फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   risk of scorching on pulses crop

अब दलहनी फसलों पर मंडराया 'झुलसा का खतरा' 

Fri, 16 Dec 2016 07:23 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 16 Dec 2016 07:23 PM IST
सार

तापमान में अधिक गिरावट से
रात में नौ डिग्री तक हो जाता तापमान, और हो सकती है तापमान में गिरावट 

विज्ञापन
risk of scorching on pulses crop
डेमो

विस्तार

तापमान में गिरावट से दलहनी फसलों में झुलसा का खतरा बढ़ गया है। मटर, चना और आलू की फसल में पाला की आशंकाएं भी बनी हुई हैं। ऐसे में फसलों की पत्तियां पीली होकर गिरने लगती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिसंबर के अंत तक कोहरा और पाला का कहर बढ़ेगा। यह दलहनी फसलों के लिए नुकसानदायक है।

विज्ञापन

 
तापमान 10 डिग्री से कम होने पर पाला पड़ना शुरू हो जाता है। पाला से आलू की पत्तियां सूख जाती हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होता है। पाला चना और मटर को भी नुकसान पहुंचाता है। मौसम वैज्ञानिक एसके सिंह के अनुसार दिसंबर के अंत तक तापमान में गिरावट दर्ज होगी तो कोहरा व पाला भी पड़ेगा। इससे किसानों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। 
विज्ञापन


ऐसे करें बचाव 
कृषि वैज्ञानिक डा. आईपी सिंह ने बताया कि झुलसा रोग से बचाव के लिए किसान पीली पत्तियाें को हटाते रहें। मैंकोजेब या जिनेब दवा का ढाई ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल तैयार कर छिड़काव करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


हल्की सिंचाई करते रहें
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि पाला से फसलों को बचाने के लिए खेत में नमी का होना जरूरी है। ऐसे में  समय-समय पर खेतों में हल्की सिंचाई करते रहें। इससे आसपास का तापमान फसलों के अनुकूल बना रहेगा।  पाला का असर नहीं होगा। इसके अलावा संभव हो सके तो खेतों के चारों तरफ धुआं करें। इससे तापमान ठीक रहेगा। पाला का असर फसलों पर नहीं होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed