‘चिप वाले चोरों’ की धरपकड़ से हड़कंप, पेट्रोल पंपों पर ताबड़तोड़ छापे
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इलेक्ट्रॉनिक चिप से पेट्रोल पंपों पर हो रही चोरी पकड़ने के लिए कानपुर के अफसर नपना लेकर शनिवार को छापेमारी करने पहुंचे। डीएओ, बांट-माप विभाग और ऑयल कंपनियों के सेल्स अफसरों ने तीन पेट्रोल पंपों पर छापा मारा। पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर का पेट्रोल पंप ड्राई (बिक्री के लिए पर्याप्त डीजल और पेट्रोल न होना) मिला। इसलिए ऑयल कंपनी चेतावनी पत्र जारी करेगी।
एसटीएफ ने लखनऊ में कई पेट्रोल पंप पर चिप से पेट्रोल और डीजल चोरी का खुलासा किया था। इसमें कानपुर से ही चिप सप्लाई और कई पंप में पेट्रोल और डीजल चोरी की बात भी सामने आई थी। शनिवार को डीएसओ नीरज कनौजिया ने बांट माप विभाग के सहायक नियंत्रक आरपी सिंह की टीम, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के सेल्स अफसर उपांस कुमार और एचपी के सेल्स अफसर बैरिस्टर शाह के साथ तीन पेट्रोल पंपों पर छापे मारकर जांच-पड़ताल की।
बंद मिली बिक्री
दोपहर 12:19 बजे। स्थान-पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर के आईओसी के जगदंबा पेट्रोल पंप रामादेवी चौराहा। टीम ने सबसे पहले स्टाक की जांच की तो पता चला कि 915 लीटर डीजल और 432 लीटर ही पेट्रोल है। इसलिए शुक्रवार शाम से बिक्री प्रभावित थी। 11 अप्रैल को 15 हजार लीटर डीजल और पांच हजार लीटर पेट्रोल मंगाया गया था। रोहित तोमर ने बताया कि पैसा की कमी के कारण पेट्रोल और डीजल नहीं मंगा सके हैं। टीम ने मशीन से पांच-पांच लीटर पेट्रोल और डीजल नपना में डलवाया और घटतौली न होने की बात कही। डेंसिटी (घनत्व) मापकर शुद्धता की हरी झंडी दे दी। मशीनें खुलवाकर सील की जांच की गई।
यहां सब कुछ ओके
दोपहर 1:26 बजे। स्थान-नरेंद्र अरोड़ा का बीपीसी का नरेंद्रा फिलिंग सेंटर ओमपुरवा। टीम ने पेट्रोल पंप पर लगी सभी मशीने बारी-बारी से खुलवाई और सील की जांच की। इसके बाद नपना से तेल नापा और डेंसिटी मापने के बाद स्टाक रजिस्टर देखा और सब कुछ ओके करार दिया गया।
कोई गड़बड़ी नहीं
दोपहर 2:14 बजे। स्थान-दलपत जैन का एचपी का जैन आटोमोबाइल मॉल रोड। टीम ने मशीन से दस लीटर पेट्रोल और डीजल निकाला और मपना से नाप की, डेंसिटी मापी और मशीनें खुलवाकर सील जांची। इसके बाद कोई गड़बड़ी न मिलने की बात कह टीम चल दी।
ऑयल कंपनियों का दावा हजम नहीं
जिला पूर्ति अधिकारी ने आईओसी और एचपी के सेल्स अफसर से पूछा कि वह पंपों की जांच करते हैं या नहीं तो दोनों ने दावा किया कि हर माह 40 से 45 पंपों की जांच करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऑन लाइन स्टॉक और बिक्री देखते रहते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ने सवाल दागा कि कोई गड़बड़ी मिली या नहीं तो जवाब था कि जहां मिलती हैं वहां कार्रवाई करते रहते हैं। इस पर जिला पूर्ति अधिकारी ने उनसे पूरा ब्योरा मांगा है।
चार माह में 3.79 लाख जुर्माना वसूला
बांट-माप विभाग का दावा है कि उसने जनवरी से लेकर अब तक मंडल के सभी पांच जिलों में पेट्रोल पंपों के 1771 निरीक्षण किए। इनमें से 91 पेट्रोल पंपों पर घटतौली और मुहर देरी से लगवाने में तीन लाख 79 हजार पांच सौ जुर्माना किया।
कब लग सकता कितना जुर्माना
-मुफ्त हवा-पानी, स्वच्छ टॉयलेट, प्राथमिक चिकित्सा न देने पर पहली बार दस हजार, दूसरी बार 25 हजार, तीसरी बार एक लाख जुर्माने के साथ 45 दिन बिक्री और आपूर्ति 45 दिन निलंबित
-पेट्रोल और डीजल का उचित मूल्य न दर्शाने पर पहली बार 10 हजार, दूसरी बार 25 हजार, तीसरी बार 50 हजार जुर्माना और 15 दिन बिक्री और आपूर्ति निलंबित
-पेट्रोल या डीजल देने वाली मशीन में चिप या अन्य कोई डिवाइस या इस्टूमेंट मिलने पर लाइसेंस बर्खास्त
-घटतौली पर दो से दस हजार तक जुर्माना लगता है।