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शनि आज बदलेंगे चाल, इन राशियों को मिलेगी राहत, इनके लिए मुसीबत
Mon, 11 May 2020 11:18 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 11 May 2020 11:18 AM IST
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शनि आज बदलेंगे चाल
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार यानी 11 मई को शनि चाल बदलते हुए वक्री हो जाएंगे। शनि की यह वक्री चाल 142 दिनों तक रहेगी। 29 सितंबर से शनि वक्री से फिर मार्गी हो जाएंगे। इसका कई राशियों पर असर पड़ेगा। 13 मई को शुक्र वृषभ राशि में वक्री होगा। ये दोनों ग्रह अपनी-अपनी राशि में वक्री रहेंगे। ज्योतिषियों की मानें तो आगामी 18 जून से 25 जून तक छह ग्रह वक्री रहेंगे।
यह दुर्लभ संयोग होगा। ऐसे में दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी का असर कम हो सकता है। ज्योतिषी केए दुबे पद्मेश और आचार्य मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि ज्योतिषशास्त्र में शनि को न्याय का कारक ग्रह माना जाता है। शनि के वक्री होने का सबसे अधिक असर उन राशि के जातकों पर पड़ेगा जिन राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होगी।
अगर आपकी कुंडली में शनि अशुभ भाव में बैठा है तब जातक को कष्ट मिलेगा। अगर कुंडली में शनि शुभ भाव में है तो अशुभ असर नहीं देखने को मिलेगा। बताया कि राहु-केतु छाया ग्रह माने गए हैं। ये हमेशा वक्री ही रहते हैं। राहु-केतु क्रमश: मिथुन और धनु में वक्री हैं।
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सूर्य और चंद्र हमेशा मार्गी रहते हैं। 14 मई को गुरु भी वक्री हो रहा है। ये अपनी नीच राशि मकर में शनि के साथ स्थित है। इसके बाद लगातार 34 दिनों तक गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु ये 5 ग्रह वक्री रहेंगे। 18 जून को बुध भी मिथुन राशि में वक्री हो जाएंगे। इस तरह छह ग्रह वक्री हो जाएंगे।
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यह दुर्लभ संयोग होगा। ऐसे में दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी का असर कम हो सकता है। ज्योतिषी केए दुबे पद्मेश और आचार्य मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि ज्योतिषशास्त्र में शनि को न्याय का कारक ग्रह माना जाता है। शनि के वक्री होने का सबसे अधिक असर उन राशि के जातकों पर पड़ेगा जिन राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होगी।
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अगर आपकी कुंडली में शनि अशुभ भाव में बैठा है तब जातक को कष्ट मिलेगा। अगर कुंडली में शनि शुभ भाव में है तो अशुभ असर नहीं देखने को मिलेगा। बताया कि राहु-केतु छाया ग्रह माने गए हैं। ये हमेशा वक्री ही रहते हैं। राहु-केतु क्रमश: मिथुन और धनु में वक्री हैं।
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सूर्य और चंद्र हमेशा मार्गी रहते हैं। 14 मई को गुरु भी वक्री हो रहा है। ये अपनी नीच राशि मकर में शनि के साथ स्थित है। इसके बाद लगातार 34 दिनों तक गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु ये 5 ग्रह वक्री रहेंगे। 18 जून को बुध भी मिथुन राशि में वक्री हो जाएंगे। इस तरह छह ग्रह वक्री हो जाएंगे।
इन राशियों को मिलेगी राहत
मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या तथा धनु, मकर एवं कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती चलने के परिणामस्वरूप इन राशि वाले जातकों को कुछ दिनों के लिए थोड़ी राहत मिलेगी। इन्हें अपने कर्मों में और अधिक सुधार लाना चाहिए ताकि आने वाला समय अनुकूल रहे। अन्य राशि वालों को भी सन्मार्ग पर चलते हुए सत्कर्म करने चाहिए। बताया कि जिन लोगों की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यांतरदशा, सूक्ष्मदशा आदि चल रही है उन्हें विषम परिस्थियों में भी सत्य बोलने से पीछे नहीं हटना चाहिए। इससे शनि की अनुकूलता मिलती है।
सात दिनों के लिए छह ग्रह रहेंगे वक्री
ज्योतिष में ग्रहों की दो स्थितियां बताई गई हैं। एक मार्गी और दूसरी वक्री। मार्गी में ग्रह सीधा चलता है यानी आगे बढ़ता है जबकि वक्री स्थिति में ग्रह टेढ़ा या उल्टा चलता है यानी पीछे की ओर चलने लगता है। 18 जून से 25 जून तक 7 दिनों के लिए छह ग्रह वक्री रहेंगे। इसके बाद 25 जून की रात शुक्र ग्रह वृष राशि में मार्गी हो जाएगा। इसके बाद पांच ग्रह वक्री रह जाएंगे।
वक्री शनि से बचने का उपाय
प्रत्येक शनिवार को शनि देव का उपवास रखें। शाम को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। शनि के बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का 108 बार जाप करें। गरीबों को अन्न-वस्त्र दान करें।
मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या तथा धनु, मकर एवं कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती चलने के परिणामस्वरूप इन राशि वाले जातकों को कुछ दिनों के लिए थोड़ी राहत मिलेगी। इन्हें अपने कर्मों में और अधिक सुधार लाना चाहिए ताकि आने वाला समय अनुकूल रहे। अन्य राशि वालों को भी सन्मार्ग पर चलते हुए सत्कर्म करने चाहिए। बताया कि जिन लोगों की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यांतरदशा, सूक्ष्मदशा आदि चल रही है उन्हें विषम परिस्थियों में भी सत्य बोलने से पीछे नहीं हटना चाहिए। इससे शनि की अनुकूलता मिलती है।
सात दिनों के लिए छह ग्रह रहेंगे वक्री
ज्योतिष में ग्रहों की दो स्थितियां बताई गई हैं। एक मार्गी और दूसरी वक्री। मार्गी में ग्रह सीधा चलता है यानी आगे बढ़ता है जबकि वक्री स्थिति में ग्रह टेढ़ा या उल्टा चलता है यानी पीछे की ओर चलने लगता है। 18 जून से 25 जून तक 7 दिनों के लिए छह ग्रह वक्री रहेंगे। इसके बाद 25 जून की रात शुक्र ग्रह वृष राशि में मार्गी हो जाएगा। इसके बाद पांच ग्रह वक्री रह जाएंगे।
वक्री शनि से बचने का उपाय
प्रत्येक शनिवार को शनि देव का उपवास रखें। शाम को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। शनि के बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का 108 बार जाप करें। गरीबों को अन्न-वस्त्र दान करें।