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UP: गगनयान के लिए बनाया रिकवरी पैराशूट, मलयेशिया को ब्रेक पैराशूट किया निर्यात
Sat, 01 Oct 2022 10:44 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 01 Oct 2022 10:44 AM IST
सार
रिकवरी पैराशूट चालक दल की गति को 216 मीटर प्रति सेकेंड से 11 मीटर प्रति सेकेंड कर सुरक्षित लैंडिंग कराएगा। कंपनी ने 2016-17 के बाद मलयेशिया को 20 ब्रेक पैराशूट निर्यात किए हैं। कंपनी ने एक करोड़ से ज्यादा का निर्यात केवल छह महीने में किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आयुध कंपनी ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) ने मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम गगनयान के चालक दल की समुद्र पर सुरक्षित लैंडिंग के लिए एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट (एडीआरडीई) के साथ मिलकर रिकवरी पैराशूट का निर्माण किया है। तीन चरणों का ट्रायल भी पूरा हो चुका है।
यह पैराशूट चालक दल की गति को 216 मीटर प्रति सेकेंड से 11 मीटर प्रति सेकेंड कर सुरक्षित लैंडिंग कराएगा। यह जानकारी कंपनी के सीएमडी वीके तिवारी ने कंपनी के जीटी रोड स्थित हेडक्वार्टर में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) को ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी बने शनिवार को एक साल हो जाएंगे।
कंपनी ने 2016-17 के बाद मलयेशिया को 20 ब्रेक पैराशूट निर्यात किए हैं। कंपनी ने एक करोड़ से ज्यादा का निर्यात केवल छह महीने में किया है। केन्या को जल्द ही पैराशूट निर्यात किया जाना प्रस्तावित है। कंपनी ने रिसर्च एंड डेवलेपमेंट को बढ़ावा देने के लिए कानपुर और दिल्ली आईआईटी के साथ करार किया गया है।
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यह पैराशूट चालक दल की गति को 216 मीटर प्रति सेकेंड से 11 मीटर प्रति सेकेंड कर सुरक्षित लैंडिंग कराएगा। यह जानकारी कंपनी के सीएमडी वीके तिवारी ने कंपनी के जीटी रोड स्थित हेडक्वार्टर में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) को ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी बने शनिवार को एक साल हो जाएंगे।
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कंपनी ने 2016-17 के बाद मलयेशिया को 20 ब्रेक पैराशूट निर्यात किए हैं। कंपनी ने एक करोड़ से ज्यादा का निर्यात केवल छह महीने में किया है। केन्या को जल्द ही पैराशूट निर्यात किया जाना प्रस्तावित है। कंपनी ने रिसर्च एंड डेवलेपमेंट को बढ़ावा देने के लिए कानपुर और दिल्ली आईआईटी के साथ करार किया गया है।
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कंपनी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत चार पेटेंट, छह कॉपीराइट, एक ट्रेडमार्क एक साल में हासिल किए हैं। वार्ता के दौरान निदेशक एचआर व ऑपरेशंस सुनील दाते, निदेशक वित्त सुरेंद्र धापोड़कर, संयुक्त महाप्रबंधक प्रतीक्षा सैनी, कार्यप्रबंधक आशुतोष त्रिपाठी मौजूद रहे।
सैन्य बलों से मिल रहा काम
सीएमडी ने बताया कि कंपनी बनने के बाद सेनाओं की ओर से 152 करोड़ के आर्डर दिए गए। कंपनी ने अक्तूबर 2021 से मार्च 2022 तक छह महीने में एक करोड़ 63 लाख का लाभ कमाया है। कंपनी के पास सेनाओं व अन्य बलों के 615 करोड़ के आर्डर हैं। निदेशक वित्त सुरेंद्र धापोड़कर ने बताया कि कार्डियो-वस्कुलर एक्सरसाइज के लिए महत्वपूर्ण गति प्रतिरोध पैराशूट कंपनी बना रही है।
सैन्य बलों से मिल रहा काम
सीएमडी ने बताया कि कंपनी बनने के बाद सेनाओं की ओर से 152 करोड़ के आर्डर दिए गए। कंपनी ने अक्तूबर 2021 से मार्च 2022 तक छह महीने में एक करोड़ 63 लाख का लाभ कमाया है। कंपनी के पास सेनाओं व अन्य बलों के 615 करोड़ के आर्डर हैं। निदेशक वित्त सुरेंद्र धापोड़कर ने बताया कि कार्डियो-वस्कुलर एक्सरसाइज के लिए महत्वपूर्ण गति प्रतिरोध पैराशूट कंपनी बना रही है।