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Kanpur News: बिजली चोरी करने में देहाती आगे, शहरी पीछे
Sun, 01 Oct 2023 12:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 01 Oct 2023 12:24 AM IST
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कानपुर देहात। जिले में ग्रामीण इलाके के लोग बिजली चोरी में शहरियों से आगे हैं। हालात ये हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रति सौ रुपये में करीब 30 रुपये की बिजली चोरी हो रही है। जबकि शहरी क्षेत्र में प्रति सौ रुपये में 15 रुपये की बिजली चोरी हो रही है।
जिले में 47 उपकेंद्रों से जुड़े 298 फीडरों से करीब 2 लाख 11 हजार से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति होती है। बिजली आपूर्ति के अनुसार विभाग को राजस्व नहीं मिल रहा है। दरअसल कटियाबाज बिजली चोरी कर लेते हैं। इससे विभाग को चपत लग रही है। हर माह करीब 20 से 25 लाख रुपये की बिजली चोरी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू बिजली पंखा के करीब एक लाख से अधिक कनेक्शन हैं। 171 फीडरों से इन कनेक्शनों को बिजली आपूर्ति की जाती है। गांवों में एलटी लाइनों पर कटिया डालकर धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है। यहां शत प्रतिशत कनेक्शनों पर मीटर भी नहीं लग सके हैं। ऐसे में लोग घरेलू कनेक्शन पर हीटर, फ्रीज, कूलर, सबमर्सिबल आदि चलाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में तो मवेशियों के लिए हरा चारा काटने की मशीन भी मोटर चालित हैं। इसमें भी घरेलू बिजली का उपयोग हो रहा है। जबकि बिजली बिल एक किलोवाट भार के अनुसार ही लिया जा रहा है। बिजली सुधार में कमी से ग्रामीण क्षेत्र में लाइनलॉस 30 फीसदी है। नगरीय क्षेत्र में 18 फीडर से रूरा, अकबरपुर, पुखरायां, झींझक, शिवली, रसूलाबाद, डेरापुर, सिकंदरा आदि में उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। यहां घनी आबादी में एरियल बंच कडक्टर लाइन बिछाई गई है। इससे कटिया डालकर बिजली चोरी नहीं हो पाती है। इसकी वजह से नगरीय क्षेत्र में लाइनलॉस 15 फीसदी है।
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बयान
ग्रामीण क्षेत्र में लाइनलॉस अधिक है। करीब तीस फीसदी से अधिक लाइनलॉस होने से राजस्व का नुकसान होता है। नगरीय क्षेत्र में करीब 15 फीसदी लाइनलॉस है। 33 केवी के 17 और 11 केवी के 15 फीडर हैं। इन फीडरों पर लाइनलॉस एक फीसदी से कम है। इसे सुधारने के लिए रूपरेखा तय की गई है। कनेक्शनों पर मीटर लगाए जाएंगे। एरियल बंच कंडक्टर लाइन भी बनाने का प्रस्ताव है।
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-एके वर्मा, अधीक्षण अभियंता
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औद्योगिक क्षेत्र में चार फीसद लाइनलॉस
जिले में रनियां, जैनपुर व पुखरायां में औद्योगिक क्षेत्र है। कुल 15 फीडर से औद्योगिक इकाइयों को बिजली आपूर्ति की व्यवस्था है। औद्योगिक फीडरों पर लाइनलॉस केवल चार फीसद है। इसे भी मार्च 2024 तक तीन फीसदी करने के लिए प्रयास हो रहा है। अधीक्षण अभियंता एके वर्मा ने बताया कि लाइनलॉस सुधारने के लिए फीडरों को चिन्हित कराया जा चुका है। संवाद
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माती मुख्यालय पर दो फीसद बिजली हो जाती चोरी
