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योगी के मंत्री ने बताया मदरसों में राष्ट्रगान का असल मकसद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 13 Aug 2017 10:42 AM IST
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योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
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उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अभियंत्रण विभाग मंत्री राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह ने कहा है कि मदरसों में राष्ट्रगान की मंशा हिंदू-मुस्लिमों के बीच सौहार्द और राष्ट्रीय भावना जागृत करना है। शनिवार को जिले में आए मंत्री सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक प्रदेश में जो सरकारें रहीं उन्होंने हिंदू-मुस्लिम को बांटकर राजनीति की। लेकिन मोदी और योगी सरकार का मकसद दोनों वर्गों को ‘एक’ करना है।
शनिवार को सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि एक भारत-एक राष्ट्र के लिए हिंदू-मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई सभी को एक होना होगा। उन्होंने कहा कि मदरसे में राष्ट्रगान और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाले बच्चे टीवी पर नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि वीडियोग्राफी से मदरसों को ऐतराज नहीं होना चाहिए। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे भी देश का भविष्य हैं। मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि मंत्री बुंदेलखंड का दौरा कर समस्याएं दूर करने का प्रयास करें। उनकी सरकार 4 माह के बच्चे की तरह है।
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शनिवार को सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि एक भारत-एक राष्ट्र के लिए हिंदू-मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई सभी को एक होना होगा। उन्होंने कहा कि मदरसे में राष्ट्रगान और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाले बच्चे टीवी पर नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि वीडियोग्राफी से मदरसों को ऐतराज नहीं होना चाहिए। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे भी देश का भविष्य हैं। मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि मंत्री बुंदेलखंड का दौरा कर समस्याएं दूर करने का प्रयास करें। उनकी सरकार 4 माह के बच्चे की तरह है।
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आक्सीजन से नहीं, कमजोरी से हुई बच्चों की मौत
सर्किट हाउस में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह और एसपी शालिनी से यूं मिले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर में आक्सीजन की कमी से बच्चों की मौतों पर कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री के बयान का हवाला देकर कहा कि गोरखपुर में मौतें आक्सीजन की कमी से नहीं फोटोथेरेपी मशीन में रखे प्री-मेच्योर बच्चों की मौत कमजोरी के कारण मौतें हुईं हैं। फिर भी घटना दुखद है। इसकी जांच कराई जा रही है। मुख्यमंत्री घटना को लेकर गंभीर है। 24 घंटे में जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक (डीजीएमजी) को मौके पर भेजा गया है।
पालीटेक्निक छात्रों ने मंत्री को दिया ज्ञापन
मंत्री की अध्यक्षता में हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में शामिल भाजपा नेता।
- फोटो : अमर उजाला
भ्रमण पर आए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह को ज्ञापन देकर पालीटेक्निक छात्रों ने कहा कि 3 अगस्त को मैकेनिकल इंजीनियर प्रथम वर्ष के छात्र अमन पाल ने इलाहाबाद में आत्महत्या कर ली थी। 5 अगस्त को छात्रों ने इस मुद्दे पर डीएम को ज्ञापन देकर कहा था कि छात्र ने परीक्षा फल खराब होने व सेशनल को लेकर जान दी है। कॉलेज में छात्रों का उत्पीड़न किया जाता है। मुंह खोलने पर छात्रों का भविष्य खराब किए जाने की आशंका है। छात्र भयभीत हैं। मृतक छात्र के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने व शिक्षकों की कार्यप्रणाली की जांच कर उन्हें दंडित किया जाए।