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जानें, रामनाथ कोविंद ने किसे कहा राष्ट्रपति से भी बड़ा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:18 AM IST
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कानपुर के ईश्वरीगंज गांव पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर बिठूर की पावन धरती से 1857 में प्रथम स्वाधीनता संग्राम के दौरान नाना साहब पेशवा के नेतृत्व में यहां के लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई छेड़ी थी। आज एक बार फिर बिठूर के ही ईश्वरीगंज गांव से देश में एक और लड़ाई की शुरुआत हो रही है। और यह लड़ाई है अस्वच्छता के खिलाफ स्वच्छता की। ईश्वरीगंज गांव के लोगों ने अस्वच्छता के खिलाफ संघर्ष का जो उदाहरण पेश किया है, वह देश के सवा सौ करोड़ लोगों के लिए मिसाल है। हम सब को एक साथ मिलकर देश को गंदगी से निजात दिलानी होगी।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कानपुर में बिठूर स्थित ईश्वरीगंज गांव से राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। राष्ट्रपति कोविंद देश भर में 15 सितंबर से दो अक्तूबर तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
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यह देश का भाग्य बदलने वाला अभियान है
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पुष्प गुच्छ भेंट करते सीएम योगी आदित्यनाथ
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छता का यह अभियान सिर्फ सरकारों और इस काम से जुड़े लोगों के भरोसे पूरा नहीं होगा। इसके लिए आम लोगों को आगे आना होगा। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति एक होता है, लेकिन राष्ट्र निर्माता कई होते हैं। राष्ट्र निर्माता राष्ट्रपति से बड़ा होता है। प्रत्येक व्यक्ति इस राष्ट्र का निर्माता है। देशवासियों में राष्ट्र निर्माण के लिए होड़ की जरूरत है।
आज से 100 साल पहले महात्मा गांधी ने कहा था कि जब तक हम खुद झाड़ू-बाल्टी नहीं उठाएंगे, देश और शहर को साफ नहीं कर पाएंगे। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत का अभियान शुरू किया। सभी को संकल्प लेकर देश को खुले में शौच से मुक्त कराना है। यह देश का भाग्य बदलने वाला अभियान है। इसका फायदा आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा।
आज से 100 साल पहले महात्मा गांधी ने कहा था कि जब तक हम खुद झाड़ू-बाल्टी नहीं उठाएंगे, देश और शहर को साफ नहीं कर पाएंगे। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत का अभियान शुरू किया। सभी को संकल्प लेकर देश को खुले में शौच से मुक्त कराना है। यह देश का भाग्य बदलने वाला अभियान है। इसका फायदा आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा।
अभिनेता अमिताभ बच्चन के विज्ञापनों का किया उल्लेख
मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद
अभिनेता अमिताभ बच्चन के विज्ञापनों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वह कहते हैं कि दरवाजा बंद तो बीमारी बंद। ऐसे कई विज्ञापनों से बच्चन लोगों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। देशवासियों को लगता होगा कि वह इन विज्ञापनों के लिए सरकार से करोड़ों रुपये ले रहे होंगे। वास्तविकता में ऐसा नहीं है। अमिताभ बच्चन इन विज्ञापनों के लिए कोई शुल्क नहीं लेते।
राष्ट्रपति ने कहा कि गंदगी समाज के लिए अभिशाप है। गंदगी से होने वाली बीमारियों, उपचार आदि पर देश की कुल जीडीपी का 6.4 फीसदी हिस्सा खर्च हो जाता है। बीमारियों की चपेट में आने से कार्य करने की क्षमता घटती है। बच्चों की लंबाई नहीं बढ़ती। जब तक घर की महिलाएं शौच से वापस नहीं आ जातीं, घर के बड़े-बुजुर्गों चिंतित रहते हैं। देश की कई बच्चियों ने शौचालय न होने पर शादियों तक से इंकार दिया है। कानपुर की कई बच्चियों ने भी ऐसे कई उदाहरण पेश किए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि गंदगी समाज के लिए अभिशाप है। गंदगी से होने वाली बीमारियों, उपचार आदि पर देश की कुल जीडीपी का 6.4 फीसदी हिस्सा खर्च हो जाता है। बीमारियों की चपेट में आने से कार्य करने की क्षमता घटती है। बच्चों की लंबाई नहीं बढ़ती। जब तक घर की महिलाएं शौच से वापस नहीं आ जातीं, घर के बड़े-बुजुर्गों चिंतित रहते हैं। देश की कई बच्चियों ने शौचालय न होने पर शादियों तक से इंकार दिया है। कानपुर की कई बच्चियों ने भी ऐसे कई उदाहरण पेश किए हैं।
सिक्किम इस दिशा में देश में सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा
कानपुर पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
सिक्किम खुले में शौच मुक्त होने की दिशा में देश में सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्वास है कि उत्तर प्रदेश भी पीछे नहीं रहेगा। इसमें प्रदेशवासियों की भी सक्रिय भूमिका होगी। हम देश-प्रदेश की सरकारों को चुनने के लिए मतदान करते हैं। इसके पीछे हम सबका स्वार्थ होता है। इसी तरह सफाई से भी हमारा स्वार्थ जुड़ा है। इससे बीमारियां नहीं होंगी। आसपास का वातावरण स्वच्छ और लोग स्वस्थ रहेंगे। इसलिए देश का हर नागरिक इस अभियान से जुड़े।
दिलाई स्वच्छता की शपथ
स्वच्छता की शपथ दिलाते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
इससे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को स्वच्छता ही सेवा की शपथ दिलाई। इसके अंतर्गत 15 सितंबर से लेकर दो अक्तूबर 2017 तक चलने वाले अभियान में घर, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, रेलवे, बस स्टेशन, तालाबों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता रखने, गांव-कस्बों को खुले में शौच मुक्त करने, खाने से पहले व शौच के बाद हाथ धोने और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई।