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रिचा दुबे की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
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कानपुर देहात। फर्जी आईडी से सिम लेने के मामले में विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे की अग्रिम जमानत अर्जी सोमवार को जिला जज की कोर्ट ने खारिज कर दी।
बिकरू कांड के बाद कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा पर चौबेपुर थाने में 19 नवंबर 2020 को फर्जी आईडी से सिम लेने की रिपोर्ट इंस्पेक्टर कृष्णमोहन राय ने दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। रिचा ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह के अंदर निचली अदालत में हाजिर के लिए के आदेश दिए थे। इसके बाद भी वह अदालत में हाजिर नहीं हुई। इस पर उसके विरुद्ध वारंट जारी हो चुका है।
वहीं, रिचा के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने जिला जज की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना दाखिल किया था। इसकी सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से अविधिक रूप से प्रार्थना पत्र दाखिल करने का पक्ष रखा गया। सोमवार को बहस के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजू पोरवाल ने जमानती प्रार्थना पत्र गलत तरीके से दाखिल करने का पक्ष रखा। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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बिकरू कांड के बाद कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा पर चौबेपुर थाने में 19 नवंबर 2020 को फर्जी आईडी से सिम लेने की रिपोर्ट इंस्पेक्टर कृष्णमोहन राय ने दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। रिचा ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह के अंदर निचली अदालत में हाजिर के लिए के आदेश दिए थे। इसके बाद भी वह अदालत में हाजिर नहीं हुई। इस पर उसके विरुद्ध वारंट जारी हो चुका है।
वहीं, रिचा के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने जिला जज की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना दाखिल किया था। इसकी सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से अविधिक रूप से प्रार्थना पत्र दाखिल करने का पक्ष रखा गया। सोमवार को बहस के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजू पोरवाल ने जमानती प्रार्थना पत्र गलत तरीके से दाखिल करने का पक्ष रखा। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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