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नोटिस के बाद भी संचालन, दो डाइंग इकाइयां सील, गंगा को कर रही थीं मैली
Fri, 28 Feb 2020 08:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 28 Feb 2020 08:22 PM IST
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कानपुर की गंगा में बढ़ा प्रदूषण
कानपुर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने गुरुवार को पनकी गंगागंज के कपली में संचालित दो डाइंग इकाइयों को सील कर दिया। मानकों को पूरा न करने पर क्षेत्र की तीन इकाइयों को बोर्ड की तरफ से कुछ दिन पहले ही बंदी का नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, सिर्फ एक ही इकाई ने इस आदेश का पालन किया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी फ्रैंकलिन ने बताया कि तीनों इकाइयों के पास बोर्ड की तरफ से संचालन की अनुमति नहीं थी। इनका कचरा भी सीधे नालियों के जरिये गंगा में जा रहा था। एसीएम सप्तम अरुण कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने तीनों इकाइयों का निरीक्षण किया। इनमें एसआरएम डाइंग और एएस टेक्सटाइल चलती हुई मिलीं। सहमत डाइंग बंद मिली। इन सभी को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया है।
उधर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यूपीपीसीबी को आदेश दिया है कि गंगा में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद कर 29 फरवरी तक रिपोर्ट दें। इस संबंध में सीपीसीबी के चेयरमैन आरएस प्रसाद ने पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि मौके पर जाकर शीतला बाजार, वाजिदपुर और बुधिया घाटों से गंगा में औद्योगिक कचरा गिराने वाले नाले देखें।
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यहां के चार नालों को सबसे अधिक औद्योगिक कचरा गंगा में गिराने के लिए चिह्नित किया गया है। इसी तरह रतनपुर में गंगा के कैचमेंट क्षेत्र को प्रदूषित करने वाले नालों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कहा गया है। घाट पर मौजूद पंपिंग स्टेशनों का संचालन दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी फ्रैंकलिन ने बताया कि तीनों इकाइयों के पास बोर्ड की तरफ से संचालन की अनुमति नहीं थी। इनका कचरा भी सीधे नालियों के जरिये गंगा में जा रहा था। एसीएम सप्तम अरुण कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने तीनों इकाइयों का निरीक्षण किया। इनमें एसआरएम डाइंग और एएस टेक्सटाइल चलती हुई मिलीं। सहमत डाइंग बंद मिली। इन सभी को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया है।
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उधर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यूपीपीसीबी को आदेश दिया है कि गंगा में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद कर 29 फरवरी तक रिपोर्ट दें। इस संबंध में सीपीसीबी के चेयरमैन आरएस प्रसाद ने पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि मौके पर जाकर शीतला बाजार, वाजिदपुर और बुधिया घाटों से गंगा में औद्योगिक कचरा गिराने वाले नाले देखें।
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यहां के चार नालों को सबसे अधिक औद्योगिक कचरा गंगा में गिराने के लिए चिह्नित किया गया है। इसी तरह रतनपुर में गंगा के कैचमेंट क्षेत्र को प्रदूषित करने वाले नालों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कहा गया है। घाट पर मौजूद पंपिंग स्टेशनों का संचालन दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।