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60 एकड़ के प्लाट को निरस्त करने की तैयारी
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 23 Dec 2014 02:54 AM IST
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यूपीएसआईडीसी के पूर्व चेयरमैन बाबू सिंह कुशवाहा के नजदीकियों को वाराणसी में दी गई 60 एकड़ भूमि का आवंटन निरस्त करने की तैयारी निगम प्रबंधन ने शुरू कर दी है।
निगम सूत्रों के मुताबिक लगभग पांच साल से खाली पड़ी यह औद्योगिक भूमि कोकाकोला कंपनी को बॉटलिंग प्लांट के लिए दी जा सकती है। इस संबंध में आवंटन संबंधी फाइल खंगाली जा रही है।
पूर्ववर्ती बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा का भर्ती घोटाले के अलावा तमाम भूखंड आवंटन और लैंडयूज चेंज के मामलों में भी नाम आता रहता है।
उनके विरुद्ध कई जांचें भी चल रही हैं। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में प्रदेश सरकार औद्योगिकीकरण की तैयारियां कर रही है। यह महत्वपूर्ण दायित्व यूपीएसआईडीसी को सौंपा गया है।
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निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्वांचल क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण का काम काफी मुश्किल है। यहां पहले से ही निगम का लैंड बैंक काफी कमजोर है। इधर पांच साल से पहले आवंटित ऐसे भूखंडों की सूची निकलवाई गई, जिनमें उद्योगों की स्थापना नहीं हुई है।
यूपीएसआईडीसी प्रबंध निदेशक मनोज सिंह ने बताया कि पूर्वांचल क्षेत्र में औद्योगिकीकरण की तैयारी है। यहां बड़े भूखंडों की लगातार मांग आ रही है।
बनारस में साठ एकड़ भूखंड पर कोई औद्योगिक गतिविधि आरंभ नहीं हुई है, इसके चलते इसे रद्द करके दोबारा आवंटित कर उद्योग की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं।
इधर, कोकाकोला वाराणसी में एक बॉटलिंग प्लांट लगाने के लिए लगातार भूखंड दिए जाने का आवेदन भी कर रहा है।
इसे देखते हुए अब यह तय किया गया है कि नियम-कानून का सहारा लेते हुए इस भूखंड का आवंटन रद्द करके इसे कोकाकोला को आवंटित किया जाएगा।
सोनभद्र में बनेगा औद्योगिक क्षेत्र
सोनभद्र में चार सौ से एक हजार एकड़ में नया इंडस्ट्रियल एरिया बसाने की कवायद शुरू हुई है। प्रबंध निदेशक मनोज सिंह ने बताया कि यहां थर्मल और हाईड्रो पावर स्टेशन के अलावा पत्थर की माइनिंग का बड़ा काम है।
यहां सीमेंट की इकाइयों की स्थापना के लिए भूखंड की मांग संबंधी आवेदन आ रहे हैं। साथ ही तमाम सहयोगी इकाइयों की स्थापना भी संभव है। इसके लिए एक टीम बनाकर सर्वे आरंभ किया जा रहा है।
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निगम सूत्रों के मुताबिक लगभग पांच साल से खाली पड़ी यह औद्योगिक भूमि कोकाकोला कंपनी को बॉटलिंग प्लांट के लिए दी जा सकती है। इस संबंध में आवंटन संबंधी फाइल खंगाली जा रही है।
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पूर्ववर्ती बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा का भर्ती घोटाले के अलावा तमाम भूखंड आवंटन और लैंडयूज चेंज के मामलों में भी नाम आता रहता है।
उनके विरुद्ध कई जांचें भी चल रही हैं। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में प्रदेश सरकार औद्योगिकीकरण की तैयारियां कर रही है। यह महत्वपूर्ण दायित्व यूपीएसआईडीसी को सौंपा गया है।
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निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्वांचल क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण का काम काफी मुश्किल है। यहां पहले से ही निगम का लैंड बैंक काफी कमजोर है। इधर पांच साल से पहले आवंटित ऐसे भूखंडों की सूची निकलवाई गई, जिनमें उद्योगों की स्थापना नहीं हुई है।
यूपीएसआईडीसी प्रबंध निदेशक मनोज सिंह ने बताया कि पूर्वांचल क्षेत्र में औद्योगिकीकरण की तैयारी है। यहां बड़े भूखंडों की लगातार मांग आ रही है।
बनारस में साठ एकड़ भूखंड पर कोई औद्योगिक गतिविधि आरंभ नहीं हुई है, इसके चलते इसे रद्द करके दोबारा आवंटित कर उद्योग की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं।
इधर, कोकाकोला वाराणसी में एक बॉटलिंग प्लांट लगाने के लिए लगातार भूखंड दिए जाने का आवेदन भी कर रहा है।
इसे देखते हुए अब यह तय किया गया है कि नियम-कानून का सहारा लेते हुए इस भूखंड का आवंटन रद्द करके इसे कोकाकोला को आवंटित किया जाएगा।
सोनभद्र में बनेगा औद्योगिक क्षेत्र
सोनभद्र में चार सौ से एक हजार एकड़ में नया इंडस्ट्रियल एरिया बसाने की कवायद शुरू हुई है। प्रबंध निदेशक मनोज सिंह ने बताया कि यहां थर्मल और हाईड्रो पावर स्टेशन के अलावा पत्थर की माइनिंग का बड़ा काम है।
यहां सीमेंट की इकाइयों की स्थापना के लिए भूखंड की मांग संबंधी आवेदन आ रहे हैं। साथ ही तमाम सहयोगी इकाइयों की स्थापना भी संभव है। इसके लिए एक टीम बनाकर सर्वे आरंभ किया जा रहा है।