फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Rising water level of Yamuna, water reaches city's cemetery ghat

Kanpur News: यमुना का बढ़ा जलस्तर, शहर के श्मशान घाट तक पहुंचा पानी

Sun, 07 Sep 2025 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Sep 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
Rising water level of Yamuna, water reaches city's cemetery ghat
इटावा/चकरनगर। यमुना नदी में एक फिर से जलस्तर बढ़ने लगा है। शहर के शमशान घाट का मुख्य मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। वहीं, यमुना का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र चकरनगर के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शाम छह बजे तक यमुना नदी चेतावनी निशान 120.92 मीटर को पार कर 121.66 मीटर पर पहुंच गई, जो खतरे के निशान से मात्र 26 सेंटीमीटर दूर है।
विज्ञापन

वहीं, शनिवार भोर तीन बजे से सुबह आठ बजे तक चंबल का जलस्तर थम गया था। जिसके बाद जलस्तर घटना शुरू हो गया। शाम छह बजे तक 120.64 मीटर से घटकर 120.49 मीटर पर पहुंच गया।
विज्ञापन

शहर के श्मशान घाट के लिए जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर लगभग पांच फीट तक पानी भर चुका है। इसके चलते शव यात्रा ले जाना अब संभव नहीं रहा। शहर के निचले हिस्से धूमनपुर्वा में यमुना का पानी घुसने लगा है। खेतों से लेकर गलियों और दुकानों तक सबकुछ जलमग्न होता जा रहा है। गांवों में लोग अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। चकरनगर के के ऐतिहासिक सिद्धनाथ मंदिर, भरेह–चकरपुरा मार्ग, निभी–बाबरपुर मार्ग, खीरीटी, ककरैया और रानियां गांव के रास्ते पानी भरने से पूरी तरह बंद रहे। गांवों के लोग बाढ़ के पानी में डूबकर आवश्यक सामान ला रहे हैं। बाढ़ से सबसे ज्यादा असर पशुपालकों पर पड़ा है। चारों ओर पानी भर जाने से पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। महिलाएं और बुजुर्ग बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। ककरैया, खीरीटी, रानियां, हरौली, नीमाडाड़ा, गढ़ा कसदा और डिभोली गांव के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उन्हें हर समय यह डर सता रहा है कि कहीं रातोंरात जलस्तर के बढ़ने से उन्हें अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़े। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव, सूखा राशन और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि तीसरी बार बाढ़ की मार झेलना मुश्किल हो रहा है। अब उन्हें स्थायी समाधान की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed