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चित्रकूट: पूर्व विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, ये है पूरा मामला
Wed, 20 May 2020 06:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 20 May 2020 06:34 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
पूर्व विधायक वीर सिंह के हाथी के आए दिन उत्पात मचाने के बावजूद वन विभाग में रजिस्टेशन न कराने पर वन विभाग के अधिकारियों ने पूर्व विधायक के खिलाफ रैपुरा थाने में मामला दर्ज कराया है। इसके पूर्व भी नोटिस देकर रजिस्टशन कराने के लिए कहा गया।
हाथी रखने वाले को वनविभाग में पंजीकरण कराना जरूरी रहता है। जिसके स्वास्थ्य सहित उसके रहने की जानकारी हर साल लिखित वन विभाग को देनी पड़ती है। इसके बावजूद पूर्व विधायक वीर सिंह ने हाथ रखने का पंजीकरण वन विभाग में नहीं कराया। जबकि दो बार हाथी ने उत्पात भी मचाया।
जिससे विभाग के रैपुरा रेंजर रामप्रकाश ने शुक्ला ने थाना रैपुरा में पूर्व विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि जिले में दो हाथी है जिसमें एक निर्मोही अखाड़़ा का है।जिसका रजिस्ट्रेशन है दूसरा हाथी पूर्व विधायक वीर सिंह का है। जिन्होंने रजिस्टेशन नहीं कराया।
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जिससे रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बताया कि हाथी रखने वाले को हर साल पशु विभाग से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र देना पड़ता है। जिसमेें धर्मकाटा में हाथी की तौल भी होनी चाहिए। हाथी के रखने के स्थान की जानकारी भी देनी होती है।
इस मामले में पूर्व विधायक ने बताया कि हाथी उनका नहीं है। सती अनुसुईया आश्रम ट्रस्ट कबरामंदिर धाता फतेहपुर के भइयाबाबा के नाम पर था। यह राजनीति से प्रेरित मामला है। उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। हाथी इस क्षेत्र में रहता है तो वह देखरेख कर लेते हैं। किसी भी वन्य जीव को भोजन कराना पाप नहीं है। उधर रैपुरा थाना प्रभारी रमेश चंद्र ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।
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हाथी रखने वाले को वनविभाग में पंजीकरण कराना जरूरी रहता है। जिसके स्वास्थ्य सहित उसके रहने की जानकारी हर साल लिखित वन विभाग को देनी पड़ती है। इसके बावजूद पूर्व विधायक वीर सिंह ने हाथ रखने का पंजीकरण वन विभाग में नहीं कराया। जबकि दो बार हाथी ने उत्पात भी मचाया।
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जिससे विभाग के रैपुरा रेंजर रामप्रकाश ने शुक्ला ने थाना रैपुरा में पूर्व विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि जिले में दो हाथी है जिसमें एक निर्मोही अखाड़़ा का है।जिसका रजिस्ट्रेशन है दूसरा हाथी पूर्व विधायक वीर सिंह का है। जिन्होंने रजिस्टेशन नहीं कराया।
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जिससे रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बताया कि हाथी रखने वाले को हर साल पशु विभाग से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र देना पड़ता है। जिसमेें धर्मकाटा में हाथी की तौल भी होनी चाहिए। हाथी के रखने के स्थान की जानकारी भी देनी होती है।
इस मामले में पूर्व विधायक ने बताया कि हाथी उनका नहीं है। सती अनुसुईया आश्रम ट्रस्ट कबरामंदिर धाता फतेहपुर के भइयाबाबा के नाम पर था। यह राजनीति से प्रेरित मामला है। उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। हाथी इस क्षेत्र में रहता है तो वह देखरेख कर लेते हैं। किसी भी वन्य जीव को भोजन कराना पाप नहीं है। उधर रैपुरा थाना प्रभारी रमेश चंद्र ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।