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सजायाफ्ता बंदी की इलाज के दौरान हुई मौत, बेटा बोला- जेलर की लापरवाही ने ले ली जान
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 22 Nov 2018 09:41 PM IST
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सदर अस्पताल में सजायाफ्ता को लेकर आए बंदी रक्षक
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के हमीरपुर जिले में एक सजायाफ्ता बंदी को सांस लेने में तकलीफ अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। शव का पंचनामा करा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सूचना प्राप्त होने पर परिजन पहुंच गए हैं।
जलालपुर थानाक्षेत्र के बिलगांव निवासी कढ़ोरा (56) पुत्र ईश्वरदास हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट मामले में आरोपी था। पिछले 13 सितंबर को एडीजे कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाए जाने पर सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया कि सजायाफ्ता बंदी श्वांस रोग से पीड़ित था। जिसका कारागार के अस्पताल में उपचार चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उसे पिछले 19 नवंबर को जिला अस्पताल ले जाकर उपचार के बाद वापस जिला कारागार लाए थे।
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जलालपुर थानाक्षेत्र के बिलगांव निवासी कढ़ोरा (56) पुत्र ईश्वरदास हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट मामले में आरोपी था। पिछले 13 सितंबर को एडीजे कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाए जाने पर सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
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जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया कि सजायाफ्ता बंदी श्वांस रोग से पीड़ित था। जिसका कारागार के अस्पताल में उपचार चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उसे पिछले 19 नवंबर को जिला अस्पताल ले जाकर उपचार के बाद वापस जिला कारागार लाए थे।
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पिता की जान जेलर की लापरवाही के कारण हुई है- मृतक का बेटा
इसके बाद 20 नवंबर को जिला कारागार में लगे स्वास्थ्य शिविर में भी उसका परीक्षण व उपचार हुआ। गुरुवार को हालत बिगड़ने पर दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान करीब एक बजे उसकी मौत हो गई। बताया कि सूचना पर उसका पुत्र नीरज आ गया है। बताया कि डीएम के आदेश पर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।
मृतक के पुत्र नीरज ने जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत को पत्र देकर पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराने की मांग की। उसने कहा कि 13 नवंबर को वह पिता से मिलने जेल गया था। उनकी हालत देखकर जेलर से अच्छे डॉक्टर से बाहर इलाज कराने की गुजारिश भी की थी, उसने बाहर लगने वाले धन को भी स्वयं देने की बात की थी। लेकिन जेलर ने उसके निवेदन पर विचार नहीं किया।
मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया कि उसके पिता की जान जेलर की लापरवाही के कारण हुई है। इसलिए इसकी पूरी जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मृतक के पुत्र नीरज ने जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत को पत्र देकर पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराने की मांग की। उसने कहा कि 13 नवंबर को वह पिता से मिलने जेल गया था। उनकी हालत देखकर जेलर से अच्छे डॉक्टर से बाहर इलाज कराने की गुजारिश भी की थी, उसने बाहर लगने वाले धन को भी स्वयं देने की बात की थी। लेकिन जेलर ने उसके निवेदन पर विचार नहीं किया।
मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया कि उसके पिता की जान जेलर की लापरवाही के कारण हुई है। इसलिए इसकी पूरी जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।