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सलूर घाटी का गांजा नसों में घोल रहा जहर,पंचायत चुनाव के चलते मांग बढ़ी
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कन्नौज। जिले में गांजा तस्करी चरम पर है। पंचायत चुनाव के चलते मांग बढ़ गई है। हर सप्ताह उड़ीसा की सलूर घाटी और मलखान गिरी से तगड़ी खेप आती है। कई बार तस्करों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस नेटवर्क नहीं तोड़ पा रही है।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार 2015 से 2020 तक जिले में गांजा तस्करी के आरोप में 71 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की जांच में सामने आता रहा कि यह लोग उड़ीसा की सलूर घाटी और मलखान गिरी इलाके से गांजा की तस्करी करते हैं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से उड़ीसा चलने वाले ट्रकों से गांजा की खेप आती है। वहां तस्करों को पांच हजार रुपये किलो की दर से गांजा मिलता है। जिले में इसकी कीमत करीब 40 हजार के आसपास होती है। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि नशे के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराब, गांजा से लेकर मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर जेल भेजा जा रहा है।
10 किलो गांजा कर देते दोगुना
गांजे की तस्करी करने वाले उड़ीसा से पांच हजार प्रति किलो की दर से खरीदते है। यहां तंबाकू पत्ती, सरसों का तेल, खली व शीरा मिला कर मात्रा बढ़ा देते हैं। 10 किलो असली गांजे की मात्रा दोगुनी कर देते हैं। इससे एक किलो गांजे की तस्करी में 30 से 35 हजार का मुनाफा होता है।
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गांजे की पकड़ी गईं बड़ी खेप
-10 मई 2018: छिबरामऊ के सिकंदरपुर में विपिन दीक्षित के मकान से 44 किलो गांजा बरामद हुआ था।
-08 जुलाई 2019: सदर कोतवाली पुलिस ने नगरकोट कांशीराम कालोनी से 47 किलो गांजा बरामद किया था।
-06 दिसबर 2020: इंदरगढ़ पुलिस ने लोडर सवार चार तस्करों के कब्जे से 20 किलो गांजा बरामद किया था।
-20 मार्च 2021: तिर्वा क्रासिंग से सदर कोतवाली पुलिस ने तीन युवकों से सात किलो गांजा बरामद किया था।
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पुलिस रिकार्ड के अनुसार 2015 से 2020 तक जिले में गांजा तस्करी के आरोप में 71 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की जांच में सामने आता रहा कि यह लोग उड़ीसा की सलूर घाटी और मलखान गिरी इलाके से गांजा की तस्करी करते हैं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से उड़ीसा चलने वाले ट्रकों से गांजा की खेप आती है। वहां तस्करों को पांच हजार रुपये किलो की दर से गांजा मिलता है। जिले में इसकी कीमत करीब 40 हजार के आसपास होती है। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि नशे के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराब, गांजा से लेकर मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर जेल भेजा जा रहा है।
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10 किलो गांजा कर देते दोगुना
गांजे की तस्करी करने वाले उड़ीसा से पांच हजार प्रति किलो की दर से खरीदते है। यहां तंबाकू पत्ती, सरसों का तेल, खली व शीरा मिला कर मात्रा बढ़ा देते हैं। 10 किलो असली गांजे की मात्रा दोगुनी कर देते हैं। इससे एक किलो गांजे की तस्करी में 30 से 35 हजार का मुनाफा होता है।
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गांजे की पकड़ी गईं बड़ी खेप
-10 मई 2018: छिबरामऊ के सिकंदरपुर में विपिन दीक्षित के मकान से 44 किलो गांजा बरामद हुआ था।
-08 जुलाई 2019: सदर कोतवाली पुलिस ने नगरकोट कांशीराम कालोनी से 47 किलो गांजा बरामद किया था।
-06 दिसबर 2020: इंदरगढ़ पुलिस ने लोडर सवार चार तस्करों के कब्जे से 20 किलो गांजा बरामद किया था।
-20 मार्च 2021: तिर्वा क्रासिंग से सदर कोतवाली पुलिस ने तीन युवकों से सात किलो गांजा बरामद किया था।