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जगद्गुरु समेत संत महंतों ने जताया शोक: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन पर धर्मनगरी स्तब्ध
Mon, 20 Sep 2021 09:03 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 20 Sep 2021 09:03 PM IST
सार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के निधन की खबर मिली तो जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि ऐसा हो गया।
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के निधन पर धर्मनगरी चित्रकूट के संत महंत शोकाकुल हो गए हैं। दो माह पूर्व ही वह धर्मनगरी चित्रकूट में दो दिन प्रवास कर जगद्गुरु रामभद्राचार्य से लेकर कई साधुसंतों व आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की थी।
सभी ने एक स्वर में कहा कि महंत नरेंद्र गिरी का चित्रकूट से बेहद नजदीकी संबंध रहा। मठ मंदिरों से लेकर संतों के किसी भी मामले में वह खुद चित्रकूट आते थे और निराकरण कराते थे।
सोमवार को जैसे ही यह खबर मिली कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी का निधन हो गया है तो जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि ऐसा हो गया। वह आपस में बेहद प्रेम व श्रद्धा रखते थे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष बनने के बाद वह धर्मनगरी आकर सभी संतों से मिले थे। उनके स्वभाव में सबके लिए प्रेम भाव ही था।
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सभी ने एक स्वर में कहा कि महंत नरेंद्र गिरी का चित्रकूट से बेहद नजदीकी संबंध रहा। मठ मंदिरों से लेकर संतों के किसी भी मामले में वह खुद चित्रकूट आते थे और निराकरण कराते थे।
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सोमवार को जैसे ही यह खबर मिली कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी का निधन हो गया है तो जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि ऐसा हो गया। वह आपस में बेहद प्रेम व श्रद्धा रखते थे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष बनने के बाद वह धर्मनगरी आकर सभी संतों से मिले थे। उनके स्वभाव में सबके लिए प्रेम भाव ही था।
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भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास ने कहा कि वह सब बेहद अचंभित हैं कि ऐसा असमय हो गया। उनका स्नेह याद आता है। जानकी महल के महंत सीताशरण दास, निर्मोही अखाड़ा के महंत शिवरामदास, महंत दीनदयाल दास, अनूप दास खाकी अखाड़ा, रामजी दास संतोषी अखाड़ा, सत्यप्रकाश महराज निर्वाणी यज्ञवेदी अखाड़ा आदित्य नारायण दास महानिर्वाणी अखाड़ा ने भी गहरा शोक जताया है।