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प्रधानमंत्री आवास घोटाला: दो बीडीओ निलंबित, 21 अपात्रों के नाम पर हड़पे गए थे लाखों रुपये
Thu, 28 Jan 2021 03:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 28 Jan 2021 03:01 PM IST
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हमीरपुर जिले के मौदहा ब्लॉक के छिमौली गांव में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत 21 अपात्र लाभार्थियों के खाते से लाखों रुपये की धनराशि आहरित कर गबन करने के मामले में शासन ने दो बीडीओ और तत्कालीन सीडीओ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
इस बड़े घोटाले में दो बीडीओ निलंबित किए गए हैं वहीं सेवानिवृत्त सीडीओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। शासन के अपर मुख्य सचिव का आदेश आते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। छिमौली गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा घोटाला किया गया है।
वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत 21 अपात्र लाभार्थियों के खाते से ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, कंप्यूटर आपरेटर की मिलीभगत से लाखों रुपये की धनराशि आहरित कर हड़प ली गई थी।
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तत्कालीन बीडीओ विजय शंकर शुक्ला व प्रभारी बीडीओ रत्नेश सिंह के समय ये घोटाला किया गया है। बीडीओ विजय शंकर शुक्ला इस समय जिले के गोहांड में बीडीओ हैं जबकि रत्नेश सिंह जिला ग्राम विकास प्रशिक्षण संस्थान मौदहा में जिला प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर तैनात हैं।
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इस बड़े घोटाले में दो बीडीओ निलंबित किए गए हैं वहीं सेवानिवृत्त सीडीओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। शासन के अपर मुख्य सचिव का आदेश आते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। छिमौली गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा घोटाला किया गया है।
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वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत 21 अपात्र लाभार्थियों के खाते से ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, कंप्यूटर आपरेटर की मिलीभगत से लाखों रुपये की धनराशि आहरित कर हड़प ली गई थी।
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तत्कालीन बीडीओ विजय शंकर शुक्ला व प्रभारी बीडीओ रत्नेश सिंह के समय ये घोटाला किया गया है। बीडीओ विजय शंकर शुक्ला इस समय जिले के गोहांड में बीडीओ हैं जबकि रत्नेश सिंह जिला ग्राम विकास प्रशिक्षण संस्थान मौदहा में जिला प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर तैनात हैं।
इस पूरे मामले की शुरुआती जांच में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है जबकि कंप्यूटर आपरेटर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी सेवायें भी समाप्त कर दी गई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए लाखों रुपये के घोटाले को लेकर मौदहा कोतवाली में भी एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
जिसमें छिमौली गांव के प्रधान की भी घोटाले में नामजदगी है। इधर इस पूरे मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस प्रकरण में गोहांड के बीडीओ विजय शंकर शुक्ला व जिला प्रशिक्षण अधिकारी रत्नेश सिंह को निलंबित कर दिया है।
इन दोनों अधिकारियों को आयुक्त ग्राम विकास लखनऊ से संबद्ध किया गया है। साथ ही तत्कालीन सीडीओ आरके सिंह के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए संयुक्त विकास आयुक्त चित्रकूट धाम बांदा मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सीडीओ आरके सिंह सेवानिवृत्त हो चुके है इसलिए इनके खिलाफ अलग से आरोप पत्र तैयार होंगे।
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत छिमौली ग्राम पंचायत में 21 फर्जी लाभार्थियों के खाते से बहुत बड़ी धनराशि ठिकाने लगाई गई है। मामला उजागर होने के बाद 23.60 लाख रुपये की धनराशि की वसूली भी कराई जा चुकी है।
जिसमें छिमौली गांव के प्रधान की भी घोटाले में नामजदगी है। इधर इस पूरे मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस प्रकरण में गोहांड के बीडीओ विजय शंकर शुक्ला व जिला प्रशिक्षण अधिकारी रत्नेश सिंह को निलंबित कर दिया है।
इन दोनों अधिकारियों को आयुक्त ग्राम विकास लखनऊ से संबद्ध किया गया है। साथ ही तत्कालीन सीडीओ आरके सिंह के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए संयुक्त विकास आयुक्त चित्रकूट धाम बांदा मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सीडीओ आरके सिंह सेवानिवृत्त हो चुके है इसलिए इनके खिलाफ अलग से आरोप पत्र तैयार होंगे।
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत छिमौली ग्राम पंचायत में 21 फर्जी लाभार्थियों के खाते से बहुत बड़ी धनराशि ठिकाने लगाई गई है। मामला उजागर होने के बाद 23.60 लाख रुपये की धनराशि की वसूली भी कराई जा चुकी है।