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Irfan Solanki Case: फर्जी आधार कार्ड मामले में रिवीजन याचिका खारिज, आगजनी केस में गवाहों ने बार-बार बदले बयान

Sat, 20 Jan 2024 01:47 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 20 Jan 2024 01:47 PM IST
सार

Kanpur News: डीजीसी दिलीप अवस्थी व एडीजीसी भास्कर मिश्रा का तर्क था कि एफआईआर हो चुकी थी, इरफान को जानकारी थी। एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज में इरफान की पहचान हुई है और यात्रियों की सूची में इरफान की जगह अशरफ का नाम है। कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी।

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Revision petition rejected in fake Aadhaar card case, witnesses changed statements repeatedly in arson case
इरफान सोलंकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में फर्जी आधार कार्ड से इरफान सोलंकी द्वारा की गई हवाई यात्रा के मामले में आरोपी नूरी शौकत, अशरफ व इशरत की रिवीजन याचिका एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने खारिज कर दी है। निचली अदालत द्वारा आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र खारिज होने पर याचिका दाखिल की गई थी।

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अब निचली अदालत में 30 जनवरी को मुकदमे में आरोप तय हो सकते हैं। आरोपियों के अधिवक्ता रवींद्र वर्मा ने कोर्ट में तर्क रखा था कि जिस समय इरफान ने यात्रा की उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं था, तो उसे फर्जी आधार कार्ड से यात्रा करने की कोई जरूरत नहीं थी।

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आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड बनाने या इरफान को भगाने में कोई मदद नहीं की। वहीं, डीजीसी दिलीप अवस्थी व एडीजीसी भास्कर मिश्रा का तर्क था कि एफआईआर हो चुकी थी, इरफान को जानकारी थी, एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज में इरफान की पहचान हुई है और यात्रियों की सूची में इरफान की जगह अशरफ का नाम है। कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी।

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गवाहों ने बार-बार बदले बयान
जाजमऊ आगजनी मामले में चौथे दिन बचाव पक्ष के अधिवक्ता सईद नकवी व शिवाकांत दीक्षित ने तर्क रखा कि मुकदमों में गवाहों ने बार-बार बयानों को बदला है। नजीर द्वारा थाने में दी गई तहरीर में घटनास्थल पर उसके लड़कों के पहुंचने की बात नहीं कही गई थी और न ही किसी गवाह के मौजूद होने की बात कही गई थी।

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कोर्ट ने शेष बहस के लिए 23 जनवरी की तारीख दी
हालांकि पुलिस को दिए बयान में कई और बातों को जोड़ा, जबकि न्यायालय में दिए गए बयान में घटनास्थल पर उसके लड़कों व गवाहों की मौजूदगी का जिक्र किया गया। बयानों में विरोधाभास से घटना संदिग्ध दिखती है। कोर्ट ने शेष बहस के लिए 23 जनवरी की तारीख दी है।

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