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Kanpur News: मुनाफे का खेल... यूपी का गेहूं एमपी रहे भेज

Mon, 15 Apr 2024 02:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2024 02:24 AM IST
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Profit game... UP's wheat should be sent to MP
इटावा/चकरनगर। यूपी और एमपी में गेहूं समर्थन मूल्य तो बराबर है लेकिन मध्य प्रदेश में 125 रुपये का मिल रहा बोनस यहां के किसानों को काफी भा रहा है। एमपी के बिचौलिये यहां किसानों को कुछ पैसों का लालच देकर गेहूं खरीद रहे हैं और एमपी में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
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जिले में 1.20 लाख हेक्टेयर गेहूं का रकबा है। इसकी खरीद के लिए इस बार जिले में 79 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन पर खरीद इस बार एक माह पहले ही एक मार्च से शुरू करा दी गई थी, हालांकि उस समय कटाई न होने की वजह से लगभग एक महीने सन्नाटा पसरा रहा था। इस समय लगभग 20 प्रतिशत तक कटाई हो चुकी है, लेकिन अभी तक केंद्रों पर न के बराबर गेहूं पहुंच सका है।
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इस बार लक्ष्य 92 लाख मीट्रिक टन मिला है, लेकिन डेढ़ महीने के अंतराल में सिर्फ 0.7 प्रतिशत ही सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद हुई है। कई क्रय केंद्र पर बोहनी तक नहीं हो सकी है। इसके पीछे की मुख्य वजह जिले से सटे मध्यप्रदेश में सरकारी खरीद के रेट लगभग 125 रुपये मतलब 2400 रुपये होना है। मध्यप्रदेश के बिचौलिये यहां आकर किसानों को मामूली मुनाफे का लालच देकर गेहूं खरीदकर ले जा रहे हैं। वह मध्यप्रदेश में केंद्रों पर सेटिंग का खेल खेलकर बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं।
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मध्यप्रदेश से सटे टिटवली के केंद्र पर बोहनी तक नहीं
चकरनगर। पहली बार चंबल पार साधन सहकारी केंद्र टिटावली को गेहूं खरीद केंद्र बनाया गया है। अभी तक केंद्र पर बोहनी तक नहीं हुई है। सचिव सुनील कुमार ने बताया सरकार ने गेहूं का रेट 2275 रखा है। हमारे यहां अभी कटाई चल रही है। चार-पांच दिन बाद किसान आएंगे। हालांकि पड़ोसी जिले भिंड में बने गेहूं केंद्र पर बड़ी संख्या में खरीद हो चुकी है। (संवाद)





जसवंतनगर-भरथना में भी नाम मात्र की खरीद
भरथना/जसवंतनगर। नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में आढ़तों पर शनिवार तक लगभग साढ़े छह हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, जबकि परिसर में स्थित सहकारी संघ साम्हो क्रय केंद्र पर 270 क्विंटल, सहकारी संघ महेवा क्रय केंद्र पर 74 क्विंटल एवं खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र पर 43 क्विंटल ही गेहूं की खरीद हुई है। उधर, जसवंतनगर मंडी में गेहूं का दाम लगभग ढाई हजार रुपये था, जो अब गिरकर 2260 रुपये हो गया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर 2275 रुपये में गेहूं खरीदा जा रहा है। अब लगभग दोनों ही जगह गेहूं के दामों पर समानता आ गई है। अभी तक विपणन शाखा के चार केंद्रों पर लगभग 340 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। (संवाद)





भिंड व्यापारी संपर्क में, उन्हें ही बेचेंगे गेहूं
टेड़ाडाडा निवासी बल्लू गुर्जर ने बताया कि इस वर्ष गेहूं की अच्छी पैदावार हो रही है। मैंने 32 बीघा भूमि में गेहूं की फसल बोई है। कुछ खेत से मड़ाई हो गई है। 150 क्विंटल निकलने का अनुमान है। कुछ स्थानीय दुकानदार खरीद करके भिंड बेचते हैं। वहां अच्छा रेट और नगद पैसा मिल रहा है। इसलिए उन्हें दे रहे हैं।



गनियावर निवासी अवनीश सिंह चौहान ने बताया की सरसों की फसल खराब हो गई थी। गेहूं की फसल अच्छी हुई है। 12 बीघा भूमि में 50 क्विंटल गेहूं निकलने का अनुमान है। हमेशा से भिंड की मंडी में उपज बेचते आ रहे हैं। अभी कटाई चल रही है। भिंड के खरीदार संपर्क में हैं। वहां रेट भी अच्छा मिल रहा है।





अभी कटाई चल रही है। ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में केंद्रों पर भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल मध्यप्रदेश के बिचौलियों के सक्रिय होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो टीम बनाकर छापा मारा जाएगा। किसानों का अहित नहीं होने दिया जाएगा।

- लालमणि पांडे, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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