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Kanpur News: घोटाले की 54 करोड़ की धनराशि 15 दिन में जमा करने की मोहलत
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इटावा। जिला सहकारी बैंक घोटाला मामले में बैंक प्रबंधन ने सभी 12 आरोपियों को गबन की राशि 54 करोड़ रुपये 15 दिनों में जमा करने की मोहलत दी है। धनराशि जमा नहीं करने पर वसूली के निर्देश दिए जाएंगे। उधर, घोटाले के मुख्य आरोपी अखिलेश चतुर्वेदी की जमानत याचिका पर अपर जिला जज एससी-एसटी की कोर्ट में सुनवाई होगी।
जिला सहकारी बैंक के उप महाप्रबंधक उमेश कुमार ने 17 जुलाई 2024 को 24 करोड़ 18 लाख रुपये का घोटाला व 72 लाख रुपये की अनियमितता का आरोप लगाकर 10 नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचना में सराफ उज्ज्वल पोरवाल, मुख्य आरोपी अखिलेश चतुर्वेदी के पिता शैलेंद्र चतुर्वेदी, मां आशा चतुर्वेदी, पत्नी मालती चतुर्वेदी व ठेकेदार प्रभात कुमार समेत सात लोगों के नाम सामने आए थे। नामजद 10 व अन्य सात लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भेज दिया था। इस मामले में संयुक्त आयुक्त एवं निबंधक आरएस के नेतृत्व में टीम जांच कर रही थी।
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जांच में 12 आरोपियों की ओर 54 करोड़ रुपये घोटाले की धनराशि मिली थी। इस आधार पर अब बैंक प्रबंधन ने आरोपियों को 15 दिनों का समय दिया है। 15 दिनों में घोटाले की राशि आरोपियों को बैंक में जमा करनी है। अन्यथा सभी पर उप्र सहकारी बैंक अधिनियम 1965 की धारा 92 के तहत वसूली की कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता कार्तिकेय यादव ने बताया कि सभी आरोपियों पर आर्थिक जिम्मेदारी तय कर दी गई है। गुरुवार को मुख्य आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
वहीं, इस मामले में पांच अन्य आरोपी हैं। यह लोग अपने खाते से लेनदेन कराने व अन्य सहायता देने की वजह से आरोपी बने हैं। ये पांचों आरोपी में जेल में हैं।
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किसके नाम कितनी राशि का घोटाला
आरोपी का नाम-- -- -- -- - घोटाले की रकम
1-अखिलेश कुमार चतुर्वेदी-- -- 26,93,76,433 रुपये
2-अतुल प्रताप सिंह-- -- -- -- -13,60,13,298 रुपये
3-नफीशुल जैदी-- -- -- -- -- 6,3,51,989 रुपये
4-लालजी वर्मा-- -- -- -- -- -- - 6,89,00,466 रुपये
5-रिंकी-- -- -- -- -- -- -- -- -1,5,74,433 रुपये
6-कुलदीप सिंह-- -- -- -- -- -- -49, 82,089 रुपये
7-सुनीता-- -- -- -- -- -- -- -- 33,57,109 रुपये
8-सुनील यादव-- -- -- -- -- -- -- 26,17,599 रुपये
9-उपेंद्र कुमार-- -- -- -- -- -- -- 25,53,989 रुपये
10-दीपक गुप्ता-- -- -- -- -- -- -- -19,58,995 रुपये
11-शिवांगी शुक्ला-- -- -- -- -- -- 4,58,828 रुपये
12-विवेक भार्गव-- -- -- -- -- -- -13,279 रुपये
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जिला सहकारी बैंक के उप महाप्रबंधक उमेश कुमार ने 17 जुलाई 2024 को 24 करोड़ 18 लाख रुपये का घोटाला व 72 लाख रुपये की अनियमितता का आरोप लगाकर 10 नामजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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विवेचना में सराफ उज्ज्वल पोरवाल, मुख्य आरोपी अखिलेश चतुर्वेदी के पिता शैलेंद्र चतुर्वेदी, मां आशा चतुर्वेदी, पत्नी मालती चतुर्वेदी व ठेकेदार प्रभात कुमार समेत सात लोगों के नाम सामने आए थे। नामजद 10 व अन्य सात लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भेज दिया था। इस मामले में संयुक्त आयुक्त एवं निबंधक आरएस के नेतृत्व में टीम जांच कर रही थी।
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जांच में 12 आरोपियों की ओर 54 करोड़ रुपये घोटाले की धनराशि मिली थी। इस आधार पर अब बैंक प्रबंधन ने आरोपियों को 15 दिनों का समय दिया है। 15 दिनों में घोटाले की राशि आरोपियों को बैंक में जमा करनी है। अन्यथा सभी पर उप्र सहकारी बैंक अधिनियम 1965 की धारा 92 के तहत वसूली की कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता कार्तिकेय यादव ने बताया कि सभी आरोपियों पर आर्थिक जिम्मेदारी तय कर दी गई है। गुरुवार को मुख्य आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
वहीं, इस मामले में पांच अन्य आरोपी हैं। यह लोग अपने खाते से लेनदेन कराने व अन्य सहायता देने की वजह से आरोपी बने हैं। ये पांचों आरोपी में जेल में हैं।
किसके नाम कितनी राशि का घोटाला
आरोपी का नाम
1-अखिलेश कुमार चतुर्वेदी
2-अतुल प्रताप सिंह
3-नफीशुल जैदी
4-लालजी वर्मा
5-रिंकी
6-कुलदीप सिंह
7-सुनीता
8-सुनील यादव
9-उपेंद्र कुमार
10-दीपक गुप्ता
11-शिवांगी शुक्ला
12-विवेक भार्गव