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विकास दुबे समेत 200 शस्त्र लाइसेंसों की फाइल गायब होने में लिपिक की भूमिका, चार्जशीट दाखिल, गिरफ्तारी जल्द

Tue, 20 Jul 2021 09:10 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 20 Jul 2021 09:10 AM IST
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role of the clerk in the disappearance of the file of 200 arms licenses including Vikas Dubey
विकास दुबे कांड: शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्रा, जय बाजपेई - फोटो : amar ujala
कानपुर में विकास दुबे समेत 200 शस्त्र लाइसेंस धारकों की असलहा विभाग से पत्रावलियां गायब होने के मामले में तत्कालीन लिपिक की भूमिका की पुष्टि हुई है। सीबीसीआईडी जांच में लिपिक के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। इसके आधार पर सीबीसीआईडी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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शासन को इस संबंध में रिपोर्ट भेज दी है। शासन की मुहर लगने के बाद सीबीसीआईडी आरोपी लिपिक की गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई करेगी। पिछले साल बिकरू कांड के बाद जब विकास दुबे के असलहे की पत्रावली की तलाश शुरू हुई थी तब पता चला कि पत्रावली गायब है।
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डीएम ने मामले की जांच कराई। जांच में खुलासा हुआ कि 200 पत्रावलियां गायब हैं। तत्कालीन सहायक शस्त्र लिपिक विजय रावत को दोषी ठहराया गया। 13 अक्तूबर 2020 को कलक्ट्रेट के क्लर्क वैभव अवस्थी की तहरीर पर विजय रावत के खिलाफ विश्वास का आपराधिक हनन की धारा 409 आईपीसी के तहत कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज हुई।

शासन के आदेश पर जांच सीबीसीआईडी कानपुर शाखा को सौंपी गई। सीबीसीआईडी ने जांच में पाया कि विजय की अभिरक्षा में ही ये पत्रावलियां रखी गई थीं। कुछ ऐसे तथ्य विवेचना के दौरान जुटाए हैं, जिससे दावा किया है कि पत्रावलियों को साजिशन गायब किया गया। 

शासन के आदेश के बाद होगी गिरफ्तारी, लिपिक पर कसेगा शिकंजा
सीबीआईडी के विवेचक ने चार्जशीट लगाकर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। शासन अपने स्तर से इसकी समीक्षा करेगा। इसके बाद कार्रवाई के निर्देश देगा। सूत्रों के मुताबिक सीबीसीआईडी के तथ्य बेहद अहम हैं। लिहाजा गिरफ्तारी की मंजूरी मिलना लगभग तय है। जानकारी के मुताबिक जो पत्रावलियां गायब हैं उसमें कई नामचीन लोगों की पत्रावलियां भी शामिल हैं। गायब पत्रावलियां 31 से 330 क्रमांक के बीच की हैं।
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