माती मुख्यालय फीडर पर सरकारी कार्यालय हैं। हालांकि कुछ निजी दुकानदारों को भी इसी लाइन से बिजली आपूर्ति की गई है। जबकि कर्मियों के आवास पर भी इसी फीडर से बिजली दी जाती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार माती फीडर पर दो फीसद लाइनलॉस है। इससे कम कर एक फीसद तक लाने के लिए एसडीओ व जेई को निर्देश दिए हैं। संवाद
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जिले में 47 उपकेंद्रों से जुड़े 298 फीडरों से करीब 2 लाख 11 हजार से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति होती है। बिजली आपूर्ति के अनुसार विभाग को राजस्व नहीं मिल रहा है। दरअसल कटियाबाज बिजली चोरी कर लेते हैं। इससे विभाग को चपत लग रही है। हर माह करीब 20 से 25 लाख रुपये की बिजली चोरी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू बिजली पंखा के करीब एक लाख से अधिक कनेक्शन हैं। 171 फीडरों से इन कनेक्शनों को बिजली आपूर्ति की जाती है। गांवों में एलटी लाइनों पर कटिया डालकर धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है। यहां शत प्रतिशत कनेक्शनों पर मीटर भी नहीं लग सके हैं। ऐसे में लोग घरेलू कनेक्शन पर हीटर, फ्रीज, कूलर, सबमर्सिबल आदि चलाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में तो मवेशियों के लिए हरा चारा काटने की मशीन भी मोटर चालित हैं। इसमें भी घरेलू बिजली का उपयोग हो रहा है। जबकि बिजली बिल एक किलोवाट भार के अनुसार ही लिया जा रहा है। बिजली सुधार में कमी से ग्रामीण क्षेत्र में लाइनलॉस 30 फीसदी है। नगरीय क्षेत्र में 18 फीडर से रूरा, अकबरपुर, पुखरायां, झींझक, शिवली, रसूलाबाद, डेरापुर, सिकंदरा आदि में उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। यहां घनी आबादी में एरियल बंच कडक्टर लाइन बिछाई गई है। इससे कटिया डालकर बिजली चोरी नहीं हो पाती है। इसकी वजह से नगरीय क्षेत्र में लाइनलॉस 15 फीसदी है।
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ग्रामीण क्षेत्र में लाइनलॉस अधिक है। करीब तीस फीसदी से अधिक लाइनलॉस होने से राजस्व का नुकसान होता है। नगरीय क्षेत्र में करीब 15 फीसदी लाइनलॉस है। 33 केवी के 17 और 11 केवी के 15 फीडर हैं। इन फीडरों पर लाइनलॉस एक फीसदी से कम है। इसे सुधारने के लिए रूपरेखा तय की गई है। कनेक्शनों पर मीटर लगाए जाएंगे। एरियल बंच कंडक्टर लाइन भी बनाने का प्रस्ताव है।
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-एके वर्मा, अधीक्षण अभियंता
औद्योगिक क्षेत्र में चार फीसद लाइनलॉस
जिले में रनियां, जैनपुर व पुखरायां में औद्योगिक क्षेत्र है। कुल 15 फीडर से औद्योगिक इकाइयों को बिजली आपूर्ति की व्यवस्था है। औद्योगिक फीडरों पर लाइनलॉस केवल चार फीसद है। इसे भी मार्च 2024 तक तीन फीसदी करने के लिए प्रयास हो रहा है। अधीक्षण अभियंता एके वर्मा ने बताया कि लाइनलॉस सुधारने के लिए फीडरों को चिन्हित कराया जा चुका है। संवाद
माती मुख्यालय पर दो फीसद बिजली हो जाती चोरी
माती मुख्यालय फीडर पर सरकारी कार्यालय हैं। हालांकि कुछ निजी दुकानदारों को भी इसी लाइन से बिजली आपूर्ति की गई है। जबकि कर्मियों के आवास पर भी इसी फीडर से बिजली दी जाती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार माती फीडर पर दो फीसद लाइनलॉस है। इससे कम कर एक फीसद तक लाने के लिए एसडीओ व जेई को निर्देश दिए हैं। संवाद