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एक ऐसी मानसिक बीमारी जो सीधा पेट में बना लेती है घर, ऑपरेशन के बाद चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 25 May 2017 09:22 AM IST
गोपाल शंकर पोरवाल/अमर उजाला, औरैया
गोपाल शंकर पोरवाल/अमर उजाला, औरैया Updated Thu, 25 May 2017 09:22 AM IST
repressive syndrome disease operated in auraiya
ऑपरेशन के बाद अस्पताल में भर्ती रीना और पास में खड़ी डॉक्टर्स की टीम

पेट में भीषण दर्द होने और फूलने की शिकायत पर रीना औरैया के एक हॉस्पिटल में भर्ती हुई थी। अल्ट्रासाउंड होने पर जो दिखा वह चौंकाने वाला था।  डॉक्टरों ने आनन-फानन ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी। ऑपरेशन के बाद उसके पेट से जो निकला उसे देखकर सभी ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं।

इस औरत के पेट से निकला कुछ ऐसा जिसे देखकर सभी हैरान

repressive syndrome disease operated in auraiya
अस्पताल में भर्ती रीना
दरअसल औरैया जिले के दिबियापुर में रेपेन्जल सिंड्रोम बीमारी से ग्रसित महिला का ऑपरेशन किया गया।एशिया में इस तरह का यह 121 वां ऑपरेशन है।  20 मई को  गौरी गंगा प्रसाद औरैया के रहने वाले चंद्रशेखर  ने अपनी पत्नी रीना (40) पेट फूलने और भयंकर दर्द की शिकायत पर कृष्णा मेडिकल सेंटर दिबियापुर में भर्ती कराया था। अल्ट्रासाउंड जांच में नजर आया कि पेट मे बहुत पानी भरा है।आंत फटने का अंदेशा हुआ। सर्जन डॉ. ब्रजेश यादव और उनकी टीम ने इस क्रिटिकल ऑपरेशन को करने की हिम्मत जुटाई और तुरंत भर्ती कर इस केस पर काम शुरू कर दिया। 
 
repressive syndrome disease operated in auraiya
डॉक्टर बृजेश अपनी टीम के साथ
ट्राइको विजिओर नाम के इस ऑपरेशन को कृष्णा मेडिकल सेंटर के सीएमडी और वरिष्ठ सर्जन डॉ. बृजेश की टीम ने किया है। डॉक्टर के अनुसार पेट का ऑपरेशन शुरू किया गया।इस बीच टीम ने देखा कि छोटी आंत से लेकर पेट तक बालों का गुच्छा फंसा हुआ है। इसके चलते आमाशय फट चुका है।तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद बड़ी ही सावधानी से बालों के गुच्छे को निकाला गया।
 
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repressive syndrome disease operated in auraiya
बालों का गुच्छा
बालों के गुच्छों का कुल वजन 742 ग्राम निकला। डॉ. ब्रजेश के अनुसार महिला ने बताया कि वह छोटी थी तब अपने ही बालों को खा लेती थी। मेड़िकल साइंस में इस मानसिक बीमारी को रेपेन्जल सिंड्रोम कहते हैं।यह बहुत ही कम लोगों को होती है।अब तक पूरे विश्व मे इस तरह की बीमारी से ग्रसित कुल 400 लोगों के ऑपरेशन किये गए।जबकि एशिया में यह आंकड़ा 120 का है।
 
repressive syndrome disease operated in auraiya
डॉक्टर बृजेश अपनी टीम के साथ
डॉक्टर के अनुसार इस ऑपरेशन की जानकारी नेशनल एवं इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ सर्जन में दी जाएगी।साथ ही स्पेसीमेन को मेडिकल कॉलेज के म्यूजियम में रखवाया जाएगा।इस तरह का ऑपरेशन की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डॉ ब्रजेश के पास देश-विदेश के सर्जनों के बधाइयों के लिए फोन आने  शुरू हो गए हैं।
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