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यूपी: झींझक में मिला दुर्लभ काला चित्तीदार कछुआ, महिला के घर से वन विभाग व पुलिस ने किया बरामद, सेंगुर नदी में छोड़ा
Sun, 07 Nov 2021 12:03 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 07 Nov 2021 12:03 AM IST
सार
प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय के डिप्टी वन रेंजर अमित कटियार ने बताया कि काले चित्तीदार कछुए की संख्या लगातार कम होने पर यह दुर्लभ श्रेणी में आ गया है। यह चंबल नदी में पाया जाता है।
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अनंतपुर धौकल गांव में मिला काला चित्तीदार कछुआ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर देहात में झींझक ब्लॉक के अनतपुर धौकल गांव में घर के पास मिले काले चित्तीदार दुर्लभ कछुए को महिला ने अपने पास रख लिया। जानकारी पाकर वन विभाग व पुलिस की टीम गांव पहुंची और महिला से कछुआ ले लिया।
संरक्षित वन्य जीव होने की जानकारी देकर कछुए को वन कर्मियों ने हवासपुर स्थित सेंगुर नदी में छोड़ा है। अनंतपुर धौकल गांव निवासी रानी देवी ने गुरुवार की देर शाम घर के बाहर एक काला चित्तीदार कछुआ जाते हुए देखा। इस पर उसने उसे पकड़ कर घर में रख लिया।
इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो शुक्रवार की सुबह से ही उसके घर भीड़ जुटने लगी। किसी ने सूचना वन रेंजर डेरापुर वीएन तिवारी को दी। इस पर उन्होंने वन दरोगा रवि किशन व वन रक्षक रामचंद्र और इरशाद अली को मौके पर भेजा।
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वन टीम रानी देवी के घर पहुंची और कछुआ मांगा तो उसने उसे छिपा दिया। इस पर वन टीम ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो महिला के घर से कछुआ मिल गया। रानी देवी व उसके पति गंगाचरण को पुलिस पकड़ कर थाने ले गई। हालांकि बाद में दंपती को छोड़ दिया गया।
मंगलपुर एसएसआई अनुज अवस्थी ने बताया कि दुर्लभ कछुआ वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया। वन रेंजर ने बताया कि काला चित्तीदार कछुआ दुर्लभ प्रजाति का है। यह शेड्यूल वन के अंतर्गत संरक्षित वन्य जीव है और चंबल नदी में पाया जाता है। कछुए को सुरक्षित सेंगुर नदी में छोड़ा गया है।
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संरक्षित वन्य जीव होने की जानकारी देकर कछुए को वन कर्मियों ने हवासपुर स्थित सेंगुर नदी में छोड़ा है। अनंतपुर धौकल गांव निवासी रानी देवी ने गुरुवार की देर शाम घर के बाहर एक काला चित्तीदार कछुआ जाते हुए देखा। इस पर उसने उसे पकड़ कर घर में रख लिया।
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इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो शुक्रवार की सुबह से ही उसके घर भीड़ जुटने लगी। किसी ने सूचना वन रेंजर डेरापुर वीएन तिवारी को दी। इस पर उन्होंने वन दरोगा रवि किशन व वन रक्षक रामचंद्र और इरशाद अली को मौके पर भेजा।
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वन टीम रानी देवी के घर पहुंची और कछुआ मांगा तो उसने उसे छिपा दिया। इस पर वन टीम ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो महिला के घर से कछुआ मिल गया। रानी देवी व उसके पति गंगाचरण को पुलिस पकड़ कर थाने ले गई। हालांकि बाद में दंपती को छोड़ दिया गया।
मंगलपुर एसएसआई अनुज अवस्थी ने बताया कि दुर्लभ कछुआ वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया। वन रेंजर ने बताया कि काला चित्तीदार कछुआ दुर्लभ प्रजाति का है। यह शेड्यूल वन के अंतर्गत संरक्षित वन्य जीव है और चंबल नदी में पाया जाता है। कछुए को सुरक्षित सेंगुर नदी में छोड़ा गया है।
तांत्रिक भ्रम फैलाकर करते ठगी
प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय के डिप्टी वन रेंजर अमित कटियार ने बताया कि काले चित्तीदार कछुए की संख्या लगातार कम होने पर यह दुर्लभ श्रेणी में आ गया है। यह चंबल नदी में पाया जाता है। सामान्य कछुए की तरह ही इसके चार पैर व 16 नाखून होते हैं। तांत्रिक बीस नाखून का कछुआ होने का भ्रम फैलाकर लोगों से ठगी करते हैं।
काला चित्तीदार कछुआ संरक्षित वन्य जीव है। चंबल नदी से इटावा साख नहर व माइनर से होकर यह अनंतपुर धौकल पहुंच गया। गांव निवासी महिला से भी कुछ लोगों ने कछुए के बीस नाखून होने की बात कही थी। तंत्र क्रिया में इसके प्रयोग की जानकारी पाकर महिला ने कछुए को घर में छिपा लिया था।
प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय के डिप्टी वन रेंजर अमित कटियार ने बताया कि काले चित्तीदार कछुए की संख्या लगातार कम होने पर यह दुर्लभ श्रेणी में आ गया है। यह चंबल नदी में पाया जाता है। सामान्य कछुए की तरह ही इसके चार पैर व 16 नाखून होते हैं। तांत्रिक बीस नाखून का कछुआ होने का भ्रम फैलाकर लोगों से ठगी करते हैं।
काला चित्तीदार कछुआ संरक्षित वन्य जीव है। चंबल नदी से इटावा साख नहर व माइनर से होकर यह अनंतपुर धौकल पहुंच गया। गांव निवासी महिला से भी कुछ लोगों ने कछुए के बीस नाखून होने की बात कही थी। तंत्र क्रिया में इसके प्रयोग की जानकारी पाकर महिला ने कछुए को घर में छिपा लिया था।