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धर्मनगरी चित्रकूट में साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश, 125 के खिलाफ FIR
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 31 May 2017 08:44 AM IST
सार
-पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगने की वजह से लोगों में आक्रोश
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चित्रकूट में बवाल के दौरान जमा हुई भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चित्रकूट के लक्षमणपुरी मोहल्ला के सदर कोतवाली में 28 तरीख की शाम 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगे। इस पर क्षेत्रिय माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है...
दरअसल, रविवार को यहां एक मुर्दे को दफनाए जाने को लेकर दो समुदायों में यह विवाद पनपा। पलभर में मामले ने ऐसी तूल पकड़ी कि उसमें स्थानिय नेता भी कूद पड़े। देखते ही देखते वहां हुजूम जुट गया। मामला ये था कि एक रविवार शाम को मुर्दा दफनाने के लिए लक्षमणपुर मोहल्ला के कब्रिस्तान पहुंचा था। कब्रिस्तान में एक पीपल के पेड़ के करीब ये मुर्दा दफनाने लगे। इस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। इनका कहना था कि मुर्दे के पीपल के नीच न दबाकर कहीं ओर दफना दिया जाए।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। भीड़ में किसी ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा दिए। इस माहौल और बिगड़ता चला गया। इस विवाद की खबर पास मौजूद रमजान की इफ्तार पार्टी में आए समाजवादी नेताओं को मिली। वे फौरन मौके पर पहुंच गए।
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स्थिति बिगड़ते देख एक युवक ने पुलिस को इसकी शिकायत कर दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामला जैसे तैसे संभालने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। बाद में मौके पर एडीएम विजय नारायण पांडे और सीओ राजेश तिवारी भी पहुंच गए।
शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने लगभग 100 अज्ञात और 20 से 25 लोग नामजद किए हैं। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295A धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, 298 उन्माद फैलाने, 504, 506 और 147,148,149 मारपीट करने के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौकाने वाली बात ये रही कि पुलिस ने पाकिस्तान के समर्थन में लगे नारों की बात को ही दबा दिया। जबकि यह इम मामले का सबसे अहम पहलू है। इस कारण पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया जा रहा है।
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दरअसल, रविवार को यहां एक मुर्दे को दफनाए जाने को लेकर दो समुदायों में यह विवाद पनपा। पलभर में मामले ने ऐसी तूल पकड़ी कि उसमें स्थानिय नेता भी कूद पड़े। देखते ही देखते वहां हुजूम जुट गया। मामला ये था कि एक रविवार शाम को मुर्दा दफनाने के लिए लक्षमणपुर मोहल्ला के कब्रिस्तान पहुंचा था। कब्रिस्तान में एक पीपल के पेड़ के करीब ये मुर्दा दफनाने लगे। इस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। इनका कहना था कि मुर्दे के पीपल के नीच न दबाकर कहीं ओर दफना दिया जाए।
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इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। भीड़ में किसी ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा दिए। इस माहौल और बिगड़ता चला गया। इस विवाद की खबर पास मौजूद रमजान की इफ्तार पार्टी में आए समाजवादी नेताओं को मिली। वे फौरन मौके पर पहुंच गए।
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स्थिति बिगड़ते देख एक युवक ने पुलिस को इसकी शिकायत कर दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामला जैसे तैसे संभालने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। बाद में मौके पर एडीएम विजय नारायण पांडे और सीओ राजेश तिवारी भी पहुंच गए।
शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने लगभग 100 अज्ञात और 20 से 25 लोग नामजद किए हैं। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295A धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, 298 उन्माद फैलाने, 504, 506 और 147,148,149 मारपीट करने के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौकाने वाली बात ये रही कि पुलिस ने पाकिस्तान के समर्थन में लगे नारों की बात को ही दबा दिया। जबकि यह इम मामले का सबसे अहम पहलू है। इस कारण पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया जा रहा है।