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Kanpur News: आरटीओ का फिटनेस सेंटर फांक रहा धूल, प्राइवेट सेंटर को हरी झंडी
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कानपुर। कामर्शियल वाहनों की फिटनेस के लिए किसाननगर में 6.50 करोड़ों की लागत से बना आरटीओ का ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर पांच साल से धूल फांक रहा है। वहीं, शासन अब भौंती में बन रहे प्राइवेट फिटनेस सेंटर को हरी झंडी दिखाने की तैयारी में है। दिसंबर में प्राइवेट सेंटर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है लेकिन सरकारी सेंटर की पांच साल से लंबित तकनीकी निविदा की सुध लेने वाला कोई नहीं।
किसाननगर में बना आरटीओ का सरकारी फिटनेस सेंटर पहले दिसंबर 2021 में चालू होना था लेकिन मशीनें न आ पाने के कारण तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दी गई थी। फिर भी बंगलूरू की कंपनी ने मशीनें नहीं भेजीं। इस बिल्डिंग का निर्माण करीब आठ करोड़ से पूरा होना था। इसमें यूपीआरआरएनएस कार्यदायी संस्था को 6.50 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। लापरवाही बतरने में शासन स्तर से मशीनें सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इसके बाद दोबारा तकनीकी टेंडर नहीं किया गया। शासन स्तर से निविदा लंबित पड़ी है।
पांच साल पहले इस बिल्डिंग पर खर्च किए गए करोड़ों के सरकारी धन पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकारी ढांचा तैयार था तो उसे चालू क्यों नहीं कराया गया। क्या प्राइवेट सेंटर को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सेंटर को जानबूझकर उपेक्षित किया गया।
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चौबेपुर में चल रहा सेंटर, जल्द भौंती में होगा शुरू
जिले में अक्तूबर से पहले मैनुअल तरीके से वाहनों की फिटनेस होती थी। अब एक प्राइवेट कंपनी ने फिटनेस केंद्र चौबेपुर में बनाया है जो पूरी तरह से ऑटोमेटिक है। यहां ज्यादातर वाहन अनफिट हो रहे हैं। अब जल्द ही राजस्थान की प्राइवेट कंपनी, भौंती में तैयार हो रहे ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर का संचालन करेगी। लगभग इसकी पूरी तैयारी भी कर ली गई है।
वर्जन-
2021 से बिल्डिंग बनकर तैयार है। उस समय जिस कंपनी को मशीन सप्लाई करने का टेंडर दिया गया था उसने सप्लाई नहीं की। फिर से तकनीकी निविदा निकाली जानी है। इसके बाद उसका संचालन शुरू हो जाएगा। - राकेंद्र सिंह, आरटीओ प्रशासन
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किसाननगर में बना आरटीओ का सरकारी फिटनेस सेंटर पहले दिसंबर 2021 में चालू होना था लेकिन मशीनें न आ पाने के कारण तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दी गई थी। फिर भी बंगलूरू की कंपनी ने मशीनें नहीं भेजीं। इस बिल्डिंग का निर्माण करीब आठ करोड़ से पूरा होना था। इसमें यूपीआरआरएनएस कार्यदायी संस्था को 6.50 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। लापरवाही बतरने में शासन स्तर से मशीनें सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। इसके बाद दोबारा तकनीकी टेंडर नहीं किया गया। शासन स्तर से निविदा लंबित पड़ी है।
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पांच साल पहले इस बिल्डिंग पर खर्च किए गए करोड़ों के सरकारी धन पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकारी ढांचा तैयार था तो उसे चालू क्यों नहीं कराया गया। क्या प्राइवेट सेंटर को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सेंटर को जानबूझकर उपेक्षित किया गया।
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चौबेपुर में चल रहा सेंटर, जल्द भौंती में होगा शुरू
जिले में अक्तूबर से पहले मैनुअल तरीके से वाहनों की फिटनेस होती थी। अब एक प्राइवेट कंपनी ने फिटनेस केंद्र चौबेपुर में बनाया है जो पूरी तरह से ऑटोमेटिक है। यहां ज्यादातर वाहन अनफिट हो रहे हैं। अब जल्द ही राजस्थान की प्राइवेट कंपनी, भौंती में तैयार हो रहे ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर का संचालन करेगी। लगभग इसकी पूरी तैयारी भी कर ली गई है।
वर्जन-
2021 से बिल्डिंग बनकर तैयार है। उस समय जिस कंपनी को मशीन सप्लाई करने का टेंडर दिया गया था उसने सप्लाई नहीं की। फिर से तकनीकी निविदा निकाली जानी है। इसके बाद उसका संचालन शुरू हो जाएगा। - राकेंद्र सिंह, आरटीओ प्रशासन