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सैफई चिकित्सा विवि रैगिंग मामले में एक और पर गाज, चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. डीन पीके जैन हटाए गए
Fri, 20 Sep 2019 11:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, इटावा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 20 Sep 2019 11:22 PM IST
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सैफई मेडिकल कॉलेज में सिर मुंडवा कर कक्षा के लिए जाते जूनियर छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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इटावा के सैफई चिकित्सा विवि में रैगिंग मामले में एक और गाज गिर गई है। चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. पीके जैन को कुलपति ने हटा दिया गया है। प्रो. आलोक कुमार को उनकी जगह नया डीन बनाया गया है। इसके पहले तीन लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है।
कुलपति प्रो. राजकुमार ने बताया कि प्रोफेसर डॉ पीके जैन को रैगिंग का दोषी पाया गया है। इसके अलावा उन्होंने छह अनैतिक कार्य भी किए हैं। उन्होंने फाइलों में गलत तरीके से काम किए है। कई बार उन्हें सुधार की हिदायत दी गई लेकिन सुधार नहीं किया। इसके चलते उन्हें हटा दिया गया है।
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कुलपति प्रो. राजकुमार ने बताया कि प्रोफेसर डॉ पीके जैन को रैगिंग का दोषी पाया गया है। इसके अलावा उन्होंने छह अनैतिक कार्य भी किए हैं। उन्होंने फाइलों में गलत तरीके से काम किए है। कई बार उन्हें सुधार की हिदायत दी गई लेकिन सुधार नहीं किया। इसके चलते उन्हें हटा दिया गया है।
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उनकी जगह फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ आलोक कुमार को चिकित्सा संकाय का डीन बनाया गया है। पीके जैन को हटाने का आदेश कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने 20 सितंबर को जारी किया है। नोटिस संख्या 855 में में लिखा कि मेडिकल कालेजों/संस्थानों में रैगिंग की रोकथाम और निषेध नियमावली 2009 के प्रावधानों को विश्वविद्यालय में प्रभावी रूप से लागू न कराने के कारण रैगिंग हुई।
इसके पहले छात्र कल्याण परिषद के प्रभारी प्रो. कल्वे जवाद को हटाया जा चुका है। चीफ वार्डन डा. गणेश वर्मा और वार्डन ग्यासुद्दीन को निलंबित कर दिया गया था। प्रोफेसर डॉक्टर पी के जैन को पिछले कुलपति डॉक्टर टी प्रभाकर के कार्यकाल में पावरफुल थे। प्रभाकर ने उनका प्रभारी कुलसचिव बना दिया था। पीके जैन ने 2016 की स्टॉफ नर्स भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच की थी। 25 मार्च 2017 जांच रिपोर्ट में डॉक्टर संदीप गुप्ता को दोषी पाए गए थे।
जैन ने निलंबित डॉक्टरों का रखा था पक्ष
30 अगस्त को मेडिकल डीन पी के जैन ने वाट्सएप ग्रुप पर सभी फैकल्टी से सुबह 9 बजे निलंबित वार्डन डॉक्टर गणेश वर्मा और डॉक्टर गयासुद्दीन के निलंबन के विरोध में कुलपति से वार्ता हेतु प्रशासनिक भवन पर इकट्ठा होने की अपील की थी। मीटिंग में कुलपति राजकुमार ने एजेंडा पढ़ने से डॉक्टर पी के जैन को मना कर गुस्सा भी जाहिर किया था। कुलपति ने बताया कि पीके जैन ने जूनियर डॉक्टरों को हड़ताल के लि भी भड़काया था। इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी है।
इसके पहले छात्र कल्याण परिषद के प्रभारी प्रो. कल्वे जवाद को हटाया जा चुका है। चीफ वार्डन डा. गणेश वर्मा और वार्डन ग्यासुद्दीन को निलंबित कर दिया गया था। प्रोफेसर डॉक्टर पी के जैन को पिछले कुलपति डॉक्टर टी प्रभाकर के कार्यकाल में पावरफुल थे। प्रभाकर ने उनका प्रभारी कुलसचिव बना दिया था। पीके जैन ने 2016 की स्टॉफ नर्स भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच की थी। 25 मार्च 2017 जांच रिपोर्ट में डॉक्टर संदीप गुप्ता को दोषी पाए गए थे।
जैन ने निलंबित डॉक्टरों का रखा था पक्ष
30 अगस्त को मेडिकल डीन पी के जैन ने वाट्सएप ग्रुप पर सभी फैकल्टी से सुबह 9 बजे निलंबित वार्डन डॉक्टर गणेश वर्मा और डॉक्टर गयासुद्दीन के निलंबन के विरोध में कुलपति से वार्ता हेतु प्रशासनिक भवन पर इकट्ठा होने की अपील की थी। मीटिंग में कुलपति राजकुमार ने एजेंडा पढ़ने से डॉक्टर पी के जैन को मना कर गुस्सा भी जाहिर किया था। कुलपति ने बताया कि पीके जैन ने जूनियर डॉक्टरों को हड़ताल के लि भी भड़काया था। इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी है।