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मेजर सलमान की शहादत पर ताउम्र रहेगा फख्र, पिता मुश्ताक और मां रशीदा की आंख भर आई
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 26 Jul 2017 04:18 PM IST
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कारगिल विजय दिवस
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कारगिल विजय दिवस के मौके पर देश समेत कानपुर शहर का आम-ओ-खास दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सैनिकों को नमन करता है। मेजर सलमान की शहादत पर भी सभी को ताउम्र फख्र रहेगा। सलमान 2005 में आतंकियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हुए थे।
कारगिल युद्ध 1999 में हुआ था। 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे से अपनी जमीन वापस लेकर विजय पताका फहराई थी। परिजनों का कहना है कि जब-जब कारगिल विजय दिवस आता है, तो उन्हें सलमान की जीत का एहसास होता है। सलमान के जन्मदिन या बरसी पर भी आंखें नम होती हैं लेकिन फख्र महसूस होता है। यही वजह है उनके परिवार में शहीद मेजर सलमान की तरह एक और सलमान तैयार हो रहा है। मेजर सलमान के बड़े भाई इकरार अहमद खान ने अपने बेटे का नाम भी सलमान अहमद खान रखा है। भाई मेजर सलमान की शहादत के बाद पैदा हुए अपने बेटे को मेजर सलमान की तरह बनाना चाहते हैं।
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कारगिल युद्ध 1999 में हुआ था। 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे से अपनी जमीन वापस लेकर विजय पताका फहराई थी। परिजनों का कहना है कि जब-जब कारगिल विजय दिवस आता है, तो उन्हें सलमान की जीत का एहसास होता है। सलमान के जन्मदिन या बरसी पर भी आंखें नम होती हैं लेकिन फख्र महसूस होता है। यही वजह है उनके परिवार में शहीद मेजर सलमान की तरह एक और सलमान तैयार हो रहा है। मेजर सलमान के बड़े भाई इकरार अहमद खान ने अपने बेटे का नाम भी सलमान अहमद खान रखा है। भाई मेजर सलमान की शहादत के बाद पैदा हुए अपने बेटे को मेजर सलमान की तरह बनाना चाहते हैं।
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2005 में शहीद हुए थे मेजर सलमान
शहीद मेजर सलमान खान के माता-पिता
यही वजह है कि मर्सी मेमोरियल में कक्षा छह में पढ़ने वाले सलमान को अगले वर्ष लखनऊ के सैनिक स्कूली में भर्ती कराया जाएगा। शुुरू से ही उसके दिलो दिमाग में फौजी बनने की ललक पैदा की जा रही है। उसकी परवरिश भी उसी अनुशासन के तहत हो रही है, जिससे कि सैनिक स्कूल में दाखिले के बाद उसे आसानी हो सके। परिवार में मेजर सलमान के पिता हाजी मुश्ताक, मां रशीदा बेगम, भाई इकरार और कामरान का कहना है कि उन्हें फख्र है कि सलमान ने देश की रक्षा के लिए जिंदगी कुर्बान की। इस्लाम हमेशा वफादारी की सीख देता है। उसने अपने मजहब और मुल्क दोनों का फर्ज अदा किया है। मेजर सलमान की शहादत पर उन्हें ईसाल-ए-सवाब के लिए धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं।
कौन थे मेजर सलमान
शहीद मेजर सलमान खान
मेजर सलमान अहमद खान कानपुर के किदवई नगर के रहने वाले थे। उनका जन्म 22 अक्तूबर 1978 में हुआ। मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित सिख/6 राष्ट्रीय राइफल के मेजर सलमान ने जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले एक गांव में एक आतंकी को ढेर किया। दूसरे आतंकी के भागने पर उसका पीछा करने लगे। एक घर में आतंकी के छिपे होने की सूचना मिली लेकिन वहां से स्वचालित हथियारों से उन पर हुई गोलीबारी से पांच मई 2005 को वह घायल हो गए। घायलावस्था में भी उन्होंने घर पर हथगोले फेंक कर दूसरे आतंकी को भी मार गिराया। घायल होने के बाद सात मई 2005 को वह वीरगति को प्राप्त हुए।