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चित्रकूट: रेलवे गेट खुला रहा और धड़धड़ाते गुजर गई ट्रेन, टला बड़ा हादसा

Tue, 12 Nov 2019 08:12 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 12 Nov 2019 08:12 PM IST
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railway gate remains open and the train passed in chitrakoot
खुला रहा रेलवे गेट - फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट में मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग के मानिकपुर-सतना रेलखंड़ रेलवे ट्रैक पर मंगलवार की सुबह मारकुंडी रेलवे फाटक 402 गेट पर बड़ा हादसा होने से बच गया। गेटमैन की लापरवाही से क्रासिंग खुली रह गई और डीएमयू पैंसेजर पार कर गई। इस लापरवाही की शिकायत ग्रामीणों ने गेटमैन व सेफ्टी विभाग के अधिकारी से की तो अपनी गलती मानने की बजाए ग्रामीणों को धमकी देकर भगा दिया।
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यह भी कहा कि शिकायत पर उल्टे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। गनीमत यह रही की गुजर रही ट्रेन को आगे स्टेशन पर रूकना था। इसलिए ट्रेन धीमी गति से निकल रही थी। जैसे ही ट्रेन गुजरी तो फाटक क्रॉस कर रहे राहगीरों ने ट्रेन को देखकर दौड़कर किनारे हुए और अन्य कई वाहन चालकों को सतर्क कर दिया। जिसके चलते बढ़ा हादसा टल गया।
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ट्रेन के हार्न देने पर जब राहगीरों की नजर उस पर पड़ी तो क्रासिंग पर वाहन देख अफ रातफ री मच गई। क्रासिंग के पास मौजूद राहगीरों ने शोर मचा दिया और जिससे क्रासिंग पार कर रहे लोग सहम कर जाम हो गए। इधर कुछ ही पल में ट्रेन ट्रैक धड़धड़ाकर क्रासिंग पार कर गई। ट्रेन निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

इंटरलॉकिंग है क्रासिंग स्टेशन मास्टर ने नहीं दी थी सूचना
मानिकपुर। गेटमैन धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 402 क्त्रससिंग इंटरलॉकिंग है। हमें सूचना प्राप्त होने पर ही हमें फ ाटक बंद करने का निर्देश है। हमें जानकारी नहीं दी गई थी। मैने ट्रेन को देखकर गेट बंद किया है। ट्रेन के आने की जानकारी उसे नहीं दी गई। इसी कारण फ ाटक खुला रह गया। सिग्लन भी ग्रीन होने धड़ाधड़ ट्रेन निकल गई।

प्रत्यक्षदर्शी बिष्णु प्रसाद ने बताया कि यदि ट्रेन हॉर्न न देती और गाड़ी धीमी न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। फाटक के पास लोगों ने समय रहते सब को सतर्क कर दिया नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह रेलवे के कर्मचारियों की लापरवाही है। प्रत्यक्षदर्शी अमित कुमार ने बताया अगर हमें राहगीरों द्वारा समय से सतर्क न किया जाता तो हम आज इस दुनिया से बेमौत बिदा हो जाते। जिम्मेदारों के इस तरह के लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फि लहाल इस मामले की गहनता से जांच होनी चहिए।

सेफ्टी विभाग के अधिकारी ने ग्रामीणों से की अभद्रता
मारकुंडी के पास खुले रेलवे गेट के पास वीडियो बनाने सेफ्टी विभाग के अधिकारी वीरेंद्र शर्मा ने ग्रामीणों को डांटकर भगाने का प्रयास किया। फोटो खींचने का विरोध करते हुए मोबाइल को पकड़कर नीचे पटक दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेेफ्टी विभाग के अधिकारी ने उनके साथ गालीगलौज करते हुए मारपीट भी की है। उधर सेफॅटी विभाग के अधिकारी ने आरोपों को गलत बताया है। किसी के साथ मारपीट नहीं हुई। 
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