका के नए ऑफिस का भी निर्माण कराएगा। अमर उजाला ने यूपिका की जमीन पर कामर्शियल प्रोजेक्ट की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। बैठक में केडीए सचिव केपी सिंह, चीफ इंजीनियर वीके गोयल, सीएटीपी आशीष शिवपुरी, परिवहन निगम के आरएम आदि रहे।
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सिग्नेचर सिटी में सीएनजी पंप को मंजूरी
विकास नगर में निर्माणाधीन सिग्नेचर सिटी में सीएनजी स्टेशन बनाने के भी प्रस्ताव को भी कमिश्नर ने मंजूर कर लिया। साथ ही उन्होंने केडीए अधिकारियों को आरएम रोडवेज के कार्यालय का भी जल्द निर्माण कराने के निर्देश दिए। सिग्नेचर सिटी के सामने 10 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित 400 फ्लैटों का निर्माण जल्द शुरू कराने के भी निर्देश दिए।
मॉडल चौराहों के लिए फंड मंजूर
कानपुर (ब्यूरो)। मॉडल के रूप में विकसित किए जाने वाले शहर के छह चौराहों-तिराहों के लिए शुक्रवार को कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने फंड को मंजूरी दे दी। प्रजेंटेशन भी कमिश्नर ने देखा। दूसरी ओर इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के अंतर्गत शुक्रवार को एडीएम सिटी के नेतृत्व में गठित अफसरों की टीम ने जाजमऊ चौराहा, रॉकेट तिराहा और मरे कंपनी पुल पर ट्रैफिक का निरीक्षण किया।
16 और 17 अगस्त को बाकी चौराहों-तिराहों का निरीक्षण होगा। आईटीएमएस के अंतर्गत चौराहों-तिराहों की नए सिरे से डिजाइनिंग और सुधार कार्य कराया जाना है। इसके लिए कमिश्नर के निर्देश पर एडीएम सिटी के नेतृत्व में पीडब्ल्यूडी, केडीए, ट्रैफिक, एनएचएआई के अफसरों की टीम बनाई गई है।
एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि निरीक्षण के पहले दिन जाजमऊ चौराहा, रॉकेट तिराहा और मरे कंपनी पुल के लिए योजना बनाई गई है। कमिश्नर ने मॉडल चौराहों-तिराहों के लिए फंड को मंजूर करते हुए जल्द से जल्द योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
यह चौराहे बनेंगे मॉडलः बड़ा चौराहा, रावतपुर चौराहा, टाटमिल, चुंगी चौराहा जाजमऊ, रॉकेट तिराहा और विजयनगर चौराहा
सील पड़ी इमारतें खुलेंगी
सालों से सील पड़ी शहर की सैकड़ों इमारतों के मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। केडीए ने ऐसी इमारतों की सील खुलवाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अंतर्गत सील इमारतों का सर्वे कराया गया है। सर्वे में केडीए के सभी चार जोनों में कुल 576 इमारतें सील पाई गई हैं। अब ऐसी इमारतों की सूची तैयार की जा रही है, जिन्हें कंपाउंडिंग शुल्क लेकर नियमित किया जा सकता है। इसके लिए इमारतों में किए गए अवैध निर्माण की सूची अलग बनाई जा रही है।
बीते छह-सात साल में केडीए ने शहर भर में 600 से अधिक इमारतें सील कीं। इनमें से कई अवैध निर्माणकर्ताओं ने कंपाउंडिंग करा ली। इसके बावजूद 576 इमारतें सील पड़ी हैं। संशोधित बिल्डिंग बाइलॉज के अंतर्गत या सीमित मात्रा में हुए अवैध निर्माण को नियमित करने का प्रावधान है।
इससे जहां सील पड़ीं इमारतों के मालिकों को राहत मिलेगी, वहीं कंपाउंडिंग की मद में केडीए को ठीकठाक शमन शुल्क मिलेगा। केडीए अधिकारियों के मुताबिक, सील इमारतों की सूची तैयार है। इन इमारतों को कंपाउंडिंग शुल्क लेकर नियमित करने की कोशिश है।