{"_id":"681a6ce480fc84f9cf0fede6","slug":"posing-as-a-municipal-corporation-inspector-he-robbed-rs-45000-in-the-name-of-house-tax-kanpur-news-c-362-1-ka11006-123384-2025-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: नगर निगम का इंस्पेक्टर बता गृहकर के नाम पर हड़पे 45 हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: नगर निगम का इंस्पेक्टर बता गृहकर के नाम पर हड़पे 45 हजार
विज्ञापन
कानपुर। नगर निगम का इंस्पेक्टर बता आउटसोर्सिंग कर्मी ने महिला से 45 हजार रुपये हड़प लिए। शिकायत पर दो कर्मचारियों को जांच में दोषी पाया गया। मंगलवार को नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने दोषी आउसोर्सिंग कर्मी सोनू चक्रवर्ती को सेवामुक्त कर दिया। साथ ही नियमित कर्मी राजेश के निलंबन की संस्तुति की है।
सफीपुर प्रथम निवासी कृष्णा देवी ने नगर आयुक्त से शिकायत की थी कि उनके 69-ए व 5-ए मकान का साल 2024 का 55 हजार रुपये गृहकर बकाया था। बेटे के दोस्त राजेश ने बताया कि नगर निगम का इंस्पेक्टर परिचित है जो बिल कम कर जमा करा देंगे। राजेश टैक्स इंस्पेक्टर बताकर सोनू चक्रवर्ती को लेकर आया और 45 हजार रुपये जमा करने को कहा। एक माह बीतने के बाद जब पता किया तो जानकारी हुई कि सोनू साधारण कर्मचारी है।
नगर निगम के टैक्स इंस्पेक्टर विजय सोनकर ने दोनों को बुलाकर आश्वासन दिया कि सोनू से पैसा जमा करा रशीद दे देंगे लेकिन अभी तक नहीं मिली है। जोन-2 के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि आरोपियों ने पैसा लेकर जमा नहीं किया था। अब पीड़ित का बकाया जमा कर रसीद दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सफीपुर प्रथम निवासी कृष्णा देवी ने नगर आयुक्त से शिकायत की थी कि उनके 69-ए व 5-ए मकान का साल 2024 का 55 हजार रुपये गृहकर बकाया था। बेटे के दोस्त राजेश ने बताया कि नगर निगम का इंस्पेक्टर परिचित है जो बिल कम कर जमा करा देंगे। राजेश टैक्स इंस्पेक्टर बताकर सोनू चक्रवर्ती को लेकर आया और 45 हजार रुपये जमा करने को कहा। एक माह बीतने के बाद जब पता किया तो जानकारी हुई कि सोनू साधारण कर्मचारी है।
विज्ञापन
नगर निगम के टैक्स इंस्पेक्टर विजय सोनकर ने दोनों को बुलाकर आश्वासन दिया कि सोनू से पैसा जमा करा रशीद दे देंगे लेकिन अभी तक नहीं मिली है। जोन-2 के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि आरोपियों ने पैसा लेकर जमा नहीं किया था। अब पीड़ित का बकाया जमा कर रसीद दी जा रही है।
विज्ञापन