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1971 की जंग में दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले वीर सपूत 'राम किशन मिश्रा' को दी गई अंतिम विदाई
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 12 Jan 2018 08:08 AM IST
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1971 की जंग के योद्धा राम किशन मिश्रा की फाइल फोटो, सलामी देते अविनाश अग्निहोत्री व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
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1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध में दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले कैप्टन राम किशन मिश्रा का गुरुवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। कैप्टन यूपी के औरैया जिले में सत्ती तालाब ठठराई मुहाल के निवासी थे। उनके निधन से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
रामकिशन मिश्रा भारतीय सेना के तोप खाना में जनवरी 1965 में भर्ती हुए थे । पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 की जंग उन्होंने लड़ी। 1971 की जंग में वह जम्मू कश्मीर के सांभा सेक्टर में तैनात थे । 1971 में इस सेक्टर में भारत की पाकिस्तान के साथ भीषण जंग हुई थी। भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को परास्त करते हुए पाकिस्तान में प्रवेश कर गई थी।
इस विजय और युद्ध के कैप्टन मिश्र अपनी रेजीमेंट के साथ हिस्सा बने। बुधवार की देर रात अपने घर में ही उनका ह्रद्य गति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन की सूचना पाकर सैनिक हैल्प लाइन के फील्ड अफसर अविनाश अग्निहोत्री ने स्टेशन मुख्यालय कानपुर ( सेना) के स्टेशन कमांडर की तरफ से सैन्य सम्मान देते हुए पुष्प अर्पित किए।
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इसके बाद उन्हे अंतिम सलामी दी गई। कैप्टन मिश्रा के पार्थिव शरीर पर पूर्व मंत्री राम जी शुक्ल, समाजसेवी लाल जी शुक्ल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व सैनिक संगठन की तरफ से सूबेदार मेजर गिरेंद्र सिंह परिहार, अनिल चौबे, प्रमोद त्रिपाठी, रामकृष्ण पाल, मो . निहाल, सुखलाल निषाद ने श्रद्धांजलि दी। उनके निधन पर भारत प्रेरणा मंच, विचित्र पहल व पूर्व सैनिक संगठन सहित कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने शोक व्यक्त किया।
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रामकिशन मिश्रा भारतीय सेना के तोप खाना में जनवरी 1965 में भर्ती हुए थे । पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 की जंग उन्होंने लड़ी। 1971 की जंग में वह जम्मू कश्मीर के सांभा सेक्टर में तैनात थे । 1971 में इस सेक्टर में भारत की पाकिस्तान के साथ भीषण जंग हुई थी। भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को परास्त करते हुए पाकिस्तान में प्रवेश कर गई थी।
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इस विजय और युद्ध के कैप्टन मिश्र अपनी रेजीमेंट के साथ हिस्सा बने। बुधवार की देर रात अपने घर में ही उनका ह्रद्य गति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन की सूचना पाकर सैनिक हैल्प लाइन के फील्ड अफसर अविनाश अग्निहोत्री ने स्टेशन मुख्यालय कानपुर ( सेना) के स्टेशन कमांडर की तरफ से सैन्य सम्मान देते हुए पुष्प अर्पित किए।
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इसके बाद उन्हे अंतिम सलामी दी गई। कैप्टन मिश्रा के पार्थिव शरीर पर पूर्व मंत्री राम जी शुक्ल, समाजसेवी लाल जी शुक्ल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व सैनिक संगठन की तरफ से सूबेदार मेजर गिरेंद्र सिंह परिहार, अनिल चौबे, प्रमोद त्रिपाठी, रामकृष्ण पाल, मो . निहाल, सुखलाल निषाद ने श्रद्धांजलि दी। उनके निधन पर भारत प्रेरणा मंच, विचित्र पहल व पूर्व सैनिक संगठन सहित कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने शोक व्यक्त किया।