पुलिस भर्ती: बसों में खिड़कियों से घुसे अभ्यर्थी, ट्रेनों के आरक्षित कोचों में कब्जा, युवाओं ने जताई नाराजगी
Kanpur News: सुबह और शाम की परीक्षा छूटने के बाद पूरा भार झकरकटी, चुन्नीगंज और रावतपुर बस अड्डे पर आ गया। यहां इस कदर परीक्षार्थियों की भीड़ रही कि काफी संख्या में युवा खिड़की से बस के अंदर दाखिल हुए।
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कानपुर में पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम और रेलवे की ओर से की गई तैयारियों पर परीक्षार्थियों की भीड़ भारी साबित हुई। रोडवेज बसों में जहां सीट के लिए मारामारी रही तो सेंट्रल से होकर जाने वाली कुछ सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों के आरक्षित कोच में भी अभ्यर्थी घुस गए। उन्हें आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के चेकिंग दल ने मशक्कत कर नीचे उतारा। ट्रेन के अनारक्षित कोच में भी बैठने को लेकर खींचतान हुई।
सेंट्रल, गोविंदपुरी, अनवरगंज स्टेशन से स्पेशल ट्रेनें होकर गईं, जबकि झकरकटी बस, चुन्नीगंज और रावतपुर बस अड्डे से बसों की संख्या बढ़ाने के साथ ही उनके फेरों में इजाफा किया गया। परीक्षा में कई शहरों से महिला और पुरुष अभ्यर्थी शामिल हुए। सुबह और शाम की पालियों की परीक्षा समाप्त होते ही झकरकटी, रावतपुर, चुन्नीगंज बस अड्डे और सेंट्रल स्टेशन, गोविंदपुरी, रावतपुर और कल्याणपुर रेलवे स्टेशन की ओर एकदम से परीक्षार्थी निकले। परीक्षार्थी सिटी बस, ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा से पहुंचे। झकरकटी बस अड्डे पर लंबी दूरी की बसों की अपेक्षा 250 और 300 किलोमीटर रूट पर चलने वाली बसों की संख्या और फेरे बढ़ाए गए।
सिटी और रोडवेज बसों में परीक्षार्थियों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी। देखते ही देखते झकरकटी बस अड्डे पर परीक्षा देकर लौटे युवाओं और दूसरे शहरों से कानपुर आने वाले परीक्षार्थियों की भीड़ बढ़ गई। लखनऊ, प्रयागराज, महोबा, उरई, रायबरेली, हरदोई, झांसी, आगरा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बिधूना जाने वाली बसें फुल हो गईं। ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड ने बसों को बारी-बारी से निकलवाया। युवाओं को चित्रकूट, महोबा, प्रयागराज, बेला, बिधूना, फिरोजाबाद, दिल्ली रूट की बसों के लिए इंतजार भी करना पड़ा।
लखनऊ, झांसी, खजुराहो, टूंडला के लिए चलीं स्पेशल ट्रेनें
सेंट्रल स्टेशन से सुबह और शाम की पालियों में लखनऊ, झांसी, खजुराहो, टूंडला के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। यहां पर परीक्षार्थी की संख्या बस अड्डे के मुकाबले कम रही। दोपहर की परीक्षा छूटने के बाद सेंट्रल स्टेशन पर जरूर अभ्यर्थी आ गए थे, लेकिन शाम की पाली के बाद थोड़े-थोड़े अंतराल में परीक्षार्थी पहुंचे। दोपहर के वक्त नेताजी एक्सप्रेस, सीमांचल, नार्थ ईस्ट से कई युवा गए। शाम की पाली में फर्रुखाबाद छपरा एक्सप्रेस, झांसी फोर्ट और चौरीचौरा एक्सप्रेस से काफी संख्या में परीक्षार्थी रवाना हुए।
झकरकटी से चलीं 118 बसें, आगरा रूट की बसों के लिए करते रहे इंतजार
सुबह और शाम की परीक्षा छूटने के बाद पूरा भार झकरकटी, चुन्नीगंज और रावतपुर बस अड्डे पर आ गया। यहां इस कदर परीक्षार्थियों की भीड़ रही कि काफी संख्या में युवा खिड़की से बस के अंदर दाखिल हुए। अकेले झकरकटी बस अड्डे से अभ्यर्थियों के लिए 118 बसें चलाई गईं, जिसमें 47 आगरा रूट पर रवाना हुईं। शाम सात से नौ बजे तक झकरकटी बस अड्डे पर आगरा रूट की एक भी बस नहीं थी, जिसकी वजह से युवाओं ने रोडवेज प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। परिवहन अधिकारियों ने आगरा रूट की बसों को जल्दी झकरकटी आने के लिए निर्देशित किया। देर रात तक झकरकटी, लखनऊ, बांदा, झांसी रूट के लिए परीक्षा देने आए युवक और युवतियां बसों से रवाना हुए।
सेंट्रल स्टेशन पर बनाया कंट्रोल रूम
परीक्षा के लिए सेंट्रल स्टेशन पर कंट्रोल रूम बनाया गया, जहां से डिप्टी सीटीएम आशुतोष सिंह, एसीएम संतोष कुमार त्रिपाठी, आरपीएफ इंस्पेक्टर, जीआरपी प्रभारी आरडी यादव समेत अन्य अधिकारी पल पल की जानकारी लेते रहे। स्टेशन के प्लेटफार्म और अन्य जगहों पर आराम कर रहे अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य के लिए जाने को बोला गया।
पहली बार माइक्रो लाउड हेलर का हुआ इस्तेमाल
सेंट्रल स्टेशन पर शुक्रवार को पहली बार माइक्रो लाउड हेलर का इस्तेमाल किया गया। इससे चेकिंग स्टाफ ने अभ्यर्थियों को अहम जानकारियां दी। पुलिस और प्रशासन की ओर से इसका इस्तेमाल पूर्व में भीड़ को निर्देश देकर नियंत्रित करने के लिए हो चुका है, सेंट्रल स्टेशन पर पहली बार उपयोग हुआ।