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मानो खुली आंखों से देख रहे हों सपना, राष्ट्रपति के भांजे ने बताए अनुभव
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 05:29 PM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का परिवार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जल, थल और वायु सेना अध्यक्ष समेत कई महान विभूतियां पास बैठी थीं। बिल्कुल पास से उनको देख रहा था। ऐसा लग रहा था मानो खुली आंखों से सपना देख रहा हूं। ऐसा कभी सोचा नहीं था। राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर लौटे उनके भांजे श्याम बाबू कोविंद ने यह बातें कहीं।
रायसीना हिल के अनुभव बताते हुए उनका गला रुंध गया।
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रायसीना हिल के अनुभव बताते हुए उनका गला रुंध गया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का परिवार
कानपुर रावतपुर स्थित आफीसर्स कालोनी निवासी श्यामलाल कोविंद जीएनके इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं और उनकी पत्नी मनोरना कानपुर देहात में मजिस्ट्रेट की निजी सचिव हैं। सुबह साढ़े बजे ऊंचाहार एक्सप्रेस से कानपुर लौटे श्याम बाबू ने बताया कि घर से स्कूल और स्कूल से घर, बस इसी में जीवन बीत गया था। सोचा भी नहीं था कि राष्ट्रपति के करीब बैठने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली पहुंचते ही राष्ट्रपति भवन से गाड़ी लेने आई थी। गेस्ट हाउस में ठहराया गया।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का परिवार
समारोह में सभी रिश्तेदारों और राष्ट्रपति जी के खास लोगों कोे पांच नंबर गेट से प्रवेश दिया गया। शपथ ग्रहण समारोह के दिन उनसे मुलाकात नहीं हुई। अगले दिन लंच के दौरान वेे सहजता से आए और परिवार के सभी सदस्यों के साथ फोटोग्राफी कराई। गॉर्ड आफ आनर के समय ऐसा मनोरम दृश्य था कि पूरे जीवन भर याद रहेगा जहां प्रधानमंत्री और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ देश के बड़े-बड़े नेता और आलाधिकारियों की कतार लगी थी। जिनसे मिलना भी असंभव था उनके पास बैठने का अवसर मिला। मामा जी पर हमें गर्व है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का परिवार
दादी ने कहा यहीं रहेंगे तेरे पापा
श्याम बाबू की बेटियां प्रतिभा और गायत्री ने बताया कि बाबा-दादी (कोविंद व पत्नी) उन्हें बहुत प्यार करते हैं। बाबा के शपथ ग्रहण के अगले दिन दादी (राष्ट्रपति की पत्नी) से फोन पर बात की थी। पापा श्याम बाबू कै लौटने के लिए पूछा तो उन्होंने कहा कि तेरे पापा यहीं रहेंगे।
श्याम बाबू की बेटियां प्रतिभा और गायत्री ने बताया कि बाबा-दादी (कोविंद व पत्नी) उन्हें बहुत प्यार करते हैं। बाबा के शपथ ग्रहण के अगले दिन दादी (राष्ट्रपति की पत्नी) से फोन पर बात की थी। पापा श्याम बाबू कै लौटने के लिए पूछा तो उन्होंने कहा कि तेरे पापा यहीं रहेंगे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का परिवार
राष्ट्रपति को भेंट की कविता
राष्ट्रपति के दूसरे भांजे काकादेव निवासी रामशंकर ने राष्ट्रपति को अपनी कविता भेंट की है। वे अभी दिल्ली में रिश्तेदार के घर पर ही रुके हुए हैं। वे अपनी बेटी के साथ शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए थे।
राष्ट्रपति के दूसरे भांजे काकादेव निवासी रामशंकर ने राष्ट्रपति को अपनी कविता भेंट की है। वे अभी दिल्ली में रिश्तेदार के घर पर ही रुके हुए हैं। वे अपनी बेटी के साथ शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए थे।