{"_id":"5bcc1f65bdec226956571e4b","slug":"restrictions-on-direct-recruitment-in-ordnance-factory","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस विभाग में सीधी भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस विभाग में सीधी भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:31 PM IST
सार
-16 अक्तूबर को बोर्ड की ओर से सभी निर्माणियों के महाप्रबंधकों को भेजे गए निर्देश
विज्ञापन
आयुध निर्माणी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आयुध निर्माणियों में सीधी भर्ती पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में 16 अक्तूबर को आयुध निर्माणी बोर्ड की ओर से सभी निर्माणियों के महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किए गए हैं। इस मामले में अब अप्रैल 2019 तक फिर विचार करने को कहा गया है। बोर्ड के निर्देश का कर्मचारी संगठन ने विरोध जताया है।
इस वित्तीय वर्ष में निर्माणियों के विभिन्न विभागों में करीब 2,768 पदों पर सीधी भर्ती की जानी थी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हुई थी। अब बताया गया है कि सरकार ने सेना को सप्लाई होने वाले 275 आइटमों को नॉन कोर आइटम में शामिल कर दिया है। आइटमों को नॉन कोर में शामिल किए जाने और इसके बाद निर्माणी पर पड़ने वाले प्रभाव के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने आयुध निर्माणी बोर्ड को रिपोर्ट दे दी है।
रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने सीधी भर्ती पर रोक लगा दी है। कहा गया है कि अप्रैल 2019 में इस पर फिर से मंथन किया जाएगा। इंटक नेता आशीष पांडेय ने बताया कि सरकार की यह नीति कर्मचारी विरोधी है। सरकार आयुध निर्माणियों का अस्तित्व खत्म करने पर तुली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस वित्तीय वर्ष में निर्माणियों के विभिन्न विभागों में करीब 2,768 पदों पर सीधी भर्ती की जानी थी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हुई थी। अब बताया गया है कि सरकार ने सेना को सप्लाई होने वाले 275 आइटमों को नॉन कोर आइटम में शामिल कर दिया है। आइटमों को नॉन कोर में शामिल किए जाने और इसके बाद निर्माणी पर पड़ने वाले प्रभाव के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने आयुध निर्माणी बोर्ड को रिपोर्ट दे दी है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने सीधी भर्ती पर रोक लगा दी है। कहा गया है कि अप्रैल 2019 में इस पर फिर से मंथन किया जाएगा। इंटक नेता आशीष पांडेय ने बताया कि सरकार की यह नीति कर्मचारी विरोधी है। सरकार आयुध निर्माणियों का अस्तित्व खत्म करने पर तुली है।
विज्ञापन