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पूर्व डीजीपी के चाचा के घर डकैतों ने बोला धावा, ताला तोड़कर लाखों का माल किया पार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 22 May 2018 07:47 AM IST
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पूर्व डीजीपी के चचेरे भाई के घर डकैतों ने बिखेरा सामान, घर के बाहर परिजन और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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बांदाः ढाई माह पूर्व प्रदेश के पुलिस महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए सुलखान सिंह के पैतृक गांव में उनके ही खानदानी के घर आधा दर्जन बदमाशों ने धावा बोलकर गृहस्वामिनी को डंडे से पीटकर बुरी तरह घायल कर दिया। छह लाख रुपये के जेवर और दो लाख रुपये कैश लेकर फरार हो गए। बदमाशों ने उन कमरों की कुंडियां बाहर से बंद कर दीं जिनमें गृहस्वामी के पुत्र सो रहे थे। पुत्र ने खिड़की से हवाई फायर भी किया। बदमाश भाग निकले।
जौहरपुर के मजरा चारकूरा में डीजीपी के खानदानी शिक्षक गजेंद्र सिंह परिवार के साथ पक्के मकान में रहते हैं। वह पूर्व डीजीपी के रिश्ते में चचेरे चाचा हैं। सोमवार को तड़के करीब दो बजे पूरा परिवार घर में अलग-अलग कमरों व आंगन में सो रहा था। इसी बीच घर के पिछवाड़े की छत से बदमाश घर में दाखिल हुए और मुख्य दरवाजे में लगा ताला तोड़ दिया। गजेंद्र अपनी पत्नी पिंकी और बच्चों के साथ कमरों में सो रहे थे। उस कमरे की बाहर से कुंडी बंद कर दी। चचेरा भाई सिद्धार्थ अपनी पत्नी रतनमाला व बच्चों के साथ दूसरे कमरे में सो रहा था। बदमाशों ने उसके दरवाजे की कुंडी भी बाहर से बंद कर दी। गजेंद्र की मां शिवकली व चाची मीरा देवी आंगन में सो रही थीं। आंगन और बरामदों में लगे जल रहे बल्ब निकाल दिए।
बदमाशों ने कमरे का ताला तोड़कर वहां रखी अलमारी का लॉक तोड़ दिया और उसमें रखे करीब छह लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर अपने कब्जे में ले लिए। दूसरे कमरे की कुंडी तोड़कर वहां रखी अटैची में दो लाख रुपये नगद और कुछ जेवर निकाल लिए। इसी बीच आंगन में सो रही मीरा देवी की नींद खुल गई। उसने बाहर अंडर वियर व बनियान पहने खड़े बदमाश को देखा। मीरा उसकी तरफ बढ़ी तो बदमाश ने उस पर डंडे से हमला कर दिया। वह बेहोश होकर गिर गई। उसकी नाक और मुहं पर चोटे आईं।
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इसी बीच गजेंद्र की मां शिवकली जाग गई और शोर मचाया। गजेंद्र की आंख खुल गई। लेकिन कुंडी बंद होने से बाहर नहीं निकल पाया। बाहर बदमाशों को देखा और अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायर किया। बदमाश भाग गए। शिवकली ने गजेंद्र और सिद्धार्थ के कमरों की कुंडियां खोलीं। वह बाहर आ गए। प्रधान प्रतिनिधि शालू सिंह अपने छोटे भाई शीलू सिंह के साथ आ गए और शोर मचाया। प्रधान प्रतिनिधि ने यूपी-100 को कॉल की। यह पुलिस चार बजे सुबह पहुंची। कुछ देर बाद तिंदवारी इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव और बेंदाघाट चौकी प्रभारी योगेंद्र पटेल फोर्स के साथ पहुंच गए। फारेंसिक टीम ने घटना स्थल के नमूने लिए। गांव के बाहर ट्यूबवेल के पास खाली अटैची, झोला व बक्सा आदि पड़े मिले। घायल मीरा देवी को तिंदवारी पीएचसी लाकर इलाज कराया गया।
गृहस्वामी गजेंद्र सिंह ने तिंदवारी थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि यह चोरी की घटना है। बदमाश दो लाख नगद और जेवरात ले गए हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक रास्ता रोकने पर बदमाशों ने मीरा देवी पर डंडे से हमला किया। इसके तहत धारा 457 व 382 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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जौहरपुर के मजरा चारकूरा में डीजीपी के खानदानी शिक्षक गजेंद्र सिंह परिवार के साथ पक्के मकान में रहते हैं। वह पूर्व डीजीपी के रिश्ते में चचेरे चाचा हैं। सोमवार को तड़के करीब दो बजे पूरा परिवार घर में अलग-अलग कमरों व आंगन में सो रहा था। इसी बीच घर के पिछवाड़े की छत से बदमाश घर में दाखिल हुए और मुख्य दरवाजे में लगा ताला तोड़ दिया। गजेंद्र अपनी पत्नी पिंकी और बच्चों के साथ कमरों में सो रहे थे। उस कमरे की बाहर से कुंडी बंद कर दी। चचेरा भाई सिद्धार्थ अपनी पत्नी रतनमाला व बच्चों के साथ दूसरे कमरे में सो रहा था। बदमाशों ने उसके दरवाजे की कुंडी भी बाहर से बंद कर दी। गजेंद्र की मां शिवकली व चाची मीरा देवी आंगन में सो रही थीं। आंगन और बरामदों में लगे जल रहे बल्ब निकाल दिए।
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बदमाशों ने कमरे का ताला तोड़कर वहां रखी अलमारी का लॉक तोड़ दिया और उसमें रखे करीब छह लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर अपने कब्जे में ले लिए। दूसरे कमरे की कुंडी तोड़कर वहां रखी अटैची में दो लाख रुपये नगद और कुछ जेवर निकाल लिए। इसी बीच आंगन में सो रही मीरा देवी की नींद खुल गई। उसने बाहर अंडर वियर व बनियान पहने खड़े बदमाश को देखा। मीरा उसकी तरफ बढ़ी तो बदमाश ने उस पर डंडे से हमला कर दिया। वह बेहोश होकर गिर गई। उसकी नाक और मुहं पर चोटे आईं।
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इसी बीच गजेंद्र की मां शिवकली जाग गई और शोर मचाया। गजेंद्र की आंख खुल गई। लेकिन कुंडी बंद होने से बाहर नहीं निकल पाया। बाहर बदमाशों को देखा और अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायर किया। बदमाश भाग गए। शिवकली ने गजेंद्र और सिद्धार्थ के कमरों की कुंडियां खोलीं। वह बाहर आ गए। प्रधान प्रतिनिधि शालू सिंह अपने छोटे भाई शीलू सिंह के साथ आ गए और शोर मचाया। प्रधान प्रतिनिधि ने यूपी-100 को कॉल की। यह पुलिस चार बजे सुबह पहुंची। कुछ देर बाद तिंदवारी इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव और बेंदाघाट चौकी प्रभारी योगेंद्र पटेल फोर्स के साथ पहुंच गए। फारेंसिक टीम ने घटना स्थल के नमूने लिए। गांव के बाहर ट्यूबवेल के पास खाली अटैची, झोला व बक्सा आदि पड़े मिले। घायल मीरा देवी को तिंदवारी पीएचसी लाकर इलाज कराया गया।
गृहस्वामी गजेंद्र सिंह ने तिंदवारी थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि यह चोरी की घटना है। बदमाश दो लाख नगद और जेवरात ले गए हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक रास्ता रोकने पर बदमाशों ने मीरा देवी पर डंडे से हमला किया। इसके तहत धारा 457 व 382 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई।