{"_id":"58ff8c014f1c1b4766c0d7bb","slug":"protest-against-power-cut-by-samajwadi-womens","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘योगी सरकार’ को बताया ढिंढोरा पीटने वाली सराकर, ‘समाजवादी महिलाओं’ ने यहां उतारी आरती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘योगी सरकार’ को बताया ढिंढोरा पीटने वाली सराकर, ‘समाजवादी महिलाओं’ ने यहां उतारी आरती
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 25 Apr 2017 11:20 PM IST
विज्ञापन
कूलर की आरती उतारकर बिजली कटौती का विरोध जताती महिलाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के कानपुर में समाजवादी महिला सभा कार्यकत्रियां इन दिनों योगी सरकार के रवैये से काफी परेशान नजर आ रही हैं। मंगलवार को बिजली कटौती के विरोध इन महिलाओं ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने कूलर, पंखा, बल्ब, सीएफएल समेत कई विद्युत उपकरणों की महाआरती उतारी।
समाजवादी महिला सभा प्रदेश सचिव उज्मा सोलंकी ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते कहा कि योगी सरकार अपने कामों का ढिंढोरा तो बहुत पीटती है। सरकार बनते ही कहा गया था कि 24 घंटे बिजली कानपुरवासियों को दी जाएगी लेकिन वह 24 घंटे बिजली सिर्फ प्रदेश सरकार के सरकारी कागजों में दिखती है। शहर के कई मोहल्लों में छह-छह घंटे बिजली गुल रहती है। सरकार के झूठे वादों को जनता खूब समझ रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं का यह भी कहना था कि अगर शहरों में बिजली की ये हालत है तो गांव में नजारा कैसा होगा। एक बार सरकार के मंत्रियों को गांवों की हालत जाकर देखनी चाहिए।
विज्ञापन
समाजवादी महिला सभा प्रदेश सचिव उज्मा सोलंकी ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते कहा कि योगी सरकार अपने कामों का ढिंढोरा तो बहुत पीटती है। सरकार बनते ही कहा गया था कि 24 घंटे बिजली कानपुरवासियों को दी जाएगी लेकिन वह 24 घंटे बिजली सिर्फ प्रदेश सरकार के सरकारी कागजों में दिखती है। शहर के कई मोहल्लों में छह-छह घंटे बिजली गुल रहती है। सरकार के झूठे वादों को जनता खूब समझ रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं का यह भी कहना था कि अगर शहरों में बिजली की ये हालत है तो गांव में नजारा कैसा होगा। एक बार सरकार के मंत्रियों को गांवों की हालत जाकर देखनी चाहिए।
विज्ञापन