प्रकाश जावड़ेकर के लैटर बम से हड़कंप, किया बड़ा खुलासा
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ये है मामला
ये है मामला
बांदा-चित्रकूट के सांसद भैरौं प्रसाद मिश्र ने बांदा और चित्रकूट जिलों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग पिछले वर्ष जुलाई माह में संसद में उठाई थी। अब आठ महीने बाद केंद्रीय मानव विकास संसाधन मंत्री ने सांसद को लिखित जवाब भेजा है।
जिसमें मंत्री ने कहा है कि उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन से जांच करवाई। इसमें बताया गया कि वर्ष 2011-12 में बांदा जनपद में नया केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत किया गया था। लेकिन जिला प्रशासन ने जमीन, अस्थाई भवन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं। इस वजह से वर्ष 2012-13 में यह आदेश वापस ले लिया गया। बांदा का विद्यालय कहीं और दे दिया गया।
केंद्रीय मंत्री ने खोले और भी राज
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि बाद में बांदा जिला प्रशासन ने 10 अप्रैल 2013 को नवोदय विद्यालय के लिए दूसरा प्रस्ताव भेजा। इसमें बांदा के कृषि विश्वविद्यालय में नवोदय विद्यालय खोलने की बात थी। लेकिन विश्वविद्यालय में सिर्फ पांच एकड़ भूमि का प्रस्ताव भेजा गया। जबकि केंद्रीय विद्यालय मानकों के मुताबिक नागरिक क्षेत्र में आठ एकड़ भूमि उपलब्ध कराकर केंद्रीय विद्यालय संगठन के नाम स्थानांतरित कराना जरूरी होती है।
केंद्रीय विद्यालय खोलने के मामले में प्रशासन जमीन उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हुए। नतीजे में शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि नहीं हासिल हो सकी। दोनों जिलों के प्रशासन की लापरवाही का खुलासा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के पत्र से हुआ है।
इसी तरह चित्रकूट के केंद्रीय विद्यालय के बारे में केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि चित्रकूट में डिलौरा गांव में पांच एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी। लेकिन यह जमीन ऊबड़ खाबड़ है और उसके समतलीकरण पर भी भारी खर्च आएगा। साथ ही इस जमीन तक लिंक रोड और सड़क मार्ग न होने से भवन निर्माण कराना संभव नहीं होगा। मंत्री ने बताया है कि चित्रकूट जिलाधिकारी से केंद्रीय विद्यालय संगठन ने अनुरोध किया है कि इन कमियों को राज्य सरकार के खर्च पर पूरा करवाएं। ताकि भूमि स्वीकार करके अगली कार्रवाई की जाए।