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साढ़े तीन दशक बाद कोआपरेटिव बैंक से समाजवादी साफ
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साढ़े तीन दशक बाद सहकारी बैंक से समाजवाद साफ
भाजपा समर्थक 13 डायरेक्टर का निर्विरोध निर्वाचन तय, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव 30 को
क्रासर
अन्य समितियां से महिला आरक्षित डायरेक्टर पद के लिए नामांकन नहीं
पूर्व अध्यक्ष मनोरमा यादव थीं अन्य समितियां से निवर्तमान डायरेक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज/फर्रुखाबाद। जिला सहकारी बैंक से करीब साढ़े तीन दशक बाद समाजवादी साफ हो गया है। डायरेक्टर के 14 पदों में 13 पर एक-एक प्रत्याशी होने से भाजपा का कब्जा होना तय हो गया है। इससे 30 जून को होने वाले चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित हो गई है।
पूर्व मंत्री रामप्रकाश त्रिपाठी के बाद सहकारी बैंक पर सपा ने कब्जा कर लिया था। सपा के पूर्व सांसद छोटे सिंह लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। उनकी बहू मनोरमा यादव निवर्तमान अध्यक्ष हैं। गुरुवार को डायरेक्टर के 14 पदों के लिए नामांकन होना था। इसमें 13 पदों के लिए भाजपा समर्थित 15 लोगों ने नामांकन भरे थे। अन्य समितियां से महिला के लिए आरक्षित पद से कोई नामांकन नहीं हुआ। शुक्रवार को निर्वाचन अधिकारी एडीएम विवेक श्रीवास्तव और सहायक निर्वाचन अधिकारी परियोजना निदेशक डूडा जय विजय सिंह ने नामांकन पत्रों की जांच की। इसमें कमियां मिलने पर उमेश चंद्र और यादराम के पर्चे निरस्त कर दिए गए। 13 पर्चे सही पाए गए। महिला आरक्षित अन्य समितियां का पद रिक्त है। इस पद पर पिछली बार निवर्तमान अध्यक्ष मनोरमा यादव ही डायरेक्टर थीं।
इनके पर्चे सही मिले
कन्नौज से अरविंद कुमार, छिबरामऊ से आनंद किशोर, तिर्वा से दो पदों पर अजय कुमार व रामपाल, अमृतपुर में आरक्षित महिला पद पर रत्नेश द्विवेदी, कायमगंज से दो पदों पर पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार व वीरेंद्र कुमार, फर्रुखाबाद से दो पदों पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भूदेव सिंह राजपूत व दिनेश चंद्र, अन्य समितियां की अनारक्षित सीट से भाजपा जिला महामंत्री शैलेंद्र सिंह राठौर, विधि से रामेंद्र सिंह, लेखा से अमर सिंह कुशवाहा और अर्थशास्त्र से नरेंद्रचंद्र।
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इनसेट
30 को होगा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव
डायरेक्टर के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव 30 जून को होना है। डायरेक्टरों में से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव जाना है। भाजपा ने पहले ही पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार को अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित कर दिया गया था। कुलदीप का कायमगंज से निर्विरोध डायरेक्टर चुना जाना तय है। इसके बाद उनकी अध्यक्ष पद पर ताजपोशी औपचारिकता मात्र रह जाएगी। उपाध्यक्ष पद के लिए अभी नाम तय नहीं है।
इनसेट
कंचन को घेरने से हुई थी हाथापाई
तिर्वा समिति की प्रतिनिधि कंचन सिंह पर्चा खरीदकर बाहर निकलीं तो उनकी जीप को भाजपाइयों ने घेर किया। इससे कंचन के समर्थकों और भाजपाइयों में हाथापाई भी हुई। नामांकन में धांधली का आरोप लगाकर सपा समर्थक तत्कालीन डायरेक्टर दिगंबर सिंह यादव समर्थकों के साथ धरने पर भी बैठ गए थे। दिगंबर का आरोप था कि उनके बेटे दिग्विजय सिंह, अवधेश व लालाराम से भाजपाइयों ने हाथापाई की। शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की।
फोटो-21 सांसद सुब्रत पाठक
भ्रष्टाचार खत्म कर बढ़ाएंगे किसानों की आमदनी : सुब्रत
कन्नौज। भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने सहकारिता के चुनाव में भाजपा की तय जीत पर कहा कि सपा का सहकारिता बैंक में काफी सालों से कब्जा रहा। सपा के कार्यकाल में बैंक में काफी भ्रष्टाचार फैल गया था। भाजपा के जीतने पर भ्रष्टाचार खत्म होगा। किसानों की आमदनी बढ़ाएगी जाने पर काम होंगे। सपा के प्रत्याशियों के नामांकन करने के जवाब में कहा कि सपा के लोगों की आरोप लगाने की प्रवृत्ति रही। वह ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत, एमएलसी के चुनाव में यह सब करते आए हैं, इसलिए आरोप लगा रहे हैं। देश में कानून का राज है।
फोटो-22 दिगम्बर सिंह यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख।
सपाइयों को पर्चे भरने नहीं दिए गए: दिगंबर
कन्नौज। पूर्व ब्लाक प्रमुख दिगंबर सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता के चुनाव में लोकतंत्र की हत्या हुई हैं। वहां के भाजपा सांसद, एमएलए समेत जनप्रतिनिधियों ने जबरदस्ती की, सपा समर्थकों को नामांकन तक नहीं करने दिया गया। कंचन कनौजिया, लालाराम, कल्यान सिंह को नामांकन से रोक दिया गया। डीएम कार्यालय में धरना दिया लेकिन सत्ता पक्ष की वजह से कुछ नहीं हुआ। अगर पार्टी के पदाधिकारी कहेंगे तो हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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भाजपा समर्थक 13 डायरेक्टर का निर्विरोध निर्वाचन तय, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव 30 को
