फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Rapidly growing nasal tumors in people living near the Ganges

गंगा के आस-पास रहने वाले लोगों में तेजी से बढ़ रही ये बीमारी, इन लक्षणों को न करें अनदेखा

Sat, 24 Nov 2018 10:51 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 24 Nov 2018 10:51 AM IST
सार

- जीन और हार्मोंस के डिस्बैलेंस से ऐसा हो रहा 
- अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ईएनटी सर्जन डॉ. टी जानकीराम ने दी जानकारी
- हल्के में न लें सिरदर्द, साइनस में होने वाले सिरदर्द में लापरवाही खतरनाक

विज्ञापन
Rapidly growing nasal tumors in people living near the Ganges
डॉ. टी जानकीराम

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ईएनटी सर्जन डॉ. टी जानकीराम के अनुसार उत्तर प्रदेश की गंगा बेल्ट (गंगा के आस-पास रहने वाले लोगों) में नाक का ट्यूमर (एंजियोफाइब्रोमा ट्यूमर) सबसे ज्यादा हो रहा है। जीन और हार्मोंस के डिस्बैलेंस से ऐसा हो रहा है। यूपी की गंगा बेल्ट में ही ऐसा क्यों हो रहा है, इस पर शोध चल रहा है।

विज्ञापन


कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में फंग्शनल एंडोस्कोपी साइनस सर्जरी पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन त्रिचि (तमिलनाडु) से आए डॉ. टी जानकीराम ने बताया कि उनके पास यूपी की गंगा बेल्ट से एंजियोफाइब्रोमा के बहुत मरीज में पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


यह ट्यूमर किशोरों में ही होता है। इसमें नाक के पीछे ब्रेन के पास ट्यूमर बनने लगता है। दुनिया में इस तरह के सबसे ज्यादा मरीज भारत में और भारत में यूपी की गंगा बेल्ट में सामने आ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

Rapidly growing nasal tumors in people living near the Ganges
डेमो पिक

नाक-कान-गले के जितने ट्यूमर होते हैं, उनमें से 3 प्रतिशत एंजियोफाइब्रोमा के हैं। सिरदर्द, नाक से खून आना, आंखें बाहर की तरफ निकलना और चेहरा फ्रोग फेस (मेंढक के चेहरे की तरह) होना इसके लक्षण हैं।

वे भारतीय तकनीक से ईएनटी सर्जन के साथ मिलकर नाक से इस तरह का ट्यूमर निकाल देते हैं। पहले न्यूरो सर्जन सिर काटकर इस तरह के ट्यूमर निकालते थे। अब अत्याधुनिक तकनीक से मरीज की जान जाने का खतरा नहीं रहता। 

ईएनटी पर किताब लिखने वाले डॉ. जानकीराम ने बताया कि साइनस की समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे सामान्य सिरदर्द समझकर दर्द की गोलियां खाकर टालते रहते हैं। इससे संक्रमण बढ़ता है। मवाद आंखों और दिमाग तक पहुंच सकता है। सिरदर्द के बहुत से कारणों में से एक साइनस भी है। अब इंडोस्कोपी से बहुत आसानी से साइनस के आपरेशन हो जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed