फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   rape victim lost her child

रेप पीड़िता पर टूटा पहाड़, काल के गाल में समां गया इकलौता बच्चा

Tue, 03 Jan 2017 09:58 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 03 Jan 2017 09:58 PM IST
सार

ठंड से हुई बच्चे की मौत
रेप की पुष्टि के लिए मेडिकल में हुई देरी, देर रात घर पहुंच पाई महिला
छह महीने पहले हो चुकी है पति की मौत, बच्चा ही था इकलौता सहारा
पुलिस रेप के आरोपी को अब तक नहीं पकड़ पाई

विज्ञापन
rape victim lost her child
डेमो

विस्तार

हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर में मेडिकल कराने के बाद रेप पीड़िता के देर रात घर पहुंचने से ही पहले उसका एक वर्षीय इकलौता अबोध बच्चा ठंड की चपेट में आकर काल के गाल में समां गया। जिससे उसका आखिरी सहारा भी छिन गया। वहीं, पुलिस अभी तक अज्ञात बलात्कार के आरोपी को ढूंढ नहीं पाई है। इससे पूरा परिवार दहशत में है।
विज्ञापन


थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी दलित बेवा महिला के साथ गांव के ही किसी अज्ञात व्यक्ति ने रविवार की रात शौच जाते समय खेतों में दबोचकर रेप किया था। इसके बाद उसके कपड़े भी लेकर भाग गया था। किसी तरह महिला ने घर आकर अपने सास-ससुर से आपबीती बताई। जिस पर थाने में आकर पीड़िता की तहरीर पर अज्ञात बलात्कार आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
विज्ञापन


पीड़िता को मेडिकल के लिए भेज दिया गया। पर, सोमवार को स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की लापरवाही के चलते महिला का समय से मेडिकल नहीं हो सका। जिससे वह देर रात गांव पहुंच सकी। उधर, घर में अकेला उसका इकलौता एक वर्षीय अबोध बच्चा शिवा ठंड की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। घर पहुंचने पर पीड़िता ने जब अपने बच्चे को सीने से लगाना चाहा तो उसमें जान न होने पर वह बदहवास सी हो गई। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महिला के जेठ ने बताया कि रेप की पुष्टि के लिए होने वाले मेडिकल में देरी होने के कारण वह छोटे भाई की बेवा पत्नी को लेकर देर रात गांव पहुंच सका। उसने बताया कि छोटे भाई ने छह माह पूर्व आत्महत्या कर ली थी। ये बच्चा ही उसका सहारा था। लेकिन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण वह भी छिन गया। 


उधर, थानाध्यक्ष आरके सिंह का कहना है कि पीड़िता को मेडिकल के लिए ले जाने की जिम्मेदारी उनकी है। लेकिन जब चिकित्सक मेडिकल करेंगे, तभी पीड़िता को उसके परिजनों को सौंपा जाता है। उन्हें बच्चे की मौत की जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed