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जानें, अपने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की Political Journey के बारे में, ये हैं उनसे जुड़ी 5 खास बातें
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 21 Jul 2017 09:23 AM IST
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रामनाथ कोविंद
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आज देश को नया राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के रूप में मिल गया है। बुधवार 20 जुलाई की शाम ये साफ हो गया कि रामनाथ कोविंद ही भारत के14वें राष्ट्रपति बनेंगे। रामनाथ काेविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 में कानपुर के पराैंख गांव में हुअा। उन्होंने वकालत की पढ़ाई करने के बाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 16 साल वकालत करने के बाद राजनीति में पदार्पण किया था। ये हैं उनका सियासी सफर...
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रामनाथ कोविंद
ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद सिविल सर्विसेस परीक्षा दी। पहले और दूसरे प्रयास में नाकाम रहने के बाद तीसरी बार में उन्होंने कामयाबी हासिल की। रामनाथ कोविंद ने आईएएस जॉब इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि मुख्य सेवा के बजाय उनका एलाइड सेवा में चयन हुआ था।
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रामनाथ कोविंद
1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव भी रहे। बाद में वे बीजेपी से जुड़े. पार्टी की टिकट से वे दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं लेकिन दुर्भाग्य से दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
रामनाथ कोविंद
रामनाथ कोविंद वर्ष 1991 में बीजेपी में शामिल हुए। पार्टी के प्रवक्ता का पद भी उन्होंने संभाला। कोविंद बीजेपी के दलित मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं। कुष्ठ रोगियों के लिए काम करने वाली संस्था दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कोविंद संरक्षक भी हैं।
रामनाथ कोविंद
उच्चसदन राज्यसभा में 12 वर्ष तक कोविंद बीजेपी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 1994 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
रामनाथ कोविंद
साल 2015 में बिहार के राज्यपाल चुने गए. इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बेहतर तालमेल रहा। यही वजह रही कि जब एनडीए ने राष्ट्रपति पद के लिए कोविंद की उम्मीदवारी की घोषणा की तो नीतीश कुमार ने बेझिझक उनको समर्थन देने की घोषणा की।