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सीएम योगी का अफसर दंपति पर ‘बड़ा एक्शन’, छापे के दौरान मिली थी बेनामी संपत्ति

Sat, 29 Apr 2017 01:08 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 29 Apr 2017 01:08 AM IST
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rto sunita verma suspended
सुनीता वर्मा निलंबित
प्रदेश सरकार ने कानपुर की आरटीओ सुनीता वर्मा को सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुमोदन के बाद परिवहन विभाग ने शुक्रवार की देर रात इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए। सुनीता वर्मा को सस्पेंड करने के साथ ही मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
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दरअसल, कानपुर की आरटीओ सुनीता वर्मा व उनके पति वाणिज्य कर के ज्वाइंट कमिश्नर डीके वर्मा के आवास पर आयकर विभाग ने 18 अप्रैल को छापा मारा था। इस दौरान इस अफसर दंपति के यहां 87 लाख रुपये कैश बरामद हुए थे। आयकर विभाग ने जब अफसर दंपति से इसका हिसाब मांगा तो ये दोनों ही संतोषजनक जवाब न दे सके। इस मामले में परिवहन विभाग ने सुनीता वर्मा को संस्पेंड करने की फाइल मुख्यमंत्री के पास चार पांच दिन पहले भेजी थी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने आरटीओ को सस्पेंड करने की संस्तुति कर दी। इसके बाद परिवहन विभाग ने इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए। यह आदेश प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला की ओर से जारी किए गए हैं।
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वाणिज्यकर के दो अधिकारी सस्पेंड
कानपुर वाणिज्यकर के ज्वाइंट कमिश्नर डीके वर्मा और असिस्टेंट कमिश्नर सुनील प्रकाश को शुक्रवार को शासन से सस्पेंड कर दिया गया। दोनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, कर चोरी को बढ़ावा देने और आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप हैं। 
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ज्वाइंट कमिश्नर डीके वर्मा आरटीओ सुनीता वर्मा के पति हैं। गत 18 अप्रैल को दोनों के तिलक नगर स्थित आवास पर आयकर विभाग ने छापा मारा था। इनके आवास से 87 लाख रुपये कैश और इलाहाबाद में तीन लॉकर मिले थे। दोनों अधिकारी घर पर मिली नकदी का हिसाब नहीं दे सके थे। आयकर विभाग ने इसकी सूचना राज्य सरकार को दी थी। इसी तरह सचल दल इकाई-8 में तैनात सुनील प्रकाश पर भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उन्होंने टैक्स चोरी करने वाले ट्रांसपोर्टर की गाड़ी बिना जमानत जमा कराए छोड़ दी थी। बताते हैं कि सत्य प्रकाश ने ऐसा कृत्य केशव लाल के कहने पर किया था। केशव लाल और सत्यप्रकाश की जोड़ी वाहनों को पकड़ती थी और दबाव बनाकर अवैध वसूली करती थी। सौदा पट जाने पर बिना जमानत जमा कराए गाड़ी छोड़ दी जाती थी।
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