क्रासर
अन्य समितियां से महिला आरक्षित डायरेक्टर पद के लिए नामांकन नहीं
पूर्व अध्यक्ष मनोरमा यादव थीं अन्य समितियां से निवर्तमान डायरेक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज/फर्रुखाबाद। जिला सहकारी बैंक से करीब साढ़े तीन दशक बाद समाजवादी साफ हो गया है। डायरेक्टर के 14 पदों में 13 पर एक-एक प्रत्याशी होने से भाजपा का कब्जा होना तय हो गया है। इससे 30 जून को होने वाले चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित हो गई है।
पूर्व मंत्री रामप्रकाश त्रिपाठी के बाद सहकारी बैंक पर सपा ने कब्जा कर लिया था। सपा के पूर्व सांसद छोटे सिंह लंबे समय तक अध्यक्ष रहे। उनकी बहू मनोरमा यादव निवर्तमान अध्यक्ष हैं। गुरुवार को डायरेक्टर के 14 पदों के लिए नामांकन होना था। इसमें 13 पदों के लिए भाजपा समर्थित 15 लोगों ने नामांकन भरे थे। अन्य समितियां से महिला के लिए आरक्षित पद से कोई नामांकन नहीं हुआ। शुक्रवार को निर्वाचन अधिकारी एडीएम विवेक श्रीवास्तव और सहायक निर्वाचन अधिकारी परियोजना निदेशक डूडा जय विजय सिंह ने नामांकन पत्रों की जांच की। इसमें कमियां मिलने पर उमेश चंद्र और यादराम के पर्चे निरस्त कर दिए गए। 13 पर्चे सही पाए गए। महिला आरक्षित अन्य समितियां का पद रिक्त है। इस पद पर पिछली बार निवर्तमान अध्यक्ष मनोरमा यादव ही डायरेक्टर थीं।
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इनके पर्चे सही मिले
कन्नौज से अरविंद कुमार, छिबरामऊ से आनंद किशोर, तिर्वा से दो पदों पर अजय कुमार व रामपाल, अमृतपुर में आरक्षित महिला पद पर रत्नेश द्विवेदी, कायमगंज से दो पदों पर पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार व वीरेंद्र कुमार, फर्रुखाबाद से दो पदों पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भूदेव सिंह राजपूत व दिनेश चंद्र, अन्य समितियां की अनारक्षित सीट से भाजपा जिला महामंत्री शैलेंद्र सिंह राठौर, विधि से रामेंद्र सिंह, लेखा से अमर सिंह कुशवाहा और अर्थशास्त्र से नरेंद्रचंद्र।
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30 को होगा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव
डायरेक्टर के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव 30 जून को होना है। डायरेक्टरों में से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव जाना है। भाजपा ने पहले ही पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार को अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित कर दिया गया था। कुलदीप का कायमगंज से निर्विरोध डायरेक्टर चुना जाना तय है। इसके बाद उनकी अध्यक्ष पद पर ताजपोशी औपचारिकता मात्र रह जाएगी। उपाध्यक्ष पद के लिए अभी नाम तय नहीं है।
इनसेट
कंचन को घेरने से हुई थी हाथापाई
तिर्वा समिति की प्रतिनिधि कंचन सिंह पर्चा खरीदकर बाहर निकलीं तो उनकी जीप को भाजपाइयों ने घेर किया। इससे कंचन के समर्थकों और भाजपाइयों में हाथापाई भी हुई। नामांकन में धांधली का आरोप लगाकर सपा समर्थक तत्कालीन डायरेक्टर दिगंबर सिंह यादव समर्थकों के साथ धरने पर भी बैठ गए थे। दिगंबर का आरोप था कि उनके बेटे दिग्विजय सिंह, अवधेश व लालाराम से भाजपाइयों ने हाथापाई की। शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की।
फोटो-21 सांसद सुब्रत पाठक
भ्रष्टाचार खत्म कर बढ़ाएंगे किसानों की आमदनी : सुब्रत
कन्नौज। भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने सहकारिता के चुनाव में भाजपा की तय जीत पर कहा कि सपा का सहकारिता बैंक में काफी सालों से कब्जा रहा। सपा के कार्यकाल में बैंक में काफी भ्रष्टाचार फैल गया था। भाजपा के जीतने पर भ्रष्टाचार खत्म होगा। किसानों की आमदनी बढ़ाएगी जाने पर काम होंगे। सपा के प्रत्याशियों के नामांकन करने के जवाब में कहा कि सपा के लोगों की आरोप लगाने की प्रवृत्ति रही। वह ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत, एमएलसी के चुनाव में यह सब करते आए हैं, इसलिए आरोप लगा रहे हैं। देश में कानून का राज है।
फोटो-22 दिगम्बर सिंह यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख।
सपाइयों को पर्चे भरने नहीं दिए गए: दिगंबर
कन्नौज। पूर्व ब्लाक प्रमुख दिगंबर सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता के चुनाव में लोकतंत्र की हत्या हुई हैं। वहां के भाजपा सांसद, एमएलए समेत जनप्रतिनिधियों ने जबरदस्ती की, सपा समर्थकों को नामांकन तक नहीं करने दिया गया। कंचन कनौजिया, लालाराम, कल्यान सिंह को नामांकन से रोक दिया गया। डीएम कार्यालय में धरना दिया लेकिन सत्ता पक्ष की वजह से कुछ नहीं हुआ। अगर पार्टी के पदाधिकारी कहेंगे तो हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।