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साड़ी, पॉपलीन कपड़े के दामों में जबरदस्त तेजी, लॉकडाउन के दौरान उत्पादन में आई थी कमी
Fri, 22 Jan 2021 04:12 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 Jan 2021 04:12 AM IST
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कपड़ा कारोबार
- फोटो : amar ujala
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उत्पादन में कमी से साड़ी, पॉपलीन और अस्तर वाले कपड़ों के दाम में बेतहाशा तेजी आ गई है। भावों में इतनी तेजी से कपड़ा कारोबारी भी हैरान हैं। इसके साथ ही शूटिंग-शर्टिंग के कपड़ों में भी 10 फीसदी की तेजी आई है। सामान्य दिनों में शहर में इन कपड़ों का प्रतिदिन का करीब 10 करोड़ का कारोबार है।
नौघड़ा कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष शेष नारायण त्रिवेदी ने बताया कि रेनियल साड़ी की कीमत थोक में 115 रुपये से बढ़कर 135 हो गई है। अलग-अलग कपड़ों को तैयार करने में इस्तेमाल आने वाले अस्तर के दाम साढ़े 10 रुपये मीटर से बढ़कर साढ़े 13 रुपये हो गए हैं। वहीं 33 रुपये मीटर मिलने वाला पॉपलीन अब 39 रुपये तक पहुंच गया है।
ये सभी कपड़े राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं। रेनियल साड़ी सूरत और मथुरा से आती है। इन तीनों उत्पादों की सबसे अधिक मांग है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उत्पादन न होने के चलते बाजार में अब असर दिखाई दे रहा है। इन कपड़ों में इतनी तेजी पहली बार देखने को मिली है।
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कानपुर कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष चरनजीत सिंह सागरी ने बताया कि कुछ कंपनियों के एकाधिकारी के चलते ऊनी कपड़ों को छोड़कर सभी प्रकार के कपड़ों में पांच से 10 फीसदी की तेजी आई है। देश की निजी कंपनी हर दिन कच्चा उत्पाद के दाम बढ़ाती जा रही है। महज 20 दिन में भावों में इतनी तेजी देखने को मिल रही है।
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नौघड़ा कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष शेष नारायण त्रिवेदी ने बताया कि रेनियल साड़ी की कीमत थोक में 115 रुपये से बढ़कर 135 हो गई है। अलग-अलग कपड़ों को तैयार करने में इस्तेमाल आने वाले अस्तर के दाम साढ़े 10 रुपये मीटर से बढ़कर साढ़े 13 रुपये हो गए हैं। वहीं 33 रुपये मीटर मिलने वाला पॉपलीन अब 39 रुपये तक पहुंच गया है।
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ये सभी कपड़े राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं। रेनियल साड़ी सूरत और मथुरा से आती है। इन तीनों उत्पादों की सबसे अधिक मांग है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उत्पादन न होने के चलते बाजार में अब असर दिखाई दे रहा है। इन कपड़ों में इतनी तेजी पहली बार देखने को मिली है।
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कानपुर कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष चरनजीत सिंह सागरी ने बताया कि कुछ कंपनियों के एकाधिकारी के चलते ऊनी कपड़ों को छोड़कर सभी प्रकार के कपड़ों में पांच से 10 फीसदी की तेजी आई है। देश की निजी कंपनी हर दिन कच्चा उत्पाद के दाम बढ़ाती जा रही है। महज 20 दिन में भावों में इतनी तेजी देखने को मिल रही है।