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Kanpur: नवंबर में सड़कें होनी हैं चमाचम...अभी तक टेंडर नहीं, जिम्मेदारों की आपसी खींचतान से बढ़ी परेशानी

Sun, 08 Oct 2023 03:38 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 08 Oct 2023 03:38 PM IST
सार

Kanpur News:  विभाग की तरफ से ठेकेदारों को नियम विरुद्ध तरीके से कार्य कराने की सहमति न देने पर सभी कार्य ठप हो गए। करीब चार माह बाद भी टेंडर जारी नहीं किए गए हैं।

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Roads are to be ready in November, No tender yet, problems increased due to mutual tussle between those respon
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें नवंबर तक चमाचम होनी हैं। शासन ने जिला पंचायत को आठ करोड़ रुपये भी जारी कर दिए। इसके बावजूद अभी तक टेंडर तक नहीं हुए। जिम्मेदारों की आपसी खींचतान का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अब समय से काम पूरा होने पर भी संशय है।

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जिले की कई मुख्य सड़कें बदहाल हैं।  मरम्मत कार्य न होने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद ये सड़कें जानलेवा हो गई हैं। बीते वित्तीय वर्ष में घाटमपुर, चौबेपुर, बिल्हौर, नर्वल की करीब 10 किलोमीटर की अलग-अलग सड़कों की पैचिंग और करीब 30 किलोमीटर की 20 सड़कें डामरीकरण के लिए चिह्नित गईं हैं।
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विभागीय अधिकारियों और जिला पंचायत अध्यक्ष में खींचतान
इनकी मरम्मत के लिए जिला पंचायत कार्यालय ने इस्टीमेट बनाकर शासन भेजा गया था। शासन ने सड़कों को दुरुस्त करने के लिए मई माह में 8 करोड़ रुपये की धनराशि जारी भी कर दी थी। इसके बाद टेंडर निकाले गए, तो शासन ने कुछ नियम में बदलाव कर दिया। इससे टेंडर निरस्त कर दिए गए। इसके बाद कार्य कराने को लेकर विभागीय अधिकारियों और जिला पंचायत अध्यक्ष में आपसी खींचतान शुरू हो गई।

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सहमति न देने पर सभी कार्य ठप हो गए
विभाग की तरफ से ठेकेदारों को नियम विरुद्ध तरीके से कार्य कराने की सहमति न देने पर सभी कार्य ठप हो गए। करीब चार माह बाद भी टेंडर जारी नहीं किए गए हैं। खराब सड़कों को लेकर कई बार जिला पंचायत सदस्यों ने मंडलायुक्त और शासन से शिकायत की, लेकिन आज तक न तो जांच हुई और न ही कोई कार्य शुरू हो सके।

7.86 करोड़ रुपये की लगी लाइटें भी खराब
जिला पंचायत कार्यालय ने बीते वर्ष 15वें वित्त से 7.86 करोड़ रुपये से स्ट्रीट, हाईमास्ट लाइटें लगाई थी। इसमें जिलेभर में 14 हजार स्ट्रीट लाइट, 294 हाईमास्ट लाइटें लगवाई गईं थी। ये एक माह बाद ही खराब होना शुरू हो गईं थी। इसकी शिकायत कई बार जिला पंचायत सदस्यों ने जिला प्रशासन से की थी लेकिन जांच दबा दी गई। चौबेपुर, बिल्हौर क्षेत्र में लगीं लगभग सभी स्ट्रीट लाइटें एक वर्ष में ही खराब हो गईं। उन्हें सही कराने वाला अब कोई नहीं है।

टेंडर प्रक्रिया में शासन ने कुछ बदलाव किया था, उस कारण कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। जल्द ही टेंडर निकालकर कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।  -रवींद्र गुप्ता, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत

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