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रणजी मैचों में अंक देने का फार्मेट बदला

Tue, 26 May 2015 03:51 AM IST
अमर उजाला कानपुर
अमर उजाला कानपुर Updated Tue, 26 May 2015 03:51 AM IST
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Ranji matches scoring format changed
रणजी ट्राफी मैचों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अंक प्रणाली में बदलाव किया गया है। यह परिवर्तन यूपीसीए के सुझाव पर बीसीसीआई ने किया है। इसकी पुष्टि यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला ने की। उन्होंने बताया कि इस फार्मेट से जहां टीमों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, वहीं खिलाड़ियों में भी क्रिकेट के प्रति और उत्साह बढ़ेगा। यह फार्मेट सत्र 2015-16 में लागू हो जाएगा।
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अप्रैल 2015 में सभी संबद्ध एसोसिएशन से रणजी मैचों के फार्मेट में बदलाव करने के लिए सुझाव मांगे थे। यूपीसीए ने दो सुझाव बीसीसीआई को दिए थे। दोनों मान लिए गए हैं। यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला ने बताया कि पहला सुझाव यह था कि 130 ओवर में 3.2 रन प्रति ओवर की गति से कोई टीम रन बनाती है तो उसे एक अतिरिक्त अंक मिले। वहीं गेंदबाजी करने वाली टीम 130 ओवर में विपक्षी टीम के सात विकेट गिरा देती है तो उसे एक अतिरिक्त अंक दिया जाए। बीसीसीआई ने इसे संशोधित करके 130 ओवर के बजाय 85 कर दिया। अब यदि कोई टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 85 ओवरों में 3.2 की औसत से 272 रन या इससे तेज गति से रन बनाती है तो उसे एक अंक अतिरिक्त दिया जाएगा। इसी तरह गेंदबाजी करने वाली टीम 85 ओवरों में विपक्षी टीम के सात विकेट ले लेती है तो उसे एक अतिरिक्त अंक मिलेगा। यूपीसीए सचिव ने बताया कि वर्ष 2012-13 में मुंबई और यूपी के बीच हुए रणजी मैच में मुंबई ने ढाई दिन तक बल्लेबाजी की थी और 767 रन बनाए थे, जबकि यूपी ने भी सात विकेट खोकर काफी रन बना लिए थे पर समय खत्म हो गया। इस वजह से मुंबई को तीन और यूपी को एक अंक से ही संतोष करना पड़ा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